ITS said it takes a life time to create a history and just some events to tell a story. Some stories are hilarious while some are full of sorrow, but stories do make their presence in everybody’s life and become an experience after due course of time which are good enough to be shared with... Continue Reading →
Fears & SWOT(366)
(Blog No. 366 Both in English और हिंदी में …) It is difficult to judge whether the Subject of medicine is a science or an art. William Osler says that the subject of medicine is a science of uncertainty and the art of probability. And the irony fell on me like an electric shock when... Continue Reading →
God in Farmland(365)
खेत में भगवन…. खेत को जाते समय एक किसान की ईश्वर से मुलाकात हो गयी. किसान को जैसे ही दिखे भगवन. उसे कतई आश्चर्य न हुआ. वो तो किसान ने भगवन को तब पहचाना जब उसने खेत में बुआई की और कहा कि, प्रभुजी, समय से बारिश दे देना. भगवन ने सुन ली होगी तो... Continue Reading →
Never Judge(364)
Never judge a personas you will lose ‘emAccept as they arenever ever condemn. As they spew venomhow to be sparedKeep distance and aloofand be a little scared Judging a characterMay get you influencedVices and virtues, thusbe critically balanced.
Even a Lie works(363)
झूठ के पांव…. दरोगा जी ने डंडा फटकारा, सच बोलो!तुम्हारे आपसी झगडे से परेशान हो गया हूँ. हवालदार बंद करो इनको हवालात में.दो पडोसी, आदतन झगड़ालू, छोटी छोटी बातों पर. शहर के अविकसित क्षेत्र के रहवासी दोनों, देशी दारू पीकर जब तब उलझ पड़ते. जैसे तेरी मुर्गी मेरी तरफ कैसे आई या तुम्हारे घर से... Continue Reading →
Untouchable Truth(362)
सत्य अछूत है कलेक्टर कार्यालय में अनुविभागीय अधिकारी ले समक्ष करबद्ध खड़ा एक इतर विभाग का कर्मचारी.गरजे अधिकारी, कहाँ रहते हैं आप?शांति.बोलते क्यों नहीं हैं !शांति.अरे बोलिए भी! आपके बारे में शिकायत प्राप्त है की आप हेड क्वार्टर में नहीं रहते हैं और ऑफिस के बाद रोज शाम को गाँव चले जाते हैं.शांति.बोलिए , बोलिए,... Continue Reading →
Greetings(361)
पर्व …. बधाई हो, विवाह की वर्षगाठ की बधाई. खूब खुश रहो. फूलो फलो.……क्या भाई सब, आप भी इतने जोश से बधाई दे रहे हैं जैसे आज कोई पर्व हो. दो साढू जो २ सगी बहनों से ब्याहे होते हैं, आपस में फोन पर चर्चारत हैं. …….अरे भाई, विवाह की वर्षगांठ की बधाई तो जन्मदिवस... Continue Reading →
Step Forward(360)
…..बढ़ा देना !आरम्भ जो करो तो, घड़ी न देखना कभी,शुभ घड़ी ये जान, आगे कदम बढ़ा देना. आधे रास्ते पहुंचो तो, घड़ी न देखना कभी,अभी मैं पहुंचा नहीं, अपनी मेहनत बढ़ा देना. जो थक जाओ तो, घड़ी न देखना कभी,परीक्षा की घड़ी जान, उपाय बढ़ा लेना. मंजिल जो पा जाओ, घड़ी न देखना कभी,उत्सव की... Continue Reading →
Sanskar (359)
भारत के संस्कार.. कौन गाँव के हो?क्यारिपुरा.सुक्खू सिंह को जानते हो.मेरे दादा जी के बड़े भाई थे.अच्छा , साधू बाबा के पोते हो…… अब तो आधी रात है, यहाँ से घर जाने को गाडी न मिलेगी. कुछ खाया है कि नहीं.जी खा लिया है रस्ते में.तो जाओ उस खटिया पर सो जाओ. सुबह ६ बजे... Continue Reading →
Light House(358)
कुछ यूं अपनी हस्ती बनाये रखता हूँ…. एक नकली मुस्कान मैं,हमेशा चेहरे पर बनाये रखता हूं ….चेहरा ही मुखोटा है, हर हाल,नम भाव बनाये रखता हूं ग़म हो या अतृप्त तृष्णा,साधुभाव बनाये रखता हूँ….स्वयं से मैं एक खुशी का साथसदा बनाये रखता हूं फटी हो कमीज या चप्पल टूटी,आशा को ऊपर रखता हूं …भले हो... Continue Reading →
Mark the Marketing Story (357)
मेरी और तेरी मार्केटिंग…. (टेली मार्केटिंग का दो सुधिगणों के मध्य का संवाद)हेल्लो,जी बोलिए,जी मैं एबीसी बैंक से शीतल बोल रही हूँ….आपको क्रेडिट कार्ड देने के लिए फोन किया था.थैंक यु , बेटा मेरी कोई रूचि नहीं है.सर, इस कार्ड के बहुत फायदे है.जी, मैडम, फायदे तो मरने के भी बहुत हैं, लेकिन कोई मरना... Continue Reading →
Happy Me…(Blog-356)
……यूं खुश हो लेता हूँ मैं. कड़ी दौड़ ज़िन्दगी की है रोज,हारता कभी तो जीतता कभी,बहती हवा को सूंघ दिल से,यूं खुश हो लेता हूँ मैं. थकता हूँ ,फिट होता खड़ा,मन को समझा लेता हूँ,.उगते सूरज को देखकर,यूं खुश हो लेता हूँ मैं. खाता हूँ धोखा बारंबारविश्वास करना छोड़ता नहीं,बरसती बूंदों का त्याग देख,यूं खुश... Continue Reading →
Fake Coins (355)
खोटे सिक्के भी चलते…. सूरज उगता, चाँद चमकता है, नियम सदियों से ये पालन करते,कलियुग है भले इतना घना, खरे छोड़, खोटे सिक्के भी चलते. शुद्धता के हम सब हामी, नैत्कता फिर भी न सहेजतेसच्चा हो भले खरा, खोटे सिक्के भी पुजते. चौकीदार रखते ईमानदार सदा, आदत चोरी की कभी न रोकते,सिद्दांत, निष्ठा की बातें... Continue Reading →
Stairs(Blog-354)
उम्र यूँ सीढ़ीनुमा चाल से चढ़ती जाती है ….दिन कम हो या नम, एहसास निरंतर कराती है … मंजिल पर पहुंचना ही होगा तू चला चल ….जीवन का यह पाठ निरंतर पढ़ाती जाती है …. जो सीढ़ी जाती ऊपर हैं, नीचे आना भी क्रम है….जो समझ ले यह मोह माया, यह पराक्रम है जब तक... Continue Reading →
Rather be Gentleman(Blog – 353)
YOU RATHER BE GENTLEMAN…. Life will test you, for matter or mettle,Big or Small, you have to face the battle.Success or failure, come and bound to go,Pretty faces smile or reject you be friend or foeYou rather be gentleman. They may scold or dump you to ruins,Elated or depressed to think to quit life,Friends or... Continue Reading →
I was wrong!
Blog No 352 When I talk to myself, I found myself to be wrong!Whether it’s a cakewalk or a tough terrain,I tried to scold & push to outreach,And karma taught me , I was wrong! As I kept ego and venom as priorityAnd opted to be biasedStill I ran amok to succeedAnd time told me,... Continue Reading →
Rain Drops(Blog-351)
……………..बरसती बूंदें बरसती बूंदें आसमान से,लाती ख़ुशी का संदेशहरी भरी होती धरा,जीवंत होता भारत देश. बूंद बूंद से बनती ये अमृता,बूंद सा बचपन धरोहर बनताधरा की पूर्णता बूंदों की थाती,पानी की हर बूंद जीवन महकाती. सहेज लें ये अमृत सी अमृता
Letter to Nation..(Blog-350)
मेरे देश के नाम पाती… संस्कार की धनी, ज्ञान की धाती, प्रेम की धरोहर और मुक्ति की हामी ये देवभूमि मेरी मातृभूमि,आर्याव्रत कहो या भारत या हिंदुस्तान या इंडिया. . . भारत बना है मेरी जन्मभूमि,मेरे पूर्वजन्म के सत्कर्मों से.भारत बना है मेरी कर्मभूमि,मेरी निष्ठां औ मेहनत से.भारत ही बनेगा मेरी मुक्तिभूमि,मेरे ध्यान औ प्रेम... Continue Reading →
Mean Disciples…(Blog-349)
भगवान की कहानियां… भगवान खूब आनंदित रहते हैं परंतु कभी कभी मृत्युलोक की यात्रा को भी उपस्थित होते हैं और मानव को दर्शन भी देते हैं। यहां द्वैत और अद्वैत का प्रश्न त्याग दें तो ईश्वर के दर्शन का लोभ प्रत्येक सुधिमन को सदैव बना रहता है। यह बात और कि प्रभु दर्शन की असीम... Continue Reading →
My Pets(Blog-348)
आज के पेट्स ….. (दो नये मित्रों का संवाद) आपके घर पेट्स हैं क्या?जी,मतलब?अरे कोई पालतू जानवर है क्या?हाँ, हाँ अब तो एक कछुआ मात्र है.याने पहले और भी पेट्स थे.हाँ, दो बैल थे.बैल!हाँ, ३ भैंसे भी थीं.भैंस, पेट्स …कैसे!और ४ गायें भी थीं…और हाँ एक देशी कुत्ता भी..और एक घोड़ी भी.अरे ! सोचा न... Continue Reading →
Saintly Sadhu Baba(Blog-347)
साधू बाबा उनका गाँव ही नहीं, आस पास के ५२ गाँव उन्हें साधू बाब के नाम से आधी सदी से बुलाते थे. सन १९०२में जन्मे , चम्बल के किनारे क्यारिपुरा गाँव के पुरखा, पुरोधा और अपने जमाने के पहलवान राजपूत कहे जाते थे…जो १८ छंटाक घी ठौर बैठे पी जायें और ५०० उठक बैठक लगा... Continue Reading →