Ujjain kite flying(492)

उज्जैन महाकाल क्षेत्र के नीले आसमान पर मकर संक्रांति के दिन उड़ती पतंगों को देखते देखते मुझे मेरे बचपन के उज्जैन की याद आ गई जब स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई के अस्सी के दशक के दौरान उज्जैन में रहना हुआ और मकर संक्रांति के पर्व पर पतंग उड़ाने के अभिनव आनंद से भी अभूतपूर्व... Continue Reading →

56 : Magic Number

56 के अंक का भी गिनती में एक विशेष स्थान है जहां 56 इंच का सीना और तेरे जैसे 56 देखे हैं जैसे लडाकू वाक्य अनजान की बोलचाल में स्थापित है तो 56 भोग की उपमा भोजन की उच्चतम श्रेणी को प्रस्तुत करता है जो भगवान को समर्पित हो. मध्यप्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में... Continue Reading →

Krishi Mela

दिन भर चना चबेना, आलू छोले, रोटी छाछ और द्रवों की विस्तृत श्रृंखला का सेवन पेयन करते विचार बमुश्किल आता है कि कैसे किसान ने खेत में बीज बोया, पानी दिया , रखवाली की, चिरैया उड़ाई तब जाकर कड़ी धूप में प्रकृति ने इस अधम मानव जाति के लिए अन्न उपजाया. और किसान का श्रम,... Continue Reading →

Saying No, is becoming Enemy!

प्रथम बार जब आप किसी को उपहार जैसे कोई वस्तु या सेवा या कुछ निःशुल्क देते हैं तो वह हैप्रशंसा(एप्रिसिएशन) दूसरी बार जब आप किसी को कुछ निःशुल्क देते हैं तो आपने पैदा किया है -प्रत्याशा या पुर्वानुमान(एंटीसिपेशन) तीसरी बार जब आप किसी को कुछ निःशुल्क देते हैं तो अब जातक को पैदा हो जाएगी... Continue Reading →

Sirpur – A Ramsar Site(488)

1972 में ईरान के रामसर में आहूत एक विशिष्ट कनवेंशन के द्वारा पूरे विश्व में जल राशि (Wetland) के अनुरक्षण, संरक्षण और विकास के संबंध में एक रूपरेखा तैयार की गई थी जिसके चलते विशिष्ट, अद्वितीय और पूर्ण नदियों तालाबों और जल जीव पक्षियों सरीसृपों तथा छोटे स्तनपायी जीवों के जीवन रक्षक के प्रयास किए... Continue Reading →

BR : apprenticed to Himalayan masters.

Apprenticed to Himalaya masters. हिमालय वासी गुरु के साये मेंएक योगी का आत्मचरितलेखक- श्री एम इस जीवन की परिभाषा को समझना एक कठिन दौर है जिसका उद्देश्य, एक पहेली को सुलझाने की भाँति है और स्पष्ट है. जीवन का उद्देश्य क्या है ?क्या जीवन निरुपाय हैं ?या जीवन एक मौक़ा है जो काल के इस... Continue Reading →

Gandhisagar Dam

1980 में पूज्य पिताजी पूरे परिवार को उदयपुर घुमाने ले जाते समय दो घंटे के लिए गांधी-सागर डैम (बांध) की शैक्षणिक यात्रा पर भी ले गए और इस यात्रा में बिजली का उत्पादन किस प्रकार हो रहा है पानी से यह समझने का मौक़ा मिला था. आठवीं में पढ़ते थे तब कुछ समझ आया…कुछ नहीं... Continue Reading →

Antibiotics: Justified Use!

485 दि.27.12.2025 के मन की बात के संस्करण में, हमारे माननीय प्रधानमंत्री ने एंटीबायोटिक्स के गलत, फ्री और खुलेआम इस्तेमाल के मुद्दे पर ज़ोर दिया, जिससे इन एंटीबायोटिक्स के विरुद्ध नागरिकों में लगातार ड्रग रेजिस्टेंस हो रहा है. मुझे निराशा हुई क्योंकि माननीय प्रधानमंत्री को आगे आकर इस बात पर सबका ध्यान खींचना पड़ा कि... Continue Reading →

Boxing Day Match(484)

Love of cricket is very much prevalent now in this season in every common local playground across the globe and also in Melbourne cricket club on boxing Day cricket test match. All Mohalla, Cricket matches in India are finished within a day and so also the mega event of boxing day cricket test match was... Continue Reading →

Antibiotics

मन की बात के आज के संस्करण में मा. प्रधानमंत्री जी ने एंटीबायोटिक के उपयोग पर आम नागरिकों को आगाह किया है कि बिना चिकित्सक की सलाह के इन औषधियों का उपयोग ना करें. पिछले कुछ वर्षों में इन औषधियों के सरल उपयोग से इन एंटीबायोटिक औषधियों के द्वारा रोगों के प्रभावी नियंत्रण में कमी... Continue Reading →

Insomnia

जिज्ञासा का विषय हो सकता है कि मोबाइल की स्क्रीन पर चिपके घंटों बीत जाते हैं और नींद दूर बनी रहती है ! ऐसा क्या है मोबाइल में ? जीवित सेल फ़ोन की काँचनुमा स्क्रीन के भीतर से आने वाली प्रकाश किरणों के विज्ञान में जो मस्तिष्क में नींद उत्पादक कारक तत्वों याने मेलाटॉनिन के... Continue Reading →

MR: Dhurandhar (481)

आदित्य धर द्वारा निर्मित धुरंधर चलचित्र को देखने का अवसर हुआ. बहुत सारी फ़िल्म समीक्षा सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर लिखी जा चुकी हैं, कही जा चुकी है सुनाई जा चुकी है इसलिए एक अन्य समीक्षा लिखने की इच्छा नहीं है परंतु इसमें कोई दो मत नहीं है कि पहली बार भारतीय जासूस रूप में उच्चतम... Continue Reading →

Respectful Address

आदरणीय, आप, तुम, तू से तू-तू, मैं-मैं तक…डा अनिल भदौरिया Blog 480 भीड़ चीरकर आगे पहुँच मैंने कहा टिकट खिड़की पर बैठे सज्जन पुरुष से कहा, आदरणीय क्या आप मुझे दो टिकट दे पाएंगे ?नो सर, शो इज फुल्ली सोल्ड आउट! टिकट विक्रेता ने अंग्रेजी में संवाद किया. मैंने अंतिम प्रयास कर कहा,देखिए कुछ सहायता... Continue Reading →

Hair Saga

केशों की चिंता यात्रा – मुल्तानी मिट्टी से बोटॉक्स तक वैसे तो मानव के सिर, कपाल या खोपड़ी की त्वचा पर उपस्थित केश-राशि अपने आप में एक अद्भूत सौंदर्य सम्पदा का प्रतीक है परंतु जिन पुरुषों के सिर पर यह सम्पदा उपस्थित नहीं है, उनके सम्बन्ध में ऐसा माना जाता है कि वे धन-दौलत की... Continue Reading →

Duty!

देश सेवा के अमूर्त उपाय कुछ इस प्रकार भी किए जा सकते हैं जो हम सभी नागरिकों से ना केवल अपेक्षित है बल्कि है हमारे नैतिक उत्तरदायित्व में सम्मिलित भी है जैसे सड़क पर चलते समय ट्रैफ़िक नियमों का पालन वाहन चलाते समय हेलमेट का धारण कार चलाते समय सीट बेल्ट बांधकर, लेन का पालन.... Continue Reading →

CCTV : Character Builder

द्वापर के संजय और कलियुग के सी.सी.टी.वी.डा अनिल भदौरिया अपराध की दुनिया में दाग अच्छे हों… कदाचित, सामाजिक परिवेश में दाग अच्छे नहीं. नियमों का पालन ना करना मानव संस्कृति की सबसे आसान अनुशासनहीनता है जो, दाग अच्छे हैं…, को प्रोत्साहित करती है. परन्तु अब कैमरे के लेंस की द्रष्टि ने दाग और दागदार दोनों... Continue Reading →

Morse Code

Blog 476 ये दुनिया मोर्स कोड (अबूझ भाषा) में है जिसे सदियों से मानव डी-कोड करने की कोशिश कर रहा है. आर्य भट्ट, वराह मिहिर, न्यूटन और आज के वैज्ञानिक इसी कोशिश में है कियह सौर मंडल कैसे निर्वात में टंगा हैब्रह्माण्ड कितना बड़ा हैपृथ्वी पर समुद्री जल इतना क्यों है औरवायु में ऑक्सीजन का... Continue Reading →

My Fault? Never!

Blog 475 गलती का विज्ञान – मेरी गलती तो बिलकुल नहींडा. अनिल भदौरिया अरे सुनो, ध्यान से फर्निचर का काम करना, गलती ना होने पाये. बस यहीं इसी बिंदु पर मेरे द्वारा लकड़ी के करीगर, बढ़ई को कहते ही कि गलती ना हो पाए, गलती जो जहाँ कहीं भी रहती है…सीधी-उलटी, टेढ़ी-मेढ़ी, दबी-दमित, मैली-कुचली, शोषित-पीड़ित,... Continue Reading →

स्क्रीन प्रेम और मैं बंधक प्रेमी

किसी ज़माने में मेरे पास खेलने के लिए समय था , पढ़ने के लिए समय था और तो और काम करने के लिए भी समय था और फिर एक दिन घर में टेलीफोन आया, लैंडलाइन वाला जिसने मित्रों रिश्तेदारों और व्यवसायिक बातचीत की तेजतर्रार व्यवस्था को स्थापित कियाजो तार आधारित था. फिर यह सब तार... Continue Reading →

Biker’s Courage

चुटकी भर अनुशासन Bikers or two wheeler riders are the most courageous, virile and avid risk-takers on the road. बाइकर्स या टू व्हीलर चलाने वाले सड़क पर सबसे हिम्मत वाले, दुस्साहसी और जोखिम लेने वाले भारतीय होते हैं। Bikers are the kings of Indian road as they rule the road in such a manner that... Continue Reading →

Gratitude (Blog 472)

जीवन की रसभरी धार ज़हर और अमृत दोनों से भरी हुई होती है और कर्मों के खाते के अनुरूप मां पिता धन स्वास्थ्य इत्यादि की प्राप्ति का कौन सा कैसा अबूझा विज्ञान भाग्य में अवतरित होता है, समझने में असंभव जैसी स्थिति को प्रस्तुत करता है. मेरे एक मित्र है. एक दिन फ़ोन कर बोले... Continue Reading →

Blog at WordPress.com.

Up ↑