हौलीवुड से लेकर बालीवुड तक फैंटेसी, इमोशन, रोमांटिक, कॉमेडी और एक्शन फ़िल्मों के साथ फैंटेसी चलचित्रों और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर ओडिसी, ट्रॉय, माइकल जैसी फ़िल्मों के दर्शन में आकर्षित होते भारतीयों की रुचि की रेंज इतनी बड़ी है कि जिस के प्रति आश्चर्य चकित होना ही चाहिए. उसी श्रृंखला का तपस्वरूप विस्तार है हनुमान अंश जो सत्य घटनाओं पर आधारित है.
यदि आप संत परंपरा के जानकार है और रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, परमाहंस योगानंद, लहरी महाशय, योगानंद गिरी महाराज अथवा श्री एम जैसे योगियों को कभी आपने ऑटोग्राफ़ी ऑफ़ ए योगी ( परमहंस योगानंद) अथवा अप्रेंटिस्ड टू हिमालय मास्टर्स (श्री एम) में पढ़ा हो तो भारत भूमि पर संत चमत्कार की अवधारणा आश्चर्यचकित नहीं करती है.
उसी शृंखला में कल मंगलवार को नीम करौली बाबा कैंची-धाम के जीवन प्रसंगों पर निर्मित एक चलचित्र हनुमान अंश को देखने अद्भुत सौभाग्य हुआ और कुछ इतना अभिभूत हुआ कि भावनात्मक स्तर पर नम आँखों के साथ संत भावना से साक्षात्कार होते देख ऊहापोह में बना रहा. भारतीय समाज की मनोरंजन की भावना लगभग सभी धार्मिक कार्यक्रम और विभिन्न संस्कारों में यदा कदा सर्वदा प्रदर्शित होती रहती है और यही मनोरंजन के भाव मन में लिए हनुमान- अंश चलचित्र को देखने जाने का भाव हुआ प्रणति एक शिक्षाप्रद और आध्यात्मिक संदेश का प्रसारण मन मस्तिष्क में होता गया.
आसक्ति का भ्रमजाल मायालोक में पसरा पड़ा है और तोता-रटंत की भाँति मानव मन, सच को जानते हुए भी कनक, काया और कीर्ति में उलझा ही रहता है . चमत्कार की अवधारणा सच है और हम भारतीय पश्चिमी प्रस्तुति चाहे वह सुपरमैन, फ़ास्ट एंड फ्यूरियस या मैट्रिक्स जैसी चलचित्रों जहां परिकल्पना से भरी उड़ान से उद्वेलित और चकित होते जाते हैं. वहीं सच्चाई में इस चलचित्र के माध्यम से आर्यावर्त की इस देवभूमि पर स्वयंहित में कुंडलिनी जागरण से लोकहित में समाधि और साधना करते हुए अनजान व्यक्ति की भी हित कर देने की भावना मन-मानस को द्रवित कर देती है.
आज की दौर के बालक, जवान और अधेड़ व्यक्तियों के मानस में इस चित्र के प्रति संशयात्मक भाव से परीकल्पना की उड़ान से बनी पिक्चर का भाव भले उत्पन्न हो परंतु यह सत्य भी स्थापित होता है कि आध्यात्मिक विज्ञान और संस्कार की उड़ान विज्ञान की सीमा से भी परे स्थापित है.
स्वामी लक्ष्मणदास अथवा नीम करौली बाबा के जीवन दृश्यों को प्रदर्शित करती यह मूवी राम भक्त हनुमान के प्रति भारतीय जनमानस की आस्था को न केवल सुदृढ़ करती है बल्कि यह संदेश भी देती है के जीवन के प्राकृतिक नियमों के पालन से मोक्ष एवं भक्ति की प्राप्ति संभव है.

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