आम तौर पर चिकित्सकों द्वारा एक सलाह अवश्य दी जाती है और वह है फाइबर रिच डाइट लेने की. अब प्रश्न उठता है कि आख़िर फाइबर होते क्या है और इनकी आवश्यकता शरीर में क्यों होती है ?
ख़ासतौर से कब्जियत से पीड़ित रोगी और मधुमेह से पीड़ित रोगी के लिए चिकित्सक रेशेदार भोजन के सेवन की सलाह अनिवार्य रूप से देते हैं
फाइबर याने रेशे या लंबे तंतु सब्ज़ियों की त्वचा में उपस्थित है जो पचते नहीं है अर्थात अपने स्वरूप को बनाए रखते हुए आगे बढ़ते हैं और इस प्रकार भोजन के पाचन प्रक्रिया में चलायमान लुगदी के बनाने में सहायक होते हैं विशेष रूप से यह फाइबर अनाजों में, दालों में, सब्ज़ियों में, फलों में तथा बादाम जैसे सूखे मेवे में भी पाए जाते हैं.
ये फाइबर आम तौर पर दो प्रकार के होते हैं १. पानी में न घुलने वाले में जो फलों के छिलके या त्वचा में उपस्थित होते हैं इनमें रेचन की शक्ति होती है और यह क़ब्ज़ दूर करने में बड़े सहायक होता है.
२. दूसरे प्रकार के रेशे पानी में घुलनशील होते हैं और पानी को आसानी से सोख लुगदी बन जाते हैं मुख्य रूप से इन्हें मैथी, आलूबुखारा और इसबगोल की भूसी में प्राप्त किया जा सकता है.
पर्याप्त मात्रा में रेशे से प्रचुर भोजन ग्रहण करने से निम्नलिखित लाभ होते हैं-
भोजन ग्रहण करने के बाद ये फाइबर रक्त में शर्करा की मात्रा को अधिक बढ़ने नहीं देते हैं इसलिए मधुमेह के रोगियों की मुख से लेने ली जाने वाली औषधि अथवा इंसुलिन की दी जाने वाली मात्रा की आवश्यकता कम हो सकती है. फलों की त्वचा में भी फाइबर उपस्थित होते हैं.
फलों का छिलका नष्ट किए बिना फाइबर से प्रचुर मात्रा में भोजन में लेने से रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा में भी कमी की जाती है जो आम तौर पर उच्च रक्तचाप तथा मधुमेह के रोगियों में अधिक होती है. इस प्रकार फाइबर भोजन प्राप्त करने से हर प्रकार के जीवन शैली रोगों को भी सुरक्षा मिलती है क्योंकि भोजन में ग्रहण किया गया पोषक तत्व कम मात्रा मे आंतों द्वारा अवशोषित हो पाता है.
पानी की सोक लेने की क्षमता अधिक होने के कारण ये फाइबर भारी हो जाते हैं और पेट भर जाने का भाव प्राप्त हो जाता है. इस प्रकार मानव शरीर में कम भोजन प्राप्त करने की प्रवृत्ति विकसित होती है. और मधुमह तथ मोटे रोगियों को अपना वज़न कम करने में सहायता भी प्राप्त होने के संभावना अधिक प्राप्त होती हैं. अधिक भार वाले जातकों को पर्याप्त मात्रा में प्रतिदिन फाइबर से प्रचुर प्रचुर भोजन प्राप्त करने की अनिवार्यता है.
गर्भवती महिलायें भी फाइबर सुरक्षित रूप से ले सकती हैं परन्तु ऐसे लोग जो फाइबर आप अधिक सेवन करते हैं उन्हें कैल्शियम की अतिरिक्त मात्रा लिए जाने की सलाह भी है क्योंकि फाइबर भोजन से से कैल्शियम की कमी हो सकती है

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