Tea : Life in a Cup

चाय के कप में ज़िन्दगी… चाय की ज़िन्दगी या ज़िन्दगी की चाय,रंग रस रास राग से दोनों पहचाने जाय. सुबह से ही नयी तलब जगाती है ज़िन्दगी,अपने होने के अहसास से जगाती है ज़िन्दगी. सुबह से ही चाय की गरमा प्याली जगाती है,नैनो से निहार कर भीतर तक उतर जाती है. पहले घूंट से जीभ... Continue Reading →

Greed Unlimited

पत्थर से भी मांगते…. भटकते हम,सदा कुछ पाने को.भूखे प्यासे,सदा कुछ भूलने को.कभी ये तो,कुछ वो बहुत, कोमिल जाये,तो भी नहीं रुकने को.संतोष नहीं,ये लालसा अविनाशी है.लगता कभी,क्या हम सब भुतिया हैं.?क्या होना,इसकी अंतहीन दौड़,सोचते सदा,क्या हम डरपोंक भी हैं.?डरते सदा,पत्थर से भी मांगते.पूछा सही,क्या हम वाकई धार्मिक हैं?.किसी भी कीमत,चाहूँ सफलता का हारमन विचारे,क्या... Continue Reading →

Be, in Nothing

रहो, नहीं में रहो… बारिश में रहोभिगो नहींतपन में रहोजलो नहींअकेले भले रहोतन्हा नहींमस्ती में रहोसहो नहींदौड़ते रहोथको नहींयात्रा में रहोपहुंचो नहींआकाश रहोभले उड़ो नहींजमीन रहोजुड़ो नहींभक्त रहोपूजो नहींउम्मीद रखोथामो नहींपढ़ो लिखो बढ़ोरुको नहींप्रयास में रहोआलस में नहींप्यार में रहोडूबो नहींडूबो भलेउलझो नहींतैरते रहोललचाओ नहींचैतन्य रहोमगन नहींलीन रहोनशें में नहींशून्य रहोगिनती में नहींशून्यता भली,गिनती सेबारिश... Continue Reading →

Moment Minima

क्षण प्रतिक्षण है क्षीण क्षण… आखिर कौन हूँ मैं,क्या मात्र यही एक क्षण.आखिर कहाँ ठहरा हूँ मैं,क्या यहीं इसी क्षण में. आखिर मैं काहे को हूँ यहाँ,इसी क्षण को जीने को.तो क्या है ये क्षण,क्षणिक है या अति है ये क्षण. आखिर क्या है जो बीत गया,बस यही इक क्षण.जो समझेगा, इस क्षण कोतो आगे... Continue Reading →

Temple in Jungle

झाड़ उखाड़ हनुमान मन्दिर- कहीं कोई स्वप्न आए और उस स्वप्न के दिशा निर्देशों से ईश्वर के साकार रूप की स्थापना हो और ईश्वर की उपस्थिति भी चहुं-और जादुई परिस्थितियों से स्थापित हो तो इसे चमत्कार की श्रेणी में रखे जाने का प्रत्येक कारण है …ऐसा ही एक घटनाक्रम इंदौर के दक्षिण में इंदौर-देवास की... Continue Reading →

Friends Always

प्रश्न -तुम्हारी अपने बचपन के दोस्तों से जो बहुत धनी और मशहूर हो गए हैं कैसे पट जाती है?कैसे कायम रखते हो? उत्तर-मित्रता पट इसलिए जाती है कि मैं निरापद हूं, मुझे उनके प्रति प्रतिद्वंदिता निरंक है! जब मैं उन्हें प्रतियोगिता ही नहीं देता,चाहे वह बुद्धि के स्तर पर हो या धन या स्टेटस हो... Continue Reading →

Loan or What!?

लोन दान या दान का लोन ….पूछ बैठी एक दिन पत्नी मेरी यह एन.पी.ए. क्या होता है? ….. कह ही दिया मैंने, यह एक प्रकार का दान होता है ऐसा दान जो छीन कर लिया जाता है. ऐसा दान जो शीर्ष सत्तके सीने पर मुक्के मार कर बैंक की चेस्ट से लोन के रूप में... Continue Reading →

Doctor’s Message

डॉक्टर्स दिवस पर विशेष 1 जुलाई को भारत में डॉ. बी सी राय के जन्मदिवस के अवसर पर डॉक्टर्स डे के रूप में मनाया जाता है. डॉक्टर बी सी राय, ना केवल प्रख्यात चिकित्सक थे बल्कि राजनीति के गहन जानकार थे जिन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के दायित्व का भी निर्वहन किया था.डॉक्टर्स डे के... Continue Reading →

Fibonacci Number

आज 11.23 है अर्थात 23 नवंबर जिसे फाइबोनैचि अंक दिवस के रूप में मनाया जाता है फाइबोनैचि संख्याओं का वर्णन पहली बार भारतीय गणित में 200 ईसा पूर्व में ऋषी पिंगला द्वारा दो अंकों के जोड़ से बने अंक को संस्कृत कविता के संभावित पैटर्न की गणना पर किया गया था। 0,1,1,2,3,5,8,13,21,34, 55,89…(दो पूर्ववर्ती अंकों... Continue Reading →

Why US is No. 1 : Lets see my Observations

Almost everything is automatedक्यूंकि मशीन चोरी नहीं करती है Almost all are disciplinedक्यूँकि कानून का पर्याप्त भय है Almost everyone in orderक्यूंकि शिक्षा का प्रभुत्व है Almost everyone is dependent on burger sandwiches or outside foodक्यूंकि भोजन बनाने मे समय बचाकर वे दुनिया के नंबर 1 देश बन गये Almost all are educated and english... Continue Reading →

American Sniper

अमेरिकन स्नाइपर क्रिस काइल अमेरिका के सैन्य टुकड़ी नेवी सील के अचूक निशानेबाज पर यह फिल्म बनी है जिसे हालीवुड के मूर्धन्य चलचित्र निर्माता क्लिंट ईस्टवुड द्वारा सन 2014 में बनाया था क्रिस काइल की जीवनी पुस्तक अमेरिकन स्नाइपर जो 2012 में प्रकाशित हुई थी. 1974 में जन्मे क्रिस्टोफर काइल की इराक में युद्ध काल... Continue Reading →

Medicine : Art or Science

PRACTICE OF MEDICINE: AN ART OR SCIENCEDR ANIL BHADORIAPRESIDENT IMA, INDOR BR A medicine that cares or cures, helps or heals has an even greater consequence for humanity but unlike physics or chemistry, the subject of medicine is not a pure science. It's a perfect science and is uncertain too. The trivial question is whether... Continue Reading →

Sex Tonics

What are Sex Tonics? Sex Tonics can be defined as Any Chemical, Herbal, Natural product which is known to invigorate sexual desire, physical stamina and mental strength in such a way that helps to potentiate an individualistic upgraded performance in actual sexual intercourse. Is it a Marketing industry where sex tonics are advertised on paper... Continue Reading →

The Great Indian Family

द ग्रेट इंडियन फैमिली-चलचित्र समीक्षा जब बुरा वक्त आये तो साया भी साथ छोड़ जाता है तो परिवार क्या है !और जब परिवार साथ देने को आए तो पूरी तरह से हाथ में हाथ मिलाकर खड़ा हो, यही कहानी है द ग्रेट इंडियन फैमिली नामक चलचित्र कि जिसके उतार-चढ़ाव भरे कथानक ने दर्शक को बांधे... Continue Reading →

Even Lie Works!

झूठ के पांव…. दरोगा जी ने डंडा फटकारा, सच बोलो!तुम्हारे आपसी झगडे से परेशान हो गया हूँ. हवालदार बंद करो इनको हवालात में. दो पडोसी, आदतन झगड़ालू, छोटी छोटी बातों पर. शहर के अविकसित क्षेत्र के रहवासी दोनों, देशी दारू पीकर जब तब उलझ पड़ते. जैसे तेरी मुर्गी मेरी तरफ कैसे आई या तुम्हारे घर... Continue Reading →

Remedy for Govt Hospitals

सरकारी अस्पतालों को समाज से उम्मीद भारतीय समाज की अर्वाचीन परंपरा रही है सहयोग करने की, फिर भले ही वह शारीरिक हो या आर्थिक ही क्यों ना रहा हो. प्राचीन काल में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर ओ.पी.डी. स्तर पर ही उपलब्ध रहता था तथा उस काल में युवावस्था में मौतों का प्रतिशत भी अत्यधिक रहा... Continue Reading →

Pippa : Movie Review

पिप्पा : मूवी रिव्यू वैसे तो नाम अजीब प्रतीत होता है परंतु यह उस टैंक की कहानी पर आधारित है जो एंफीबियन है याने जमीन के साथ-साथ पानी में भी तैर सकता है या कहें कि चल सकता है जिसका उपयोग 1971 के इंडो पाक वार युद्ध में किया गया था. ब्रिगेडियर बलराम मेहता की... Continue Reading →

Fire: Virtue

आग अधिकारी है जलाकर राख करें तमसो मा ज्योतिर्गमय हो नैनो को तृप्त करें सूरज में है आग जगत का पोषण करें जो हो ना हो आदित्य तो जीवन कैसे पार करें आग ही थी खोजपाषाण युग जो न्यूज़ भरे मानव समाज विकास आग पाषाण से दूर करें आग से ही भोजन स्वादु बना करे... Continue Reading →

Medical Education: If and But!

शिक्षा के क्षेत्र में कोई पाठ्यक्रम आसान नहीं परंतु चिकित्सा के पाठ्यक्रम में चिकित्सक बनने के लिए अपनी पसंद निर्धारित करना अपने आप में एक भिन्न प्रकार की भागीरथी प्रतिज्ञा है जो एक ऐसे विज्ञान से आपका साक्षात्कार कराती है जहां अनिश्चितताओं एवं संभावनाओं का वह समंदर लहराता है कि मानव शरीर प्रकृति की सबसे... Continue Reading →

DIABETES : HOW TO MANAGE BETTER CONTROL!

मानव शरीर अनुशासन का हामी है और इस मानव शरीर में एक विचित्र अंग उपस्थित है, अग्नाशय, जिसे संभावित रूप से सबसे अधिक अनुशासन की आवश्यकता होती है. अग्नाशय या अंग्रेजी में पैनक्रियाज एक ग्रंथि है जो आमाशय के पीछे रीढ़ की हड्डी के सामने एक अल्पविराम के निशान की भांति उपस्थित हैं। अग्नाशय, एक... Continue Reading →

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