Story Of A Leaf

पेड़ से गिरी पत्तियों मेंजीवन बिखरा पड़ा हैतने से जुड़ा था कभीआज भू पर छितरा पड़ा है था यूं ऊर्जा से भरपूरआज धरती चूमने कोलीला का अंत करउसके आग़ोश में पड़ा है कहने को मित्र थातने ओ शाखा काग़लबहियाँ के मौसम मेंप्रेम में डूबा पड़ा है सबको अपने सेबड़ा समझता हूँछोटे बना रहने मेंआनंदित हुआ... Continue Reading →

Song of Stone

पत्थरकौड़िया बिखरी पड़ी है, नीले नभ के नीचेसमंदर बीत रहा है, हम रहे सदा नेत्र मींचे. कहने को पत्थर अनमोल, रितु स्नान को आतुरमंदिर रहें तो पूजे जाएं, नहीं तो बने रहे निष्ठुर राह पड़े तो रोड़ा कहलाए, इंसान भी ठुकराए, एक स्थान को टिक जाएं, तो पाषाण भी पूजा जाए शिला धरा की धाती... Continue Reading →

Hospital Nuisance

अस्पताल का दृश्य : आपके इस सरकारी अस्पताल में डॉक्टर साहब सुविधा नाम की चीज नहीं है, स्टाफ आपका बदतमीज है, दवाइयां आपके यहां है नहीं…इसको ताला क्यों नहीं लगा देते हैं ! ( एक असंतुष्ट का उच्च स्वर में प्रलाप) सही कहा आपने, हम बहुत कम संसाधनों में काम कर रहे हैं हमारे पास... Continue Reading →

Good Deal

कितने का है यह एग्जॉस्ट फैन1050 कागारंटी वारंटी क्या है1 साल की वारंटी है मैं 1 साल और बढ़कर आपको दे दूंगामैं बोल भाव नहीं करूंगा पूरे 1050 दूंगा परंतु मुझे आफ्टर सेल सर्विस चाहिए ऑन साइट, पक्का बिल और जी एस टी कटा हुआ चाहियेजी हां हो जाएगा 2 मिनट में सौदा समाप्त

Threat Unlimited

प्रभुत्व का प्रभाव: पत्रकार:मैं एक राष्ट्रीय अखबार का संवाददाता हूं और आपके सरकारी दफ्तर में यह काम करना चाहता हूं !अधिकारी:डीटेल्स दे दीजिएपत्रकार:यह डिटेल्स है मैं अखबार में हूं .अधिकारी:वह बताने की जरूरत नहीं है अगर आपकी पात्रता है तो यह कार्य बिना अखबार में आपकी पोज़ीशन के विज्ञापन ही हो जाएगा आप बैठिए .... Continue Reading →

Angry yet not Unfriendly!

लघु संवाद -२ मित्रों का संवाद: क्या आप मुझसे नाराज हैं ? हां ! क्या कारण है ? मैं बताना उचित नहीं समझता ! क्यों? क्योंकि आप सदैव से मेरे प्रति सदाशय रहे हैं ! तो अब क्या हुआ ? मुझे कहीं असंतुष्टि है इसलिए मैं नाराज हूं ! तो कारण नहीं बताएंगे ? कारण... Continue Reading →

Government Experience

सरकारी नौकरी और प्रोफेशनल दृष्टिकोण: मेरी बंदूक का लाइसेंस रिन्यूअल में देरी क्यों हो रही है? आपकी लाइसेंस की जांच चल रही है. पुलिस वेरिफिकेशन के बाद ही लाइसेंस का नवीनीकरण किया जाएगा. आप मुझे परेशान कर रहे हैं! नहीं, कार्य की प्रक्रिया है जिसे अभी लागू किया गया है इसमें 10 से 15 दिन... Continue Reading →

Forgotten

हद से बढ़े तोहादसे हुएमौन से भी तोफ़ासले हुए नैनों से निर्मलइशारे हुएबिन बोले भी तोसंवाद हुए शोर चाहे जो होशांत सब हुएमाया मोह मेंग़लत हम हुए प्रकृति प्रभु समानहम भूले हुएख़ुद ही ख़ुदा होन्यायप्रिय कब हुए सुनना यूँ भूलेसदैव बोलते हुएप्रतिक्रिया देते देतेश्रोता कब हुए मायालोक के हामीइस तरह बिंधे हुएबंदी हम सभीमहासुख भूले... Continue Reading →

Nashik : Spiritual Place

आध्यात्मिक ऊर्जा है नासिक में 38 दर्शनीय स्थल एक नगर के आस पास. पंचवटी सीता गुफा, दुधसागर जल प्राप्त, सप्तश्रंगी, ज्योतिर्लिंग, नाशिक गुफा बौध हीनयान को समर्पित, अजनेरी हिल्स – हनुमान जन्म स्थल, कपिलेस्वर मंदिर,जैन टेम्पल, दुगार्वादी जल प्रपात, कालाराम टेम्पल, बालाजी देवस्थान, पत्थर मुसें, कॉइन म्यूजियम, वाइन यार्ड, अंगूर के खेत और एक जीवंत... Continue Reading →

Ram-katha Saar

रामायण का पाठ और शिक्षा : क्षत्रिय धर्म: समाज में शुद्धता की स्थापना और रक्षा के धर्म पालन के लिए राजधर्म से हथियार उठाकर युद्ध को प्रस्तुत होने पड़े तो अपनी संतान को भी आगे भेजो. विश्वामित्र के आव्हान पर अयोध्या राजा दशरथ ने आपने अबोध और युवा बालकों राम-लक्ष्मण को 16 वर्ष की कम... Continue Reading →

Bird, Little Angel

चिड़ा चिड़ी सोचा कभी , गाँव की गौरेया, शहर आके धरोहर हो गयी….सोचा क्यों नहीं, गाँव की बहुलता, शहर में नगण्य हो गयी…सोचा मैंने, गाँव गाँव में पलने फलने वाली घरेलु चिरेया….देखते देखते विकास की अद्भुत, सप्रेम शहीदी भेंट हो गयी….कभी थी ये, सर्दी गर्मी में घर दालान की रोचक रौनक…..नैनसुख की हामी, उर्जा पुंज,... Continue Reading →

I go Happy

……यूं खुश हो लेता हूँ मैं. कड़ी दौड़ ज़िन्दगी की है रोज,हारता कभी तो जीतता कभी,बहती हवा को सूंघ दिल से,यूं खुश हो लेता हूँ मैं. १ थकता हूँ ,फिर होता खड़ा,मन को समझा लेता हूँ,.उगते सूरज को देखकर,यूं खुश हो लेता हूँ मैं. २ खाता हूँ धोखा बारंबारविश्वास करना छोड़ता नहीं,बरसती बूंदों का त्याग... Continue Reading →

Little Bit

थोड़ा थोड़ा…. जोड़ा बहुत कुछ,कुछ जोड़ा थोड़ा.जो दिल तोडा तो,बहुत धन जोड़ा. चलना जो सीखा तो,मन लगा के भी दौड़ा.साकार को समझा तो,निराकार भी थोड़ा. पितृ भाव पाला तो,बचपन भी यादों में रखा.प्रेम का धन सहेजा तो,विष भी रखा थोड़ा. गद्य को पढ़ा-लिखा तो,पद्य भी किंचित उकेरा.विज्ञान को साधा तो,गूढ़ वित्त भी समझा थोड़ा. अचरज... Continue Reading →

Be Tree

निरे वृक्ष तुम….. कहने को तो कुछ नहीं,निरे वृक्ष तुम.गतिहीन और निश्चल,और क्रोधहीन. पानी – मिटटी से जुड़े,छल पाप से परे.लेने का सुभाव कम,देना ही तुम पढ़े. जीते जी प्राणवायु देते,मरते ही लकड़ी.हरियाते जीवन भर,हो अनमोल दमड़ी. गरलमना, वायु सोखते,भले हो दूषित.वृक्ष तुम, ठंडी रखते धरा,और जल से पूरित. फुल फल से आलोकित,पत्ती तना है... Continue Reading →

Salvation

….सद्गति रहना तू तैयार सदा,उस अंतिम यात्रा को.भूल न जाना कभी,परम हो जाने को. एक सार होना है कभी,मिटटी हो जाने दो.सब छूटेगा कभी ये साथ, भवलीन होने को. भले दौड़ो तेज कभी,भूलो नहीं रुकने को. माया अनंत संसार परक,खूब मन लुभाने को. मद मोह लोभ है क्षणिक,तुझे भरमाने को. भोर भई सांझ ढली,कर्म नित्य... Continue Reading →

Ram Rasayan

Hanuman Chalisa has been a pillar stone to any Sanatani and when one recites he feels like having a spurt of energy all through his body. Two phrases from Hanuman Chalisa have been cornerstones. No. 1राम काज क़रीबे को आतुर(Ram kaaj Karibey Ko Atur)meaning that Hanuman ji is always ready for any assignment given by... Continue Reading →

10 Commandments!

10 Commandments- (A Poem for student.) Ask yourself what you wish in life,Take the first step quite wisely. 1 Relations and near-dear change,True ones are rare, choose wisely. 2 You will taste failure and sorrow,Let that not stop you,Promise wisely. 3 Dream may be far, deal with zeal,Have good friends & March wisely. 4 If... Continue Reading →

Shashtri Vs Shashtri: Movie Review

छोटे होते परिवार और शिथिल होती संस्कार की भावनाए एक परिवार की पहचान तो बन ही रही है लेकिन उन्नति के सुनहरे पथ पर न केवल परिवार की अवधारणा की क्षति हो रही है बल्कि संस्कार भी नेपथ्य में अपने आप स्थान प्राप्त कर रहे हैं.यदि संस्कार शिक्षा और पालन पोषण के चलते परिवार और... Continue Reading →

Ready to be Human

चाह चहेती…अजन्मे की …. मानव जन्म को मैं सज्ज हूँ,उस मृत्युलोक में जीने कोभले श्रमसाध्य तुम बनाना,पर मेहनत का रस देना. कष्ट भले भाग्य में लिखना,नैतिक बल की भेंट दे ना.भूख भले पूरी न मिटाना,पर रोटी तुम चैन की देना. फल की आस करूँ, मैं भले अति,परिणाम में सहमति देना.जीवन समर है, अनन्त काल से,तनिक... Continue Reading →

Almighty Sea

समंदर का खाली हो जाना… कहते खारा पानी बड़ा शीतल होता है,समंदर कभी भी मीठा नहीं होता है . जलराशि अथाह और प्रेम कुछ नहीं,अहंकार से सबको परे धकेलते रहना है. लहरों की शान, नभ जैसे पसरी पड़ी है,पीने को पानी भी नहीं, भंडार भरे हैं. फिर भी शांत मन, सूरज के आगे अर्पित है,खारे... Continue Reading →

3 of Us

Movie Review Movie Review:3 of USIndian diaspora of filming is seeing a paradigm shift in film making as conventional topics are getting a backseat as Very untouched Topics are presented on celluloid. In this movie Three of us, clear identification of a neurological disorder of Forgetfulness i.e. Dementia is highlighted in such a way that... Continue Reading →

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