छोटी ख़ुशी, येन केन प्रकारेण, यत्र तत्र सर्वत्र, यथा एवं तथा उपलब्ध हैं जहाँ छोटी ख़ुशी का संसार बिखरा पड़ा है. छोटी ख़ुशी कुछ जितने हौले से मन शरीर और आत्मा को छूकर निकल जाती है कि अनेकों बार उसकी उपस्थिति एक नियमित घटना की तरह मानव मन में अंकित हो जाती है.
सुबह उठते ऐसे ही क़ब्ज़ से पीड़ित किसी व्यक्ति का पेट यदि पूर्ण रूप से ख़ाली हो जाए याने पाख़ाना खुलकर हो जाए तो ऐसा प्रतीत होता है कि इससे बड़ी छोटी ख़ुशी कोई नहीं है. कहने की बात हास्यास्पद अवश्य लगे परंतु सच्चाई से परे नहीं है.
हाल ही में जन्मे छोटे बच्चे का पहला क़दम जननी और जन्मदाता के लिए भले बड़ी ख़ुशी हो शिशु के लिए एक छोटी ख़ुशी है जो किसी लंबी दूरी जैसे मैराथन की दौड़ के धावक के लिए पहला क़दम.
छोटी ख़ुशी
जब आप घर पर अंधेरे में बैठे हों और इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड से नोटिस हो कि बिजली संधारण से प्रदाय बाधित है तो मोमबत्ती की छोटी रोशनी भी छोटी ख़ुशी प्रदान करती है. वहीं हौले से उसी समय गर्मी के मौसम में बहती हवा शरीर से निकलते पसीने को जिस हौले भाव से छूकर निकलती है तो वह भी एक छोटी ख़ुशी अंतर्मन को प्राप्त होती जाती है. संवेदनशील हो महसूस कर सको तो!
छोटी ख़ुशी का संसार अविरत निरंतर हमारे मन मानस तथा तन को सुबह से शाम तक शाम से रात तक रात से सुबह तक प्राप्त होता जाता है परंतु छोटी ख़ुशी हमेशा कुछ इस प्रकार स्वीकार की जाती है कि उसकी अवहेलना होती जाती है.
साँस लेने की प्रक्रिया एक सामान्य घटना है एक अत्यंत न्यूनतम स्तर की छोटी ख़ुशी है जो उस रोगी व्यक्ति से समझी जा सकती है जो अस्थमा से पीड़ित है और उसकी सांस बड़ी मुश्किल से आ रही है. उसकी यह छोटी साँस की छोटी ख़ुशी भी औषधियों के भरोसे है. अब यह साँस लेने की भी छोटी ख़ुशी अत्यंत राहत प्रतीत होती है.
आराम के क्षण,दोपहर की दस मिनट की पावरनैप, सुबह का क्षणिक या विस्तृत व्यायाम,मित्रों संग चाय की चुस्कियां, परिजनों संग गपशप, ज़मीन में पालथी मारकर पसंदीदा चलचित्र देखने की घटना या आँख मूंदकर मनपसंद संगीत सुनने सोने क उपक्रम छोटी ख़ुशी के ऐसे छोटे छोटे उदाहरण है जो यदा कदा नहीं बल्कि सदा सदा हम उपलब्ध है और जिनका सेवन दोहन अवरोहण हमारे शांत मन की अनमोल धरोहर है.
छोटी ख़ुशी को हाथ से जाने न दीजिए. छोटी ख़ुशी के लिए –
थोड़ा ध्यान,
थोड़ा अच्छा व्यवहार,
थोड़ा पुण्य,
थोड़ी सहायता,
थोड़ा अच्छे बोल,
थोड़ी अच्छी शिक्षा,
थोड़ा अच्छा भोजन लेते और देते चली है
छोटी खुशियां बढ़ती चली हैं. मिलती चलेगी

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सत्य है सर जी
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दिल से कहीं गई हर बात 👏👏
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