सबसे छोटा कंप्यूटर,
तुम जानते हो, ना हो
पास तुम्हारे अनगिनत,
भूमि में अकिंचन पड़े हो
यह बीज है जीव भी,
यहां तहां बिखरे हो
ज्यों ही मिले पानी मृदा,
संपर्क में जीवन्त हो.
न जाने कैसी रचना,
बीज अद्भुत नग्न
चोला ओढ़े सगुण भरे,
प्रयास में रचाए लगन.
थोड़ा जल थोड़ी मृदा
और अंतस ऊर्जा,
पौध बनने को हामी
आतुर जैसे घन गर्जा.
कहने को क्षण भंगुर
पर अथाह शक्ति भरे,
उल्टा पड़े हो या सीधा
बीज सदा हरा ही हरे.
बीज करे पर्ण फूल
और फल छोटे बड़े,
पृथ्वी को करें हरा
जहां-जहां बीज पड़े.
क्या जीन या डीएनए
क्या जीबी या रैम,
प्रभु लीला से आलोकित
आस्तिक बड़े सुखनैन.
पेड़ बन जैसे हार्डवेयर
सुंदर मॉनिटर जैसे,
नाना प्रकार के पुष्प
रंग सुगंध अलबेले.
बीज से पौध से पेड़
यात्रा अजब कर आए
प्रिंटआउट के रूप में
फल और बीज उपजाये

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