10 Commandments- (A Poem for student.) Ask yourself what you wish in life,Take the first step quite wisely. 1 Relations and near-dear change,True ones are rare, choose wisely. 2 You will taste failure and sorrow,Let that not stop you,Promise wisely. 3 Dream may be far, deal with zeal,Have good friends & March wisely. 4 If... Continue Reading →
Shashtri Vs Shashtri: Movie Review
छोटे होते परिवार और शिथिल होती संस्कार की भावनाए एक परिवार की पहचान तो बन ही रही है लेकिन उन्नति के सुनहरे पथ पर न केवल परिवार की अवधारणा की क्षति हो रही है बल्कि संस्कार भी नेपथ्य में अपने आप स्थान प्राप्त कर रहे हैं.यदि संस्कार शिक्षा और पालन पोषण के चलते परिवार और... Continue Reading →
Ready to be Human
चाह चहेती…अजन्मे की …. मानव जन्म को मैं सज्ज हूँ,उस मृत्युलोक में जीने कोभले श्रमसाध्य तुम बनाना,पर मेहनत का रस देना. कष्ट भले भाग्य में लिखना,नैतिक बल की भेंट दे ना.भूख भले पूरी न मिटाना,पर रोटी तुम चैन की देना. फल की आस करूँ, मैं भले अति,परिणाम में सहमति देना.जीवन समर है, अनन्त काल से,तनिक... Continue Reading →
Almighty Sea
समंदर का खाली हो जाना… कहते खारा पानी बड़ा शीतल होता है,समंदर कभी भी मीठा नहीं होता है . जलराशि अथाह और प्रेम कुछ नहीं,अहंकार से सबको परे धकेलते रहना है. लहरों की शान, नभ जैसे पसरी पड़ी है,पीने को पानी भी नहीं, भंडार भरे हैं. फिर भी शांत मन, सूरज के आगे अर्पित है,खारे... Continue Reading →
3 of Us
Movie Review Movie Review:3 of USIndian diaspora of filming is seeing a paradigm shift in film making as conventional topics are getting a backseat as Very untouched Topics are presented on celluloid. In this movie Three of us, clear identification of a neurological disorder of Forgetfulness i.e. Dementia is highlighted in such a way that... Continue Reading →
Nectar Rain
अमृत वर्षा … सूर्य की अमृत वर्षा,भूलोक की धाती है.रश्मि पुंज का क्षितिज,लोकचक्षु कहलाती है. काशी के लोलार्क की यात्रा से,रवि दर्शन को मुक्ति नयना.सप्त्श्रवाहन के चालक बलिहारी,बैशाख के तुम सूर्य अर्यमा. पीतवर्ण सहस्त्र किरण,काशी के तुम उत्तरार्क.ज्येष्ठ मासे मित्र नामे,उदय पर्वत निवासी. अशाढे अरुण रथारूढ़,द्रोपदी अक्षय पत्र दाता,सावने तुम इंद्रा – आदित्य,शिव के तुम... Continue Reading →
Let it be the last day
जैसे आज आखिरी दिन हो…. मानव उद्घोष करते जैसे मिटटी का दिया,अँधेरे से भी किला लडाता अकेला.घोर घटाटोप अंधेरे से समर-रत ऐसे,आज आखिरी दिन हो जैसे. आसक्ति मोह की, लालसा धन की,प्रवृत्ति बैर की और निवृत्ति नहीं.भेद-क्रोध पकडे विवेक-वैराग्य छोड़े,जैसे अमरत्व का घृत पिए हों. यात्रा का आनंद यात्रा में मंजिल में नहीं,भले तुम स्वादु... Continue Reading →
Forgetting We
गरलमना गरलमनारहते हम.सरल होना,भूलते हम. गाँठ के पुरे,विष मनन.तरल होना,भूलते हम. जटिल होना,आसान है.सुगम होना,भूलते हम. कलकल मधुर,मन भये.मीठा कहना,भूलते हम. अनुकरण को,सज्ज सदा.आत्मखोज को,भूलते हम. दौड़ मायावी,असीम अनंत.धीमे दौड़े तो आगे.भूलते हम. नयन जो देखें, सदा सच नहीं.बार बार की जाँच,भूलते हम. जीव अस्थायी,भाव जैसे सदा का.यात्रा क्षणभंगुर,भूलते हम. वक्त बीतता ,खर्च होते हम.जन्म... Continue Reading →
Rest all is Fake
बाकी सब मिथ्या है….. मृत्यु का कारण जन्म है,ये माया का अहंकारी लोक है.कई तो पीड़ित, कुछ ही आनंदित,अवतार ये मानव का अमोघ है . 1 नभ से उतरती लीला,रसभरी धरा सुंदर सत्य,रक्षण करो हर क्षण का,भूले तुम कि सब मिथ्या है. 2 दौड़ एक तरफ़ा, मोह की माया,कोई समझा कोई विष्मृत.जन्म व्यर्थ न जाये... Continue Reading →
Tiger Tale
बाघ के किस्से दो किस्से सुनाता हूं सीधे बाघ से संबंधित हैं बाघ का एक्स्पोज़र होता है तो इस महामना महा शक्तिमान मानव की क्या स्थिति होती है आपका अंदाज लगेगा… … चुनाव में ड्यूटी लगी थी विधानसभा की, आज से 20 साल पुरानी बात है, मेरा जोनल ऑफिसर डी.एफ.ओ.(IFS) था. चोरल के आसपास के... Continue Reading →
Birdie
चिड़ा चिड़ी ————————-सोचा कभी , गाँव की गौरेया, शहर आके धरोहर हो गयी….सोचा क्यों नहीं, गाँव की बहुलता, शहर में नगण्य हो गयी… सोचा मैंने, गाँव गाँव में पलने फलने वाली घरेलु चिरैया….देखते देखते विकास की अद्भुत, सप्रेम शहीदी भेंट हो गयी….कभी थी ये, सर्दी गर्मी में घर दालान की रोचक रौनक…..नैनसुख की हामी, उर्जा... Continue Reading →
Be life
जीने को सज्ज हूं…. ध्यान रखना तू सदैव,सच बोला तो घृणा पायेगा,झूठ की फसल यहाँ लहराती,मौन रहना सुख दिलाएगा.. कर्म का पाठ कृष्ण ने दिया है,फल को भुलाना होगा.सफल होने को तभी,तू कमर कस पायेगा. सत्ता सम्पदा साख के त्रिगुन,माया के अभिन्न अंग.बुद्धि से संभल ले इनको जो तूजीवन में तू भर लेगा रंग. जादू... Continue Reading →
Lottery, A Myth
लाटरी लग गयी…. भास्कर देव उपर चढ़ आये, तो आँखे मलते मैंने आँख खोली, हे प्रभु, फिर नया दिन, मर मर के जीना पड़ेगा, अधम है जीवन….कहते मैंने रिमोट से ए सी बंद किया और हवाई चप्पल तलाशते नित्यकर्म को अग्रसर हो गया. स्नानग्रह में भी विचार शुन्य न हो पाया की वित्त पोषण कैसे... Continue Reading →
Stray Dog : A Problem Major
आवारा श्वान : आशीर्वाद को आतुर जब से नगर में सड़कों पर गाय गायब हुई है तब से गली के आवारा कुत्ता मण्डली की तो जैसे लॉटरी लग पड़ी है. कुछ कुत्ता प्रेम और कुछ वैधानिक निर्णय के चलते गली में व्यर्थ-भ्रमण के हामी ये कुकुर प्रजाति को ऐसी इम्यूनिटी (निरोध क्षमता) प्राप्त हुई है... Continue Reading →
Raja Bhoj : Reckoning Story
लोकप्रिय राजा, सदा प्रजा के लिए। ये कथानक राजा भोज का है जो परमार वंश के 7वीं शताब्दी दौरान मध्य भारत के शासक थे। राजा भोज का नाम बड़े सम्मान के साथ उनकी न्यायप्रियता, नागरिको की समग्र सेवा ओर सदाशयता के लिए लिया जाता है। आज का भोपाल पूर्व में उनके नाम भोजपाल पर ही... Continue Reading →
Movie Review: 12th Fail
Movie Review: 12th Fail वैसे तो पढ़ने के इस दौर में ऑटोबायोग्राफी पढ़ना सबसे अच्छा अनुभव होता है परंतु स्क्रीन पर पढ़ने वाले अब पुस्तक में पढ़ने की तुलना में अधिक हो गए हैं और पुस्तकों में लिखित भावनाओं का ज्वार और भाटा जो आप जी सकते हैं वह संभवत सेल्लुलोईड पर उतरकर ना आने... Continue Reading →
Healthy Environment
पर्यावरण का आरोग्य ….. आरोग्य का पर्यावरण अरे, भाई डॉक्टर, आजकल बहुत थका थका सा रहता हूँ मैं.तू तो बचपन से ही थकेला है! इसमें कुछ नया नहीं है.नहीं यार भाई, तू समझ अब मैं जल्दी थक जाता हूँ, उर्जा ही नहीं रहती है.कितने का हो गया है तू?यार , कैसी बात करता है साथ... Continue Reading →
Be the light by yourself
कुछ यूं अपनी हस्ती, बनाये रखता हूँ…. हो भले नकली मुस्कान, चेहरे पर बनाये रखता हूं …. चेहरा ही मुखोटा है, नम भाव बनाये रखता हूं। ग़म हो या अतृप्त तृष्णा, साधुभाव बनाये रखता हूँ…. स्वयं से मैं खुशी का साथ सदा बनाये रखता हूं। फटी कमीज या चप्पल टूटी, आशा को ऊपर रखता हूं... Continue Reading →
Couldn’t Understand
…..कभी मैं समझा नहीं….. खेत खलिहान नयी खाद से रोपे ,भले भूमि बंजर हो हो जायेपशु गौधन कोई और पाले,दूध घी मेरा, कभी मैं समझा नहीं…..१ अच्छी सेहत को खा पी के बिगाड़ लिया,घर का भोजन भाये नहीं,फिर दवाई से करो उपचार,मेहनत होवे नहीं, कभी मैं समझा नहीं….२ सड़क के लाल संकेत पर मैं रुकता... Continue Reading →
Maheshwar : River Side
नर्मदा तीरे महेश्वर धाम दो बरस पूर्व नवंबर माह में जब मैं अपने भाइयों के साथ इंदौर के दक्षिण पश्चिम में स्थित 90 किलोमीटर दूर नर्मदा नदी के तट पर महेश्वर नगर में पूज्य मां के देह त्याग उपरांत अस्थि विसर्जन के प्रयोजन को गया तो ऐसा प्रतीत हुआ कि मां नर्मदा अपने निर्जल मन... Continue Reading →
God has NO Sunday
उसका रविवार नहीं होता….. इस बार चला जब , मैं इश्वर के दर से,पूछा, क्या आकांक्षा है तेरी मृत्युलोक सेहा, भले कम देना बुद्धि, मित्र दें बुद्धिमानभले लगे मेहनत, खूब मिले मुझे खूब ज्ञान. कहा भले देना कम धन,मित्र देना साधुवानमांगने का भाव न देना और न देना टूटने आसजो कष्ट देने जाना पड़े, सुदामा... Continue Reading →