ऐसे दो विशिष्ट जीवन घटक हैं जिन पर यह मानव जीवन की सबसे महत्वपूर्ण मानसिक घटनाओं का उतार चढ़ाव का जीवन माना जाएगा. प्रथ्वी पर परिभ्रमण करते मानविकी की यह भावना अनमोल है. पुरानी कहावत है कि सत्य और निष्ठा से अपने कार्य का सम्मान करते हुए कार्य संपादन और संपन्न करोगे तो किसी को... Continue Reading →
आत्म-सम्मान और अहंकार (575) Self Respect Vs Ego
आओ बेटा चलें, निगम पार्षद ने बुलाया है देख लें क्या समस्या है ? पिता ने बेटे को अपने साथ चलते हुए कहा. वहाँ पहुँचने पर दृश्य कुछ तनावग्रस्त था जहाँ इस किराना दुकान व्यापारी के संदर्भ में कही गई बातों से पार्षद महोदय न केवल उत्तेजित थे बल्कि सबक़ सिखाने को भी तैयार थे.... Continue Reading →
Actor & Diabetic
Both in Hindi & English One May think what kind of a title is this where an Actor and a Diabetic are being analysed. Actor and diabetic patient have very many common things which draw attention of everybody around. An actor is a fully normal, handsome or beautiful looking with all body measures falling in... Continue Reading →
An Ideal GP
I am a general practitioner in medicine and I think practising for general diseases for general public and identifying major and specific diseases is a tough task. No task is easy, be it of any stream of education which require multidirectional multifaceted approach in reaching to a conclusion known medically as Diagnosis and then work... Continue Reading →
जय हो रील देवता की!
प्रत्येक हाथ में एक स्मार्ट फोन है और इंटरनेट से दमकती स्क्रीन पर उलझे हम और आप. सोशल मीडिया की बात कहूं तो यह तय है कि यह मीडिया किसी का लिहाज़ नहीं करता और ज्ञान / ध्यान के संज्ञान की वह गंगा बहाता है कि कभी कभी प्रतीत होता है कि समेट सको तो... Continue Reading →
मनभावन(571)
पुराना विचार है कि लंबे समय तक किसी व्यक्ति स्थिति परिस्थिति के साथ में रहा जाए तो व्यक्ति का मन उस विपरीत स्थिति - परिस्थिति में भी आनंदित होने लगता है. यही देखकर शायद स्टॉकहोम सिंड्रोम जैसी शब्दावली का विकास हुआ जहाँ अपहरण हुए व्यक्ति के अपहरण काल में अपहरण कर्ता से ही प्रेम भाव... Continue Reading →
मैं भी अमिताभ बच्चन! (570)
सुबह उठते से ही ज़मीन पर पैर रखने के पूर्व कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती।करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्॥ का जाप करते हैं, हथेलियों को चूमते हैं, आँखों को हथेली लगा ने के बाद सुबह की दिनचर्या आरंभ करने के पूर्व बालकनी में जाकर दरवाज़ा खोलकर घर के सामने बने बग़ीचे में लगे पेड़ों फूल... Continue Reading →
झालमुड़ी
बचपन में सांकेतिक कथा कही सुनाई जाती थी पढ़ी भी जाती थी कि एक राजा मिडास था उसने ईश्वर की भक्ति की और सोने से अतिशय प्रेम होने के कारण उसने भगवान से कहा कि जिस चीज़ को छू लूँ वह सोना हो जाए. ये बात अलग है कि वो परेशान बहुत हुआ उसके बाद... Continue Reading →
बैंक में लाश!
हम भारतीय नागरिक सरकारी कामकाज के मामले में ऐसे ही है चाहे वो पीएसयू में हो, सचिव भवन में हो, सचिवालय में हो, मंत्रालय में हो, संचालनालय में हो, अस्पताल में हों या ट्रांसपोर्ट की चौकी में हो या पुलिस थाना या चौकी में हो. प्रथम दृष्ट्या उड़ीसा के बैंक वालों की माँग के पीछे... Continue Reading →
आदतें (567)
कल ओ.पी.डी. में 16 वर्ष के बच्चे को दिखाने उसकी माँ आई और मां ने पहला वाक्य ही कहा कि डॉक्टर साहब, मेरे बेटे का मुँह नहीं खुलता है. और देखने में वाक़ई में मछली के मुँह की तरह उसका मुँह पूरा जबड़े से खुला ही नहीं. पहला प्रश्न ही दिमाग़ में आया कि ये... Continue Reading →
धन्यवाद (566)
अति प्राचीन कथानक है कि एक बार एक मानव को भगवान से मिलने और देवलोक में जाने का अवसर हुआ जहाँ उस अतिमानव ने ईश्वर से कहा कि मुझे अपने देवलोक के दर्शन करा दीजिए हैं. देवलोक में प्रभुजी ने तीन अतिरिक्त कमरे भी दिखाए जिनके बारे में अतिमानव की जिज्ञासा बड़ी ही अद्भुत हुई.... Continue Reading →
MR: दो दीवाने सहर में
No Spoiler! “दो दीवाने सहर में” नामक 2026 में प्रसारित चलचित्र के देखने का अवसर हुआ. यह बात स्वीकार योग्य है कि मानव जीवन को कमियों के साथ जीवन जीना पड़ता है और जीवन का रस आदर्श स्थिति पैदा करने में नहीं हैं बल्कि कमियों के साथ जीवन को सुंदर बनाने में है. आज के... Continue Reading →
पुरुष के हिस्से आई!
सिर से उड़ते बाल और गंजा होता सिर रंग पहचानने की कमी कलर ब्लाइंडनेस पुरुष को रोने की अनुमति नहीं है नशे की लत - यदि अनुशासित स्व- नियंत्रण न हो तो तंबाकू, शराब और ड्रगस्टोर के आदी होने में पुरुष को देर नहीं लगती है राजनीति के खेल और खेल की गतिविधि को आसानी... Continue Reading →
क्यों ये जीवन (563)
अक्सर यह प्रश्न उठता है कि मुझे यह मानव जीवन क्यों मिला है ?मेरे मानव जीवन का उद्देश्य क्या है ?मैं कितनी बार से इस प्रथ्वी पर आ रहा हूँ और मेरी आगे की यात्रा क्या है ? कभी कभी जब आध्यात्मिक विचार पर होता हूँ तो सोचता हूँ कियह लीला क्यों रचाई है ?पंचतत्वपांच... Continue Reading →
सच्चा टूट जाता है
यहाँ मज़बूत से मज़बूत लोहा टूट जाता हैकुछ झूठ इकट्ठे हो तो बेशक़ सच्चा टूट जाता है भले करो निरंतर मरम्मतें खुद कीफिर भी एक न एक नुक्स निकल आता है. नेमतें भले मिली हों कितनी भीईश्वर का धन्यवाद मानना भूल जाता है. आप सबको ख़ुश नहीं कर सकतेपर ख़ुद को भी ख़ुश रखना भूल... Continue Reading →
Lesson of Fin Disaster
हाल ही में आत्महत्या और हत्या के दो अजीबोगरीब क़िस्से सुनने में आये है. क्रिप्टॉ करेंसी में 30 मिलियन यूएस डॉलर के विरुद्ध मार्जिन पर 100 मिलियन डॉलर का दाँव खेलने वाले यूक्रेन के एक युवा को त्वरित घाटा होने से अपनी महँगी कार लैंबोर्गिनी में आत्महत्या करना पड़ी है. वहीं स्टॉक मार्केट की ट्रेडिंग... Continue Reading →
मंत्र चिकित्सा
मेरे गाँव क्यारीपुरा से बचपन के दिनों में की गयी यात्रा के संदर्भ में मेरी अनमोल यादें सुरक्षित है. मेरे ग्रैंड फादर यानी दादा जी के साथ बिताए हुए पल ना केवल मेरे जीवन की अनमोल धरोहर हैं बल्कि जीवन का पाठ और शिक्षण भी है. साधु व्यक्तित्व के संग बिताए क्षण जब मैं पुनः... Continue Reading →
मज़ा ते सजा:पूरक तत्व
मज़ा और सजा लगभग एक ही शब्द अभिज्ञापक हैं और तुकांत भी प्रस्तुत करते हैं परंतु अर्थ में दोनों विपरीत अर्थी है आपको जानकर आश्चर्य होगा कि मज़ा और सज़ा दोनो एक दूसरे के पूरक प्रतीत होते हैं. प्रश्न उठ सकता है कि ऐसा कैसे है तो कहा जाता है जहाँ मज़ा है वहाँ सजा... Continue Reading →
Life Doesn’t Go Smooth Always!
Somewhat, What! You go up and certainly down,Success comes & just vanishes,Still we sail together or aloneLife doesn’t go smooth always We worship or just ignoreGod remains there or not.God doesn’t mind for whatLife doesn’t go smooth always. Tired or retired or be energeticTime passes you by believe meBurping, sedated or alcoholicLife doesn’t go smooth... Continue Reading →
नशेमन: एक अनुभव
चिकित्साशास्त्र की प्रैक्टिस में हर रोगी एक अद्वितीय चित्र की प्रस्तुति करता है जिससे प्रैक्टिसरत चिकित्सक के अनुभवों की एक ऐसी बैटरी तैयार हो जाती है जो आश्चर्य की बुनियाद पर 1 नई बुलंद इमारत खड़ी करती है. किसी भी जीवन की अनमोल थाती है “अनुभव” और वह अनुभव ही क्या जो आपको आश्चर्य में... Continue Reading →