Movie Review : The Last Samurai

इतिहास के दृष्टांतों और पृष्ठभूमि को देखा जाए तो मानव इतिहास के वैश्विक पटल पर युद्ध की राजनीति और राजनीति का युद्ध यदा-कदा नहीं निरंतर होने वाली घटना के रूप में देखा जा सकता है. न जाने क्यों ऐसा प्रतीत होता है कि मानव के गुणसूत्रों में झगड़े का तत्व उपस्थित है और वह मानव समाज और जाति को शांति से बैठने नहीं देता है. योद्धा की शारीरिक कुशलता के साथ साथ हाथों से चलाए जाने वाले शस्त्रों का कुशलतापूर्वक अत्यधिक बुद्धिमता पूर्ण उपयोग उसे कुशल योद्धा स्थापित करता है जिसका उदाहरण भारतीय इतिहास में भी मिलता हैं

परंतु यहाँ मैं The Last Samurai चलचित्र को उल्लेख करना चाहूँगा जहाँ सीधे लड़ाई शस्त्रों (भाले, तलवार, तीर कमान) और आग्नेय अस्त्र (बंदूक, तोप) के मध्य थी जिसमें देश के प्रति सेवा के साथ साथ राजा के प्रति निष्ठा भी अद्भुत प्रदर्शन हुआ है. अमेरिकी विदेशी सलाहकार के अनुभव को जितना सही उपयोग इस ऐतिहासिक 1876 के घटनाक्रम में किया गया है वह न केवल उत्साह जनक है बल्कि जापानी परंपराओं के प्रति द्रवित करने योग्य भी है.

समुराई का मूल अर्थ रण-बांकुरा है जो एक कुशल योद्धा है जो अपनी तलवार, भाले, ख़ंजर, तीर-कमान के उपयोग से अपनी दुश्मनों को इहलोक से परलोक पहुँचने में सक्षम है. समुराई की गौरवशाली परंपरा का इस चलचित्र में अद्भुत चित्रण किया गया है जहाँ युद्ध के दृश्य रोमांचित तो करते ही है परंतु नैसर्गिक सौंदर्य भी अभिभूत किए बिना नहीं रहता है. इसके अतिरिक्त चलचित्र में घायल के प्रति सेवा का भाव एक अलग ही उच्च स्तर पर प्रदर्शित किया गया है जो आज के इस आधुनिक दौर में बहुत संभव प्रतीत नहीं होता है.

द लास्ट समुराई, हॉलीवुड के सब से प्रिय सितारे दर्शनीय टॉम क्रूज़ के अभिनय से सजी है जो चित्रांकन, निर्देशन, युद्ध दृश्य के साथ साथ भावनात्मक दृश्यों की भी मनमोहक प्रस्तुति करती है और नेटफ़्लिक्स के प्लेफॉर्म पर उपलब्ध यह चलचित्र अवश्य ही देखने योग्य है. समुराई यानी कुशल योद्धा के तत्वों के रूप में भारतीय योद्धा जिसे राणा कुंभा, राणा सांगा, महाराणा प्रताप, शिवाजी महाराज आधुनिक काल के योद्धा के समकक्ष इस समुराई को रखने के प्रयास करती है.

Leave a comment

Blog at WordPress.com.

Up ↑