जासूस डॉक्टर (590)

जनरल प्रैक्टिस भी तरह तरह के रोगियों से साक्षात्कार कराती है और क्लिनिक में अर्जित किए गए अनुभव एक नए आयाम के दर्शन भी प्रदर्शित करती है. आज ओ. पी. डी. में एक षोडशी सी कन्या के शरीर में कमज़ोरी होने, चक्कर आने की परेशानियों के संबंध में अपनी समस्या बताई. इतिहास कुरेदने पर पता... Continue Reading →

सत्या और असत्या

असत्या- कैसे मुस्कुरा लेते है आप विपरीत परिस्थिति में भी? सत्या- आसान है. असत्या- कैसे? सत्या- कई बरसों से अभ्यास किया है. असत्या- अरे? सत्या- हाँ. असत्या- बताओ तो? सत्या- जब भी नकारात्मक विचार आए मुस्कुराइए! असत्या- वो कैसे संभव है? सत्या- यही परीक्षा है. जब भी बुरा सोचें मुस्कुराइए! असत्या- क्यों? सत्या- क्यूंकि आप... Continue Reading →

सत्य और बाघ – कैसी तुलना

सत्य और बाघ - क्या एक समान हैं? सत्य से सब डरते हैं! तो बाघ से भी सब डरते हैं! सत्य राजा है, सामाजिक व्यवस्था का तो बाघ को जंगल का राजा माने जाने के विशिष्ट कारण हैं. कदाचित इन्ही कारणों से बाघ एकांत प्रिय हैं, एकल हैं यथा दुर्लभ दर्शन हैं और कथाओं के... Continue Reading →

नशा अभी बाकी है !

बीत गई बहुतबातें अभी बाक़ी हैदेखे दुनिया का रंगनशा अभी बाक़ी है आपा धापी का मेलाभीड़ में भी अकेलाकोई इधर तो उधररेलम पेलम ढेला जन्मा ही था महानरचने को उच्च विधानअपने स्वार्थ की दौड़ मेंकहीं न छूटा निशान अतिशेष का विशेषउत्साह नहीं तो निस्तेजहर दिन होवे सवेराजीव ऊर्जावान थोड़ा शेष उगता सूरज दमकेसाँझा होते यूँ... Continue Reading →

Key west, Miami, Florida 585

उत्तर में कनाडा तो दक्षिण में क्यूबा, पूर्वी में समादर तो दक्षिण में प्रशांत महासागर. विशाल भूखंड का स्वामी है संयुक्त राज्य अमेरिका जो अपनी सामरिक, प्रयोगधर्मिता, तकनीकी विकास की अपूरित प्यास के साथ राजनीतिक शक्ति के कारण पूरी दुनिया का स्थापित सरपंच है. परंतु अपनी भौगोलिक संरचनाओं की समृद्धता में भी किसी भी देश... Continue Reading →

Journey Within!

✔️Q. Hello Sir.A. Namaskar, Bhai.Q. I am Sumit. How do you do!A. I am Anil. How are you!Sumit: I am seeing you on this morning track since long and found you, to be keeping your eyes on earth or on sky and keep sporting a mild and subdued smile. You don’t indulge in conversation with... Continue Reading →

Journey Within!

Q. Hello Sir.A. Namaskar, Bhai.Q. I am Sumit. How do you do!A. I am Anil. How are you!Sumit: I am seeing you on this morning track since long and found you, to be keeping your eyes on earth or on sky and keep sporting a mild and subdued smile. What’s the reason? Anil: I remain... Continue Reading →

इंदौर नगरिया!

इंदौर - मराठा राजा होलकर का राज्य क्षेत्र भारत की हृदय में स्थित देश के दूसरे सबसे बड़े राज्य, मध्य-प्रदेश की काली मिट्टी से आलोकित मालवा क्षेत्र का जीवंत शहर हैं इंदौर. वर्ष 1732 में इंद्रपुर नाम से मराठा राज्य में स्थापित इंदौर होल्कर राजवंश का मुख्य व्यावसायिक बाजार रहा जिसे आम नागरिक, मुंबई का... Continue Reading →

कर्मण्ये

सुना, तुम्हारा ट्रान्सफर हो गयाहै? हाँ जी. अरे कैसे? सरकारी नौकरी में तो ज्यादा ट्रान्सफर होते नहीं हैं? ऐसा ही है न ! अरे नहीं, कोई आरक्षण नहीं है, और कोई बड़ी घटना भी नहीं है. प्रशासन का मंतव्य राज्यपाल के आदेश का पालन सर्वोपरि है और नौकरी करना है तो कहीं भी करो. फिर... Continue Reading →

पंचेंद्रिय- मौसम अनुसार

मानव शरीर में पाँच इंद्रियाँ होती हैं - दृष्टि, गंध, स्वाद, स्पर्श और श्रवण - और ये अपनी अनुभूतियों के विषयों के संपर्क में आकर सुख और दुख की अनुभूतियाँ उत्पन्न करती हैं। इनमें से कोई भी अनुभूति स्थायी नहीं है। वे बदलते मौसम की तरह आती-जाती रहती हैं। हालाँकि ठंडा पानी गर्मियों में सुख... Continue Reading →

एक लोटा पानी:पुस्तक समीक्षा(580)

जब टीवी और इंटरनेट स्मार्टफ़ोन का दौर नहीं था, पुस्तकें ही एकमात्र नैतिक शिक्षा, मनोरंजन और क़िस्से-किस्सागोई का माध्यम होती थी. तब की एक किताब है “एक लोटा पानी” जो गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा आज दिनांक तक लगभग 20 लाख प्रतियों में छापी जा चुकी है. समान रूप से लोकप्रिय एवं स्त्री पुरुष वृद्ध युवा सभी... Continue Reading →

मरते समय !

ओशो कहते हैं मरते समय यह आनंद रहे कि अपनी मर्ज़ी से जिया, अपनी शर्तों पर मजा लिया, ख़ूब आनंद से जिया और अब अशरीरी यात्रा को आनंद से चल पड़ा पड़ा… क्या अद्भुत कथन है ! जीवन लीला का द्योतक है और निरापद जीवन कठिनाई से संभव है . वहीं सहज जीवन की आस... Continue Reading →

ठहरो जरा !

कहने को तो यह बात क्षणिक और छोटी प्रतीत होती है परंतु “ठहराव”, जीवन में सीखने की बात है. एक बार कान्हा-किसली राष्ट्रीय पशु उद्यान जाने का अवसर हुआ. वहाँ पर खुली जीप में जंगल में उपस्थित जीव-जन्तु, पक्षियों के मनोरम दर्शन होते हैं. तो एक सुबह 1 बड़े हरे भरे मैदान से गुज़रते हुए... Continue Reading →

Khivni Sanctuary

यूँ तो मध्य प्रदेश टाइगर स्टेट के नाम से लोकप्रिय हैं और पन्ना, पेंच, बांधवगढ़, कान्हा किसली और शिवपुरी जैसे नेशनल पार्क सदैव प्रकृति प्रेमियों के पसन्द और रुचि का स्थान बने रहे हैं और दुनिया भर से देसी-विदेशी नागरिक मध्य प्रदेश के बाघ के जीवंत दर्शन करने उपस्थित होते हैं. मध्य प्रदेश के दक्षिण... Continue Reading →

खोने का भय#पाने की कामना

ऐसे दो विशिष्ट जीवन घटक हैं जिन पर यह मानव जीवन की सबसे महत्वपूर्ण मानसिक घटनाओं का उतार चढ़ाव का जीवन माना जाएगा. प्रथ्वी पर परिभ्रमण करते मानविकी की यह भावना अनमोल है. पुरानी कहावत है कि सत्य और निष्ठा से अपने कार्य का सम्मान करते हुए कार्य संपादन और संपन्न करोगे तो किसी को... Continue Reading →

आत्म-सम्मान और अहंकार (575) Self Respect Vs Ego

आओ बेटा चलें, निगम पार्षद ने बुलाया है देख लें क्या समस्या है ? पिता ने बेटे को अपने साथ चलते हुए कहा. वहाँ पहुँचने पर दृश्य कुछ तनावग्रस्त था जहाँ इस किराना दुकान व्यापारी के संदर्भ में कही गई बातों से पार्षद महोदय न केवल उत्तेजित थे बल्कि सबक़ सिखाने को भी तैयार थे.... Continue Reading →

Actor & Diabetic

Both in Hindi & English One May think what kind of a title is this where an Actor and a Diabetic are being analysed. Actor and diabetic patient have very many common things which draw attention of everybody around. An actor is a fully normal, handsome or beautiful looking with all body measures falling in... Continue Reading →

An Ideal GP

I am a general practitioner in medicine and I think practising for general diseases for general public and identifying major and specific diseases is a tough task. No task is easy, be it of any stream of education which require multidirectional multifaceted approach in reaching to a conclusion known medically as Diagnosis and then work... Continue Reading →

जय हो रील देवता की!

प्रत्येक हाथ में एक स्मार्ट फोन है और इंटरनेट से दमकती स्क्रीन पर उलझे हम और आप. सोशल मीडिया की बात कहूं तो यह तय है कि यह मीडिया किसी का लिहाज़ नहीं करता और ज्ञान / ध्यान के संज्ञान की वह गंगा बहाता है कि कभी कभी प्रतीत होता है कि समेट सको तो... Continue Reading →

मनभावन(571)

पुराना विचार है कि लंबे समय तक किसी व्यक्ति स्थिति परिस्थिति के साथ में रहा जाए तो व्यक्ति का मन उस विपरीत स्थिति - परिस्थिति में भी आनंदित होने लगता है. यही देखकर शायद स्टॉकहोम सिंड्रोम जैसी शब्दावली का विकास हुआ जहाँ अपहरण हुए व्यक्ति के अपहरण काल में अपहरण कर्ता से ही प्रेम भाव... Continue Reading →

मैं भी अमिताभ बच्चन! (570)

सुबह उठते से ही ज़मीन पर पैर रखने के पूर्व कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती।करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्॥ का जाप करते हैं, हथेलियों को चूमते हैं, आँखों को हथेली लगा ने के बाद सुबह की दिनचर्या आरंभ करने के पूर्व बालकनी में जाकर दरवाज़ा खोलकर घर के सामने बने बग़ीचे में लगे पेड़ों फूल... Continue Reading →

Blog at WordPress.com.

Up ↑