They are stones,Foundation stone.For one and all,Yet May keep alone. They are full,Just to empty.What all they’veTo offer plenty. Books ain’t just,They’re genius.Letting you learnSo they are pious. Thru the pages, it tests mettle. How you learn, Remain the battle. As you read on Once or another You get meaning One way or other.
4 November 1997
My first of Healthy articles
Ashram
आश्रम का संस्कार और कलियुग में विहार: बचपन से आश्रम संबंधी सनातनी धर्म धारणा का श्रवण करते हुए आश्रम व्यवस्था का पूर्ण विवरण इस कलयुग में कैसे बीत जाता है समझना जटिल है. आश्रम व्यवस्था के विभिन्न सोपान की बगिया छात्र जीवन, वैवाहिक जीवन और पश्चात निवृत्ति तथा त्याग के क्रम हैं जो क्रमशः ब्रह्मचर्य,... Continue Reading →
One Night Stand
Movie ReviewOne Night Stand (Hindi) जीवन के विभिन्न रंगों और बुराइयों को प्रदर्शित करती 2016 का यह चलचित्र है वन नाइट स्टैंड जिसमें केसेनोवा और प्लेबॉय की छवि के एक हीरो के एक रात्रि में किए गए विवाहेत्तर संबंध में वासना का लोभ इतना बढ़ जाता है कि वह अपने वैवाहिक जीवन को आग लगा... Continue Reading →
Waiting Nandi
प्रतीक्षा: प्रतीक्षा एक स्थिति है जो प्रति क्षण के आने की और घटित होने की संभावना को आतुर है.प्रतीक्षा का प्रयोजन, प्रेयसी के प्रति हो या भगवान राम के प्रति वनवास से लौटने की उनके भाई भरत की हो अथवा अनादिकाल से नंदी की प्रतीक्षा अपने आराध्य शिव के प्रति हो, अनमोल ही है. आर्यावर्त... Continue Reading →
Matrix/Mayalok
Matrix 1999Movie Review परिभाषाएं तो वही रहती हैं परंतु समझने का दृष्टिकोण समय के साथ बदल जाता है.भगवद् गीता का कोई भी एक श्लोक दो भिन्न समय में पढ़ने पर भिन्न निहितार्थ प्रस्तुत करता है और कुंडलिनी जागरण से एक शरीर का दो स्थानों पर उपस्थित होना जैसे ए ऑटोबायोग्राफी ऑफ योगी के दृष्टांतों को... Continue Reading →
RangPanchmi
विश्व की अनमोल धरोहर बनने की राह पर इंदौर की रंगपंचमी की गेर🦚💦🌈🌈🫧💫🥇🎭🎈 परमानंद का अनुभव कराता है रंगों की सामूहिक मस्ती का यह पर्व। समग्र समाज को तनाव से बाहर लाने का है अदभुत पर्व। 🔺डॉ. अनिल भदौरिया 🔺 किसी भी समाज का दर्पण होता है, पुरातन काल से चली आ रही उसकी परंपरा... Continue Reading →
Story Of A Leaf
पेड़ से गिरी पत्तियों मेंजीवन बिखरा पड़ा हैतने से जुड़ा था कभीआज भू पर छितरा पड़ा है था यूं ऊर्जा से भरपूरआज धरती चूमने कोलीला का अंत करउसके आग़ोश में पड़ा है कहने को मित्र थातने ओ शाखा काग़लबहियाँ के मौसम मेंप्रेम में डूबा पड़ा है सबको अपने सेबड़ा समझता हूँछोटे बना रहने मेंआनंदित हुआ... Continue Reading →
Song of Stone
पत्थरकौड़िया बिखरी पड़ी है, नीले नभ के नीचेसमंदर बीत रहा है, हम रहे सदा नेत्र मींचे. कहने को पत्थर अनमोल, रितु स्नान को आतुरमंदिर रहें तो पूजे जाएं, नहीं तो बने रहे निष्ठुर राह पड़े तो रोड़ा कहलाए, इंसान भी ठुकराए, एक स्थान को टिक जाएं, तो पाषाण भी पूजा जाए शिला धरा की धाती... Continue Reading →
Hospital Nuisance
अस्पताल का दृश्य : आपके इस सरकारी अस्पताल में डॉक्टर साहब सुविधा नाम की चीज नहीं है, स्टाफ आपका बदतमीज है, दवाइयां आपके यहां है नहीं…इसको ताला क्यों नहीं लगा देते हैं ! ( एक असंतुष्ट का उच्च स्वर में प्रलाप) सही कहा आपने, हम बहुत कम संसाधनों में काम कर रहे हैं हमारे पास... Continue Reading →
Good Deal
कितने का है यह एग्जॉस्ट फैन1050 कागारंटी वारंटी क्या है1 साल की वारंटी है मैं 1 साल और बढ़कर आपको दे दूंगामैं बोल भाव नहीं करूंगा पूरे 1050 दूंगा परंतु मुझे आफ्टर सेल सर्विस चाहिए ऑन साइट, पक्का बिल और जी एस टी कटा हुआ चाहियेजी हां हो जाएगा 2 मिनट में सौदा समाप्त
Threat Unlimited
प्रभुत्व का प्रभाव: पत्रकार:मैं एक राष्ट्रीय अखबार का संवाददाता हूं और आपके सरकारी दफ्तर में यह काम करना चाहता हूं !अधिकारी:डीटेल्स दे दीजिएपत्रकार:यह डिटेल्स है मैं अखबार में हूं .अधिकारी:वह बताने की जरूरत नहीं है अगर आपकी पात्रता है तो यह कार्य बिना अखबार में आपकी पोज़ीशन के विज्ञापन ही हो जाएगा आप बैठिए .... Continue Reading →
Angry yet not Unfriendly!
लघु संवाद -२ मित्रों का संवाद: क्या आप मुझसे नाराज हैं ? हां ! क्या कारण है ? मैं बताना उचित नहीं समझता ! क्यों? क्योंकि आप सदैव से मेरे प्रति सदाशय रहे हैं ! तो अब क्या हुआ ? मुझे कहीं असंतुष्टि है इसलिए मैं नाराज हूं ! तो कारण नहीं बताएंगे ? कारण... Continue Reading →
Government Experience
सरकारी नौकरी और प्रोफेशनल दृष्टिकोण: मेरी बंदूक का लाइसेंस रिन्यूअल में देरी क्यों हो रही है? आपकी लाइसेंस की जांच चल रही है. पुलिस वेरिफिकेशन के बाद ही लाइसेंस का नवीनीकरण किया जाएगा. आप मुझे परेशान कर रहे हैं! नहीं, कार्य की प्रक्रिया है जिसे अभी लागू किया गया है इसमें 10 से 15 दिन... Continue Reading →
Forgotten
हद से बढ़े तोहादसे हुएमौन से भी तोफ़ासले हुए नैनों से निर्मलइशारे हुएबिन बोले भी तोसंवाद हुए शोर चाहे जो होशांत सब हुएमाया मोह मेंग़लत हम हुए प्रकृति प्रभु समानहम भूले हुएख़ुद ही ख़ुदा होन्यायप्रिय कब हुए सुनना यूँ भूलेसदैव बोलते हुएप्रतिक्रिया देते देतेश्रोता कब हुए मायालोक के हामीइस तरह बिंधे हुएबंदी हम सभीमहासुख भूले... Continue Reading →
Nashik : Spiritual Place
आध्यात्मिक ऊर्जा है नासिक में 38 दर्शनीय स्थल एक नगर के आस पास. पंचवटी सीता गुफा, दुधसागर जल प्राप्त, सप्तश्रंगी, ज्योतिर्लिंग, नाशिक गुफा बौध हीनयान को समर्पित, अजनेरी हिल्स – हनुमान जन्म स्थल, कपिलेस्वर मंदिर,जैन टेम्पल, दुगार्वादी जल प्रपात, कालाराम टेम्पल, बालाजी देवस्थान, पत्थर मुसें, कॉइन म्यूजियम, वाइन यार्ड, अंगूर के खेत और एक जीवंत... Continue Reading →
Ramakatha Saar
रामायण का पाठ और शिक्षा : क्षत्रिय धर्म: समाज में शुद्धता की स्थापना और रक्षा के धर्म पालन के लिए राजधर्म से हथियार उठाकर युद्ध को प्रस्तुत होने पड़े तो अपनी संतान को भी आगे भेजो. विश्वामित्र के आव्हान पर अयोध्या राजा दशरथ ने आपने अबोध और युवा बालकों राम-लक्ष्मण को 16 वर्ष की... Continue Reading →
Bird, Little Angel
चिड़ा चिड़ी सोचा कभी , गाँव की गौरेया, शहर आके धरोहर हो गयी….सोचा क्यों नहीं, गाँव की बहुलता, शहर में नगण्य हो गयी…सोचा मैंने, गाँव गाँव में पलने फलने वाली घरेलु चिरेया….देखते देखते विकास की अद्भुत, सप्रेम शहीदी भेंट हो गयी….कभी थी ये, सर्दी गर्मी में घर दालान की रोचक रौनक…..नैनसुख की हामी, उर्जा पुंज,... Continue Reading →
I go Happy
……यूं खुश हो लेता हूँ मैं. कड़ी दौड़ ज़िन्दगी की है रोज,हारता कभी तो जीतता कभी,बहती हवा को सूंघ दिल से,यूं खुश हो लेता हूँ मैं. १ थकता हूँ ,फिर होता खड़ा,मन को समझा लेता हूँ,.उगते सूरज को देखकर,यूं खुश हो लेता हूँ मैं. २ खाता हूँ धोखा बारंबारविश्वास करना छोड़ता नहीं,बरसती बूंदों का त्याग... Continue Reading →
Little Bit
थोड़ा थोड़ा…. जोड़ा बहुत कुछ,कुछ जोड़ा थोड़ा.जो दिल तोडा तो,बहुत धन जोड़ा. चलना जो सीखा तो,मन लगा के भी दौड़ा.साकार को समझा तो,निराकार भी थोड़ा. पितृ भाव पाला तो,बचपन भी यादों में रखा.प्रेम का धन सहेजा तो,विष भी रखा थोड़ा. गद्य को पढ़ा-लिखा तो,पद्य भी किंचित उकेरा.विज्ञान को साधा तो,गूढ़ वित्त भी समझा थोड़ा. अचरज... Continue Reading →
Be Tree
निरे वृक्ष तुम….. कहने को तो कुछ नहीं,निरे वृक्ष तुम.गतिहीन और निश्चल,और क्रोधहीन. पानी – मिटटी से जुड़े,छल पाप से परे.लेने का सुभाव कम,देना ही तुम पढ़े. जीते जी प्राणवायु देते,मरते ही लकड़ी.हरियाते जीवन भर,हो अनमोल दमड़ी. गरलमना, वायु सोखते,भले हो दूषित.वृक्ष तुम, ठंडी रखते धरा,और जल से पूरित. फुल फल से आलोकित,पत्ती तना है... Continue Reading →