Rakhi (666)

क्या अजब ग़ज़ब त्योहार हैधागे की गठान बांधने कोकलाई पर धागा बने साक्षीबहन का बंधन एक भाई को सावन मास की पूर्णिमा कोरक्षा का वार्षिक तत्व आबद्धएक बहन के लिए उसका भाईसंबंधों की गरिमा को प्रतिबद्ध कोई रस्म मात्र नहीं है यहरक्षा-सूत्र हेतु बहन दूर से आईथाली में टीका, रोली-अक्षतदिया-बाती, कुछ मीठा सजाई और रेशम... Continue Reading →

Movie Review : The Last Samurai

इतिहास के दृष्टांतों और पृष्ठभूमि को देखा जाए तो मानव इतिहास के वैश्विक पटल पर युद्ध की राजनीति और राजनीति का युद्ध यदा-कदा नहीं निरंतर होने वाली घटना के रूप में देखा जा सकता है. न जाने क्यों ऐसा प्रतीत होता है कि मानव के गुणसूत्रों में झगड़े का तत्व उपस्थित है और वह मानव... Continue Reading →

समीक्षा: Facing El chapo

ज़िंदगी अनिश्चितताओं, डर, आशंका और जानलेवा मुठभेड़ों से भरी है, और अगर आप एक ड्रग माफिया देश मेक्सिको में पुलिस वाले हैं और अचानक माफिया के सुप्रीम लीडर एल चोपो को गिरफ्तार कर लेते हैं तो प्राण भय , परिवार भय का उच्च स्तर हावी हो जाता है. यह माफ़िया डॉन इतना डरावना है कि... Continue Reading →

MR: Facing El Chapo

Movie Review: Movie based on real incidence Life is full of uncertainties, fear, apprehension, and deadly encounters, One time on the other. And if you are a police man in a drug Mafia country Mexico and suddenly arrest the mafia supreme leader El Chapo. This Don is so fearful even police force is a bit... Continue Reading →

मानो या न मानो

क्या तुम भगवान में विश्वास करते हो? मैंने एक GenZ लड़के से पूछा, जब मैं उसके साथ ट्रैवल कर रहा था। उसने मुझे कुछ शक से देखा और बस NO कहा। क्या तुम नास्तिक हो? मैंने बातचीत जारी रखने की कोशिश की। तुम ऐसा कह सकते हो, उसने जवाब दिया। तो तुम भगवान में विश्वास... Continue Reading →

Believe It Or Not!

Do you believe in God?I asked a GenZ boy, while travelling with him. He looked with some scepticism at me and just said NO. Are you an atheist? I tried to continue with the conversation. You can say like that, he replied. So you don’t believe in God, but still not fully an atheist. Right?... Continue Reading →

मानो न मानो!

जीवन में सबसे जटिल है सत्य जानते हुए असत्य के संग रहना. सत्य ये भी है कि ब्रह्मांड में स्थित हजारों निहारिकाओं में उपस्थित अरबों ग्रहों के सौर मंडल भी हैं. और इस विशाल रचना में सबसे छोटे तारे हमारे सूर्या का आकर इतना बड़ा है कि उसमें १३ लाख पृथ्वी समा जायें. इस भयंकर... Continue Reading →

नकल में अक्ल नहीं समानता का अधिकार होता है

आज अख़बार में एक रोचक समाचार पढ़ने का सौभाग्य हुआ जहाँ मध्य प्रदेश के सागर संभाग स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय के एक निजी महाविद्यालय के अर्थशास्त्र के छात्रों ने नक़ल का वह उदाहरण प्रस्तुत किया कि बरबस ही होठों पर मुस्कान आ गई और मन प्रफुल्लित हो गया. अनैतिक मूल्यों की पूजा करते इस महाविद्यालय के... Continue Reading →

Old Age Times!

ई.एस.आई. ट्यूबरक्लोसिस हॉस्पिटल - एक अनुभव कितनी उम्र है बाबा?91 बरस!क्या वाक़ई?हां बेटा, 1935 का जन्म है!अरे वह आप तो मेरे पिता जी की उम्र के साथी हैं. स्वच्छ कुर्ता पजामा पहने मास्क लगाये जब यह बाबा जी मेरे क्लिनिक-कक्ष में प्रविष्ट हुए तो सत्तर साल के बुजुर्ग दिख रहे थे परंतु जब उपचार पत्रक... Continue Reading →

भाग्य की कहानी…(656)

बचपन में माँ एक कहानी सुनाया करती थी कि एक राजा था. उसे तीन बेटियां थी और वह मनोरंजन के भाव से रोज अपनी बच्चियों से पूछते थे कि तुम किस के भाग्य से खाना खाती हो. बड़ी बेटी ने बोला, पिताश्री मैं आपके भाग्य से खाती हूँ. मंझली बेटी का उत्तर भी समान था... Continue Reading →

अति डेमोक्रेसी(655)

मैं ये सब लंबे समय से कहता चला आ रहा हूँ पिछले कुछ वर्षों से देश में अति-डेमोक्रेसी याने अति-प्रजातंत्रवादी के नए दौर से गुज़र रहा है जहाँ बिना किसी नैतिक उत्तरदायित्व के आपको कुछ भी कहने की समग्र स्वतंत्रता है. अपशब्दों के प्रयोग के साथ कोई भी किसी भी व्यक्ति को समक्ष में सोशल... Continue Reading →

स्वयं प्रेम में कैसे पड़ें ?

पुरानी कहावत है कि भीतर की यात्रा करना सब से जटिल कार्यों में से एक है यानी अहम ब्रह्मास्मी अर्थात् ब्रह्म का दिव्या स्वरूप आपके अन्तर मन में निहित है और स्वभाव की कमजोरियों की वजह से अन्तर-मन में विराजित प्राकृतिक भगवान की अवधारणा को समझ नहीं पाता है.मुझे प्रतीत होता है कि भीतर की... Continue Reading →

नशे का अजब संसार

सत्ता का नशा,यौवन का नशा,धन का नशा,सौन्दर्य का नशाबाहुबल का नशा तोवाक्-पटुता का नशा यामेधावी होने का नशा यासफल होने का नशाकुछ अच्छे नशे की श्रेणी में उपलब्ध है तो वहीं कुछ नशे घातक ही नहीं प्राणघातक होते हैं वे न केवल मादक द्रव्यों के नशे हैं बल्कि समाज और देश को भी खोखला करने... Continue Reading →

चिकित्सक का दर्द

बारिश में हम ऐसे होतेकंजक्टिवाइटिस से पीड़ितआँख आ गई है कहते हमजो आँख कहीं गई नहीं !! त्वचा है सबसे बड़ा अंगहोती कभी नम कभी शुष्कखुजली है किसने कब चखीकहते मीठी मीठी खुजली है !! सीने में आग जैसी हैया लगत का दर्द है रहताहृदय रोग हो सकता हैपरंतु एसिडिटी है कहता !! पांव में... Continue Reading →

परम ऊर्जा : साकार से निराकार से साक्षात्कार (651)

बिना शरीर के आत्मा की भी गति नहीं है. ऊर्जा को भी भौतिक रूप में साकार होना पड़ता है तभी निराकार भी सार्थक हो पाता है. मानव की शरीर योनी के इस अवतार में मुक्ति अथवा मोक्ष प्राप्ति का प्रयास एक सीढ़ीनुमा बैकुण्ठ धाम की यात्रा है जिसमें प्रथम सीढ़ी, साकार रूप (Physical) की विवेचना... Continue Reading →

Reset Quickly (650)

Blog - हिंदी/English In this era of technology and artificial intelligence, human emotions and values have taken a backseat. All through the life from crèche to school, from college to carrier, from having kids to grown kids and then leading to life of geriatric profile gives a picture with all possible ups and down. One... Continue Reading →

Happy or Married or Happily Married

हिंदी/English दोनों भाषाओं में ब्लॉग Luckily, I came across with a question. Are you married, or are you happy? This has been a question enjoyed & asked every now and then in every circle, group or Society. The ones who are not married, dying to get married and the ones who are married are just... Continue Reading →

रक्त में समर होता है

हर बच्चे में एकबड़ा व्यक्ति होता हैबड़े व्यक्ति में भी एक भीछुपा बच्चा होता है जो बहती नदी मेंझांको तो जीवन हैडूबने को तालाब में भीछुपा समंदर होता है देखो तो चाँद भी हैप्रेम के आग़ोश मेंसूर्य तो प्रथम ऊर्जा भीहवन में छुपा सूरज होता है प्रकृति ही जीवन दाता हैअहंकार भले कर लोजल जैसा... Continue Reading →

Movie : The Odyssey

मुझे कभी सुनने में नहीं आया था ग्रीस याने पुराने यूनान में नेत्रहीन लेखक हमर ने आज से ढाई हज़ार वर्ष पूर्व एक कहानी लिखी थी. ओडेशियस नामक राजा के बारे में जो कथानक लिखा था उस कथा पर विज्ञान फैंटेसी के सेल्यूलॉइड निर्माता क्रिस्टोफर नोलान एक चलचित्र बना देंगे और मैं उसे देखने थिएटर... Continue Reading →

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