बचपन में सांकेतिक कथा कही सुनाई जाती थी पढ़ी भी जाती थी कि एक राजा मिडास था उसने ईश्वर की भक्ति की और सोने से अतिशय प्रेम होने के कारण उसने भगवान से कहा कि जिस चीज़ को छू लूँ वह सोना हो जाए. ये बात अलग है कि वो परेशान बहुत हुआ उसके बाद... Continue Reading →
बैंक में लाश!
हम भारतीय नागरिक सरकारी कामकाज के मामले में ऐसे ही है चाहे वो पीएसयू में हो, सचिव भवन में हो, सचिवालय में हो, मंत्रालय में हो, संचालनालय में हो, अस्पताल में हों या ट्रांसपोर्ट की चौकी में हो या पुलिस थाना या चौकी में हो. प्रथम दृष्ट्या उड़ीसा के बैंक वालों की माँग के पीछे... Continue Reading →
आदतें (567)
कल ओ.पी.डी. में 16 वर्ष के बच्चे को दिखाने उसकी माँ आई और मां ने पहला वाक्य ही कहा कि डॉक्टर साहब, मेरे बेटे का मुँह नहीं खुलता है. और देखने में वाक़ई में मछली के मुँह की तरह उसका मुँह पूरा जबड़े से खुला ही नहीं. पहला प्रश्न ही दिमाग़ में आया कि ये... Continue Reading →
धन्यवाद (566)
अति प्राचीन कथानक है कि एक बार एक मानव को भगवान से मिलने और देवलोक में जाने का अवसर हुआ जहाँ उस अतिमानव ने ईश्वर से कहा कि मुझे अपने देवलोक के दर्शन करा दीजिए हैं. देवलोक में प्रभुजी ने तीन अतिरिक्त कमरे भी दिखाए जिनके बारे में अतिमानव की जिज्ञासा बड़ी ही अद्भुत हुई.... Continue Reading →
MR: दो दीवाने सहर में
No Spoiler! “दो दीवाने सहर में” नामक 2026 में प्रसारित चलचित्र के देखने का अवसर हुआ. यह बात स्वीकार योग्य है कि मानव जीवन को कमियों के साथ जीवन जीना पड़ता है और जीवन का रस आदर्श स्थिति पैदा करने में नहीं हैं बल्कि कमियों के साथ जीवन को सुंदर बनाने में है. आज के... Continue Reading →
पुरुष के हिस्से आई!
सिर से उड़ते बाल और गंजा होता सिर रंग पहचानने की कमी कलर ब्लाइंडनेस पुरुष को रोने की अनुमति नहीं है नशे की लत - यदि अनुशासित स्व- नियंत्रण न हो तो तंबाकू, शराब और ड्रगस्टोर के आदी होने में पुरुष को देर नहीं लगती है राजनीति के खेल और खेल की गतिविधि को आसानी... Continue Reading →
क्यों ये जीवन (563)
अक्सर यह प्रश्न उठता है कि मुझे यह मानव जीवन क्यों मिला है ?मेरे मानव जीवन का उद्देश्य क्या है ?मैं कितनी बार से इस प्रथ्वी पर आ रहा हूँ और मेरी आगे की यात्रा क्या है ? कभी कभी जब आध्यात्मिक विचार पर होता हूँ तो सोचता हूँ कियह लीला क्यों रचाई है ?पंचतत्वपांच... Continue Reading →
सच्चा टूट जाता है
यहाँ मज़बूत से मज़बूत लोहा टूट जाता हैकुछ झूठ इकट्ठे हो तो बेशक़ सच्चा टूट जाता है भले करो निरंतर मरम्मतें खुद कीफिर भी एक न एक नुक्स निकल आता है. नेमतें भले मिली हों कितनी भीईश्वर का धन्यवाद मानना भूल जाता है. आप सबको ख़ुश नहीं कर सकतेपर ख़ुद को भी ख़ुश रखना भूल... Continue Reading →
Lesson of Fin Disaster
हाल ही में आत्महत्या और हत्या के दो अजीबोगरीब क़िस्से सुनने में आये है. क्रिप्टॉ करेंसी में 30 मिलियन यूएस डॉलर के विरुद्ध मार्जिन पर 100 मिलियन डॉलर का दाँव खेलने वाले यूक्रेन के एक युवा को त्वरित घाटा होने से अपनी महँगी कार लैंबोर्गिनी में आत्महत्या करना पड़ी है. वहीं स्टॉक मार्केट की ट्रेडिंग... Continue Reading →
मंत्र चिकित्सा
मेरे गाँव क्यारीपुरा से बचपन के दिनों में की गयी यात्रा के संदर्भ में मेरी अनमोल यादें सुरक्षित है. मेरे ग्रैंड फादर यानी दादा जी के साथ बिताए हुए पल ना केवल मेरे जीवन की अनमोल धरोहर हैं बल्कि जीवन का पाठ और शिक्षण भी है. साधु व्यक्तित्व के संग बिताए क्षण जब मैं पुनः... Continue Reading →
मज़ा ते सजा:पूरक तत्व
मज़ा और सजा लगभग एक ही शब्द अभिज्ञापक हैं और तुकांत भी प्रस्तुत करते हैं परंतु अर्थ में दोनों विपरीत अर्थी है आपको जानकर आश्चर्य होगा कि मज़ा और सज़ा दोनो एक दूसरे के पूरक प्रतीत होते हैं. प्रश्न उठ सकता है कि ऐसा कैसे है तो कहा जाता है जहाँ मज़ा है वहाँ सजा... Continue Reading →
Life Doesn’t Go Smooth Always!
Somewhat, What! You go up and certainly down,Success comes & just vanishes,Still we sail together or aloneLife doesn’t go smooth always We worship or just ignoreGod remains there or not.God doesn’t mind for whatLife doesn’t go smooth always. Tired or retired or be energeticTime passes you by believe meBurping, sedated or alcoholicLife doesn’t go smooth... Continue Reading →
नशेमन: एक अनुभव
चिकित्साशास्त्र की प्रैक्टिस में हर रोगी एक अद्वितीय चित्र की प्रस्तुति करता है जिससे प्रैक्टिसरत चिकित्सक के अनुभवों की एक ऐसी बैटरी तैयार हो जाती है जो आश्चर्य की बुनियाद पर 1 नई बुलंद इमारत खड़ी करती है. किसी भी जीवन की अनमोल थाती है “अनुभव” और वह अनुभव ही क्या जो आपको आश्चर्य में... Continue Reading →
Maturity
Maturity is a difficult word as well as A situation. Maturity is more or less insane as it has multiple multidirectional and multifaceted State of mind combined with actions. Maturity is so rare commodity that one has to incalculate variety of factors and aspects of life to generate it at level 1 and continue to... Continue Reading →
फाँस (blog 555)
नगर के नए विकसित होते क्षेत्र में बनता है एक नया अस्पताल.चारों ओर हरियाली.खुला मैदान.ठंडी हवा की खनक.चारों ओर मिट्टी की खुशबु क्योंकि शहर से दूर भी और गाँव से जुड़ा इलाक़ा जहाँ तेज़ी से आधुनिक सभ्यता अपने पैर पसार रही है बारिश थोड़ी सी हुई है, मिट्टी में महक है,अस्पताल का उद्घाटन समारोह.चिकित्सा व्यवसाय... Continue Reading →
26/11
छब्बीस ग्यारह को विवाह नहीं करूँगा!क्या मतलब?जी पिताजी वही जो मैंने कहा! पिता पुत्र का मुखर और मौन संवाद जारी था. पिता हतप्रभ थे कि विवाह के सबसे शुभ मुहूर्त 26 नवंबर पर बेटे को अपने विवाह में सात फेरे लेने पर आपत्ति है. पिता भी चुप्पी साध गये कि बेटे की बात का मान... Continue Reading →
आदर्श-वाद से सज्जित या पीड़ित.
आज एक अद्भुत कथानक पढ़ने का संयोग हुआ जिसमें एक व्यापारी ने अपना ऊँट अच्छे मोल बेच दिया और खरीददार को घर जाकर ऊँट की काठी के नीचे ज़ेवर की पोटली मिली और उसने ख़रीददार ने बेचवाल व्यापारी को वह जेवर पोटली ले जाकर वापस कर दी. जब उन्होंने इस धन वापसी के कृतज्ञता के... Continue Reading →
देश सेवा का प्रश्न(552)
देशसेवा का प्रश्न- सामयिक प्रश्न है मैं भी देश की सेवा कैसे करूँ? मैं कैसे सैनिक बन दुश्मनों का संघार करूँ और मैं भी देश की उत्तरोत्तर उन्नति में सक्रिय सहभागिता अंकित करूं. मैं भी देश की सेवा कैसे करूँ??? प्रश्न जटिल हो सकता है? परंतु उत्तर कठिन नहीं है देश का हर नागरिक देश... Continue Reading →
दु:साहसी ड्राइवर और मैं तो उत्तरदायी नहीं का दंभ…(551)
दु:साहसी ड्राइवर और मैं तो उत्तरदायी नहीं का दंभ… सड़क पर चलित वाहनों की आजकल की उपलब्ध शक्तिशाली श्रंखला, उच्च कोटि की सड़कों का निर्माण, युवा उत्साह, दुःसाहस और हिम्मत से भरा हुआ वाहन चालक एक खतरनाक संयोग है. बिना बात की शीघ्रता से तीव्रता के साथ सड़क नापने को आतुर सड़क पर अवतरित इन... Continue Reading →
अन्तरात्मा
बचपन से ही एक कथा सुनते आते हैं कि हर मानव के अंतर्मन में दो भेड़िये रहते हैं.एक अच्छा और एक बुरा.और दोनों आपस में लड़ते रहते हैं!यह पूछे जाने पर कि आख़िर इन भेड़ियों की लड़ाई में जीतता क़ौन है ? तो उत्तर मिलता था जिस भेड़िए को तुम भोजन कराते हैं वह भेड़िया... Continue Reading →