युवा लोगों के लिए सफल विवाह के 5 बिंदु - मन, ह्रदय और मस्तिष्क से निश्चय करें कि आप सच में शादी करना चाहते हैं. यह सिर्फ़ सेक्सुअल लाइफ़ नहीं है, बल्कि आपकी सामाजिक ज़िम्मेदारी भी है. भरोसा करें, कोई भी आदर्श जीवनसाथी नहीं होता है. मेरा राजकुमार जैसा पति या मेरी विश्व सुंदरी जैसी... Continue Reading →
Rule of 5
Rule of BE 5:-How to invest in stocks- Park your hard earned but extra money in fundamentally strong yet time tasted company share. Despite all technicals, Revenue & Net Profits are the 2 most important features to reflect the health of a company. BE A BLUE CHIP LOVER. Invest in to stocks & accumulate even... Continue Reading →
BR : Many Lives, Many Masters
हर जिज्ञासु के मन में कभी न कभी यह प्रश्न अवश्य उत्पन्न होता है मेरे इस जन्म लेने के पूर्व मैं क्या था और मेरी मृत्यु के बाद मेरा क्या होगा !!! हिसाब होगा या पुनर्जन्म? मेरा ये जीवन किसी अन्य जीवन काल के कर्मों से क्या संबंधित है??? जीवन का अर्थ क्या है और... Continue Reading →
मित्रता का पोर्टफ़ोलियो(640)
कभी तो ये ससुरा दौड़ लगाएगा और मेरे इन्वेस्टमेंट डिसीज़न को सही साबित करेगा! शेयर बाज़ार में अपनी होल्डिंग को आज देख रहा था तो कुछ प्रथम श्रेणी के शेयर मुनाफ़े के साथ गर्व के साथ सीना ताने खड़े थे तो अधिकतर द्वितीय श्रेणी के शेयर घाटे में बेशर्मी के साथ सिर ऊपर परंतु निगाह... Continue Reading →
Am I a Wise Person?
It’s Easy to Judge ?It’s Easy to Judge others ! Isn’t it? But,How many of us can ask this question of judging their own self? Let’s Ask. Am I a Good Person!Am I a Wise Person!What is exactly Being Wise?Who is a Wise Person?What qualities a wise person can possess?Who can judge a person how... Continue Reading →
Output & Outcome
Output (उत्पाद ) outcome( वास्तविक लाभ) - The magic of these two magical words: output (product) and outcome (real benefit) is amazing. The government's principle of installing toilets and implementing them on the ground is the physical fulfillment of the task in the form of a product OUTPUT. This is the output. The benefits resulting... Continue Reading →
Bheda-Ghat
पंचतत्वों में से एक, जल, यूँ तो साकार या भौतिक अस्तित्व से परिपूर्ण है परंतु निराकार रूप में प्रस्तुत वायु और आसमान की भाँति अपने स्वरूप को बदल सकने में, लगभग निराकार रूप को प्रस्तुत करने में सक्षम भी है. जल की उपयोगिता तो निसंदेह स्थापित है और बिना जल के जीवन की उत्पत्ति, जीवन... Continue Reading →
इतना विष लाते कहाँ से हो!
Spewing Venom तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझे फ़ोन करने की !मैं तुम्हारी नौकरी को नर्क बना दूँगा !तुम किसी काम के नहीं हो !तुम्हारी कामचोरी अव्वल दर्जे की है !तुम्हारा कुछ नहीं हो सकता है !तुम नकारा हो ! जैसे वाक्यों से पीड़ित एक शांत कर्मचारी ने एक दिन भगवतगीता पाठ किया और उसे समझ... Continue Reading →
FIFA Match Blog
Watching FIFA World Cup on TV has been a compulsory and passionate sports activity since 1986, Mexico World Cup. If I can recall correctly a match between France and Brazil, was termed as the last game played in most gentleman way in the last century. But the match I am covering in this blog is... Continue Reading →
Rule of 5
Marriage Notes for Young Aspirants - Get convinced that you really want to get married. It’s just not Sexual life but social, legal, familial & moral responsibility as well.Be CONVINCED. There is NO perfect spouse, believe me. Get such a person ASAP after having a counselled time period. Little compromise is salt of married life.BE... Continue Reading →
राम राम सा…
जय श्रीराम या राम - राम का अभिवादन प्रतीकात्मक नहीं है धार्मिक या आध्यात्मिक रुचि का बल्कि विभिन्न परिस्थितियों में जय श्रीराम के निहितार्थ भी भिन्न हैं. जय - श्रीराम एक उद्बोधन मात्र नहीं है जो सामने सामने हुए व्यक्तियों के मिलने पर अभिवादन का प्रतीक है बल्कि जीवन के विभिन्न सुख एवं दुख के... Continue Reading →
Rule Of 5
Sex Act (INTERCOURSE) - It’s a very natural act and even every land or aquatic animal knows how to perform. It’s not rocket science & requires just cool state of mind & mutual consent.BE PHYSICALLY FIT. Go slow in the Sex Act. Don’t press the panic button during the sex act. Foreplay is the key... Continue Reading →
Analyse India !
A. India is running after two affirmative things since last two and half decades as a Society.….. A1. The first thing on a good note is desperate money making at all levels, from individual to corporate to national level by all hooks & crooks. A2. And the second looking like factor is India is running... Continue Reading →
मैं भी भगवान बनूं!!! (630)
भगवान को परिभाषित करना कठिन नहीं लगभग असंभव है क्योंकि भगवान की अवधारणा मूलतः भौतिक और शारीरिक अधिक है. समझ ना आने वाली अभौतिक या अशरीरी शक्ति के ईश्वरीय सिद्धांत से आलोकित हो तो भी आश्चर्य नहीं है. साकार रूप से हम अपने पूजनीय आराध्य के भक्त होते हैं. हमारे माँ पिता सबसे पहले परम... Continue Reading →
रोता मानव!
पैदा होते ही समय पर रोना, मानव के नवजात शिशु के लिए अनिवार्य है. बाक़ी सब मिथ्या है.! नाटक है! दिखावा है और विदा होती दुल्हन की रुदन भी रस्म अदायगी ही है! क्या ये सही है. परंतु एक अलग तरह कारण बड़ा सामान्य है जो बिना आंसुओं के साथ रोए प्रस्तुत होता है जो... Continue Reading →
पिता बनना आसान नहीं!
पिता स्थूल जीव मात्र नहींपिता ऐसे प्राणप्राण होतेघर की धुरी में अनमोलधन-मशीन मात्र नहीं होते पिता उस जीव के वाहकसंतान के जनक मात्र नहींनौ माह के गर्भ से आगे होजीवन सुरक्षा के हामी होते पिता एक नाम मात्र नहींएक अलौकिक दायित्व हैसंतान के फलने फूलने काएक अलिखित साहित्य है पिता की निगाह सदा गोचरपलते बढ़ते... Continue Reading →
यात्रा तो पृथ्वी की है!
यात्रा तो पृथ्वी की हैबना लो अनुपम स्वर्गकर्म अपना निर्णय करया बना लो दर्द का नर्क यात्रा सात समुंदर की हैबना लो सुंदर जीवनअनुशासन प्रेम दया सेया बना लो दर्द का नर्क यात्रा तो पंचतत्व की हैबना लो हरा भरा मैदानसदस्यता से रहे भरपूरया कष्ट अहंकार का नर्क यात्रा तो सद्भाव की हैहरेक को बना... Continue Reading →
भस्मासुर 625
पौराणिक कथाओं का हमारे जीवन में विशेष स्थान है जो सामाजिक व्यवस्था को एक नई सोच के साथ शुद्धता प्रदान करने का प्रयास करते है जैसे वनवास में माँ सीता की सुरक्षा के लिए उनके देवर लक्ष्मण ने लक्ष्मण रेखा की सुरक्षा रेखा खींची थी और वह लक्ष्मणरेखा मां सीता के लिए नहीं थी जिसके... Continue Reading →
मेरी फाँस
फाँस लकड़ी अथवा बाँस की वह छोटी से छोटी छिलपट होती है जो पैर या हाथ की त्वचा में धँस जाए तो दर्द और चुभन से निरंतर अपनी उपस्थिति को न केवल अंकित करती चलती है बल्कि जातक को बेचैन कर देती है कि कैसे इस फाँस से मुक्ति पाई जाए !! कुछ फाँस ऐसी... Continue Reading →
ये हरा भरा
ये हरा भराकितना खरासदा हर्षितकभी नहीं बुरा डाल डगालीहरा हरियालीजड़ है चेतनस्वर जैसे जुगाली हरे हरे लचकदारकोमल निर्मल पत्तेछोटा सा जीवनवर्ष होते झड़ते है मजबूत तनासीना ताने खड़ाझंझावतों को झेलकर्तव्य को अड़ा