Eternity of Silence

मौन की धुन… मौन को रमता हूँ, राम को भजता हूँ. धुन बिना आवाज, शांत मन तकता हूँ. सन्नाटा हिमालय जैसा, उतर आये ऐसा प्रयास अविकल, सब मेरा जपता हूँ. सूने में समाधी को , या शोर में समाधी. यात्रा अंतर्मन की, साहसी होने को तडपता हूँ . सन्नाटे की धुन मधुर, सुनने लगो तो... Continue Reading →

72 & it’s Metaphysical Magic

72 & its metaphysical magic मानव की धुरी और जीवात्मा का सार, एकमात्र ह्रदय ही है और वह अपनी 72 बीट प्रति मिनट की दर से इस रोचक अंक को स्थापित करता है.यह 72 का अंक कई क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति से चकित करता है. 72-72 के हृदय स्पंदन की संख्या एक व्यक्ति सामान्य व्यक्ति... Continue Reading →

Expiry Date

दवाई की एक्सपायरी डेट का भय सरकारी अस्पताल में, मैं व्यवस्था का राउंड ले रहा था कि एक जवान सज्जन मेरे सामने उपस्थित हो गए, ....क्या डॉक्टर साहब आपकी ओपीडी में कंडोम तक नहीं है !! लॉकडाउन के बाद की स्थिति के कारण हमारे कंडोम सप्लाई में बाधा आई है इसलिए कंडोम नहीं है, ऐसा... Continue Reading →

Little Bird

चिरैया…. भोर काले चहकती चिरैया,कानों में निर्मल रस घोलती. अपने गान से सोये को जगाती,झील से तिनके को भी निकल लाती. रोज सबेरे, आंगन में फुदकती आती,जैसे हो कोई बात मुझसे बतानी . कभी इस डाली, कभी उस मुंडेर पर,पानी के मटके पर तो कभी दाने पर. रंगों से सराबोर, उर्जा की प्रदर्शनी,कितनी मनमोहक ये... Continue Reading →

DM vs MD

कलेक्टर विरुद्ध डॉक्टर - तंत्र बीमार भरी सभा में अपने साथी डॉक्टर को डांट देना भी एक पीड़ित कला है जहां पक्ष और विपक्ष दोनों पीड़ित हो जाते हैं. अभी हाल ही में कोरोना महामारी के संबंध में आयोजित एक महती और बड़ी बैठक में भरे कॉन्फ्रेंस हॉल में जिला कलेक्टर आंध्र प्रदेश ने भरी... Continue Reading →

Let’s find sugar in sweet milk

उर्जा का ये जन्मजीवन क्षणभंगुरमरना नहीं चाहतापरंतु मरना तो है लीला बिखरी पड़ीमाया मोह चन्हूओरचाहता नहींपरंतु प्यार तो है मद क्रोध शाश्वतछूटते नहीं कभीशत्रु से प्रेम नहींपरंतु तकरार तो है लोभ से धनभृष्ट्ता यूं उपजेधन बुराई भलेपरंतु कमाना तो है त्याग तुम करोभोगने दो मुझेअहंकार त्याज्य हैपर माया पाना तो है साधुता को आकर्षितभिक्षाम देही... Continue Reading →

Seed, The Computer

सबसे छोटा कंप्यूटर,तुम जानते हो, ना होपास तुम्हारे अनगिनत,भूमि में अकिंचन पड़े हो यह बीज है जीव भी,यहां तहां बिखरे होज्यों ही मिले पानी मृदा,संपर्क में जीवन्त हो. न जाने कैसी रचना,बीज अद्भुत नग्नचोला ओढ़े सगुण भरे, प्रयास में रचाए लगन. थोड़ा जल थोड़ी मृदाऔर अंतस ऊर्जा,पौध बनने को हामीआतुर जैसे घन गर्जा. कहने को... Continue Reading →

Value Less

मोल-अनमोल(पति-पत्नी संवाद) पत्नी- अरे यह तो मैं हूं जो निभा रही हूं कोई और होती तो छोड़ जाती !पति- तो छोड़ ही दो तुम भी मुक्त!पत्नी-अरे ऐसे कैसे छोड़ दें ब्याह में ही ₹300000 खर्च किए थे वसूली तो हो जाए .पति -किस तरह करोगी वसूली?…और यहां तुम्हारा बस चले तो तुम तो मुझे कबाड़ी... Continue Reading →

Himalaya in Heart

मन में हिमालय… चहकता है मन,माया मोह में.ये पा लूँ और,क्या खो दूँ. संगत चरस जैसी,नशा मन का.भोजन एक पल का,तृष्णा सदा का. पिए प्याला अनंत,तृप्ति आये ना.भोर होते ही,प्यास का आशना. जिए भरपूर,मरने को नहीं राजी.रस – रास को,सदा रहे अभिलाषी. मन सदा गर्दभ,मौका मयूर. पल में तोला,अगले में चूर. तू सुधर जा का... Continue Reading →

Fast Food: Dangerous Affair

फास्ट फूड का स्वादिष्ठ जन्जाल- फास्ट फूड या त्वरित अल्पाहार वह है जो शीघ्र बन जाये या दुकान पर मिल जाए और जो स्वादिष्ट होंगे तो भूख मिटा दे.इस आधुनिक युग में नाना प्रकार के फास्ट फूड उपलब्ध हैं जिन में भारतीय, चाइनीस, ओरिएंटल, कॉन्टिनेंटल, थाई, तिबेतन, इटालियन फास्ट फूड की एक बड़ी भोज्य श्रंखला... Continue Reading →

Experience Prevails.

डॉक्टर – चाचा और गाँव की धरोहर क्यों, बड़ा शहर छोड़ कर अब इस बुढ़ापे में गांव आ रहे हैं चाचा?न जाने क्यों, बोले अब गांव के घर में ही रहूंगा और बाग बगीचा खेत खलिहान देखूंगा…. पिता-पुत्र का यह संवाद बम के गोले की भांति ठाकुर परिवार पर गिरा, जिनके डॉक्टर-चाचा अब शहर से... Continue Reading →

Journey unlimited

अ-समान उड़ान, आसमान की… यात्रा में जो आनंद है,मंजिल में नहीं भाई.मंजिल रहे दूर-पास,रास्ता कठिन है भाई. शरीर थके तो भी ,मन कट्ठा रखना भाई.ज्योति जला रखना,चलते रहना भाई. पक्षी करते कलरव यहाँ,मोर यहाँ-यहाँ चिल्लाते.हम अपनी धुन में भूले,सन्नाटा भी न सुन पाते. बगिया महकती फूलों की,मुस्काते फूल बनना तुम.यात्रा जो जारी बाहर,भीतर भी करना... Continue Reading →

Heritage of Earth

धरा के धरोहर सूर्य में अहं नहीं,अनंत और सनातन.प्रकृति का कर्म करते,पुराने नहीं महापुरातन. सूर्य में ताप नहीं,क्रोध में नहीं तपते.संत भाव से सदा,प्रेम का जाप करते. सूर्य में तमस नहीं,ज्योति के पुंज.धरा के धरोहर,निर्मल निकुंज. सूर्य में प्यास नहीं,न जल के अभिलाषी.जो न हों प्रकट,तो जीव हो उदासी. सूर्य में घराना नहीं,लगते नहीं मानव.तुच्छता... Continue Reading →

CPU: Mantra to Purchase

संस्कार ऐसी सिद्धि है जो बचपन से बच्चों को पढ़ाई सिखाई जाती है और स्वयं के स्तर पर भी लगातार सीखी और समझी जाती है चोरी ना करना,झूठ ना बोलना,गलत कार्य न करना प्राकृतिक नियमों या न्याय को सदैव सम्मुख रखकर कार्य करनानिर्बल का सहायक होना …. जैसी शिक्षा बचपन से बच्चों को पढ़ाई और... Continue Reading →

Leave or Quit

सब छोड़ना पड़ता है…. प्रेम का पाठ पढ़े हो,या घ्रणा में पड़े हो.ब्रह्म सत्य जगत मिथ्या,जान सब छोड़ना पड़ता है. कोई कारज को यदि,भय लज्जा शंका उपजेभले ठान रखी हो करने की,ठिठक, सब छोड़ना पड़ना है. दौड़ ब्रह्मा की, लोक माया का,कोई प्रश्न को तो उत्तर गुरु.अनुभव की शिक्षा अनमोल,प्राण संकट में छोड़ना पड़ता है.... Continue Reading →

Not My Fault

सदा अपनी…. गलती मेरी ?कैसा विज्ञान है !नहीं मानूंगा,ऐसा विधान है. बुद्धि राजी नहीं,गलती मेरी नहीं.भले राज्य जाये,सुधरना मुझे नहीं. अहं है पिता,गलती मानसपुत्र.महाभारत खेली,गवाएं सब सूत्र. गलती और दंडसाथ साथ चलते.गलती होते ही,दंड से सब बचते. धाराएं बनी सैकड़ों,ताकि सत्ता सुहागन रहे.मानस मन मलिन,नियम सदा तोड़ता रहे. गलती सदा विकारी,विवेक फेर देती.होते ही नकारने... Continue Reading →

God of Death who takes us to final destination

यमदूत होना!! मुझे कुछ नहीं,यमदूत होना.आत्मा की परम से,यात्रा होना. यमदूत का कारज,चिंतामणि को हरे.ब्रह्मज्ञानी को भी,परमयोग से भरे. अज्ञानी को भी,कुछ यूं थामे.जैसे वज्र पंडित,चले बैकुंठ धामे. यमदूत करे शुद्ध,क्या मानव क्या बुद्ध.मेरा उद्घोष, मैं मुक्तयम के हत्थे मैं भी बुद्ध. विष अमृत की धरा ये,सत्य अंतिम, यमदूत.माया से प्रथक,कहने को अवधूत. यमदूत हैं... Continue Reading →

Wanna be a River.

नदी होना चाहता हूं गोमुख से छोटा उदगमपवित्र और पावनजीवन नद का निर्मलनदी का उत्तम उदभव कुछ इठलाती नटखटसमेटे सबको जातीबाहों को फैला लेतीसब को नहला जाती है दान पुण्य की हामीप्यासे की अनुपम दासीप्यासे का रंग ना देखतीसदियों से सेवा को प्यासी. समभाव से बहतीनिर्मल यह कामिनीप्राणों की रक्षा मेंप्रेम की यह दामिनी जीव... Continue Reading →

Ain’t you an Evil!

तो कौरव हो तुम… यदि श्रीकृष्ण तुम्हारे पक्ष में नहीं,तो कौरव हो तुम।अपने में संतोषी और भावुक नहीं,तो कौरव हो तुम।करुणा को भूले तुम और दया नहीं,तो कौरव हो तुम।इच्छा मृत्यु के वरदानी पर अन्यायी,तो कौरव हो तुम।खेल के छल में निपुण और पक्षपातीतो कौरव हो तुम।धक्का दे आगे बढ़ने को हर कीमत आतुर,तो कौरव... Continue Reading →

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