क्या अजब ग़ज़ब त्योहार है
धागे की गठान बांधने को
कलाई पर धागा बने साक्षी
बहन का बंधन एक भाई को
सावन मास की पूर्णिमा को
रक्षा का वार्षिक तत्व आबद्ध
एक बहन के लिए उसका भाई
संबंधों की गरिमा को प्रतिबद्ध
कोई रस्म मात्र नहीं है यह
रक्षा-सूत्र हेतु बहन दूर से आई
थाली में टीका, रोली-अक्षत
दिया-बाती, कुछ मीठा सजाई
और रेशम से बना या
धागा बना है सूती वस्त्र
समर्पित होने को तत्पर
भाई बना बहन का शस्त्र
और सूत्रों में बंधी ये परंपरा
इस जन्म हम एक माँ के जाए
एक दूसरे के प्रति सम्मान
प्रेम और रक्षा का वचन निभाये
अनिल भाई अनिल

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