Counterfeit Coin

खोटे सिक्के भी चलते…. सूरज उगता, चाँद चमकता है,नियम सदियों से ये पालन करते,कलियुग है भले इतना घना,खोटे सिक्के भी चलते. शुद्धता के हम सब हामी,नैतिकता फिर भी न सहेजते,सच्चा हो भले खरा,खोटे सिक्के भी पुजते. चौकीदार रखते ईमानदार सदा,आदत चोरी की कभी न रोकते.सिद्दांत, निष्ठां की बातें बेमानी,खोटे सिक्के भी चलते. देश घनेरा सोने... Continue Reading →

Dry Day : Movie Review

मूवी रिव्यू: Dry Day Every saint has a past and every sinner has a future.OrIt's not important that adults produce Children but its children who produce Adults.OrAlcohol is bad omen but Politics is even worse!कदाचित ये मुहावरे इस कथाचित्र पर सही बैठते हों. अमेजॉन प्राइम पर ड्राई डे चलचित्र के अवलोकन का अवसर हुआ जिसमें... Continue Reading →

Temple of Eternity: Mahakaal

अवंतिका में महाकाल मंदिर - नये स्वरूप में लीला सौंदर्य (यात्रा वृतांत) अनंत काल से संस्कृतियां और मानव-समाज की धार्मिक और अध्यात्मिक अवधारणायें उपस्थित है और संभवतः सर्वशक्तिमान ईश्वर की कल्पना, काल से पूर्व की अवधि से शाश्वत रूप से उपस्थित है. समय से विस्तृत, ईश्वर की परिकल्पना मानव की बुद्धि से परे होने पर... Continue Reading →

Story of Doctor

डॉक्टर की व्यथा कथा कर्म हमें सौंपा है,  ईश्वर के जैसा है  मानव जीवन रहें स्वस्थ  रखने का जैसा है.  शरीर विज्ञान पढ़े जो,  झुक झुक जाते हैं  संशय से भरे  प्रयोग सदा करते जाते हैं  यह मशीन नौ माह में  प्रकृति ने बनाई है  जटिल रचना इसकी  थोड़ी हमने समझ पाई है  धमनी शिरा... Continue Reading →

Christmas As Usual

Christmas As Usual: Movie Review( क्रिसमस एज यूजुअल ) ये है हॉलीवुड के उस चलचित्र का नाम जिसमें भारतीय संस्कृति का छौंक दिखाई पड़ता है. नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध हॉलीवुड का यह चलचित्र देखने का संयोग हुआ जिसमें जश्न जोशी (करण गिल) एक भारतीय के रूप में नॉर्वे की एक सुंदर नैनों की धनी यूरोपियन कन्या... Continue Reading →

Eternity of Silence

मौन की धुन… मौन को रमता हूँ, राम को भजता हूँ. धुन बिना आवाज, शांत मन तकता हूँ. सन्नाटा हिमालय जैसा, उतर आये ऐसा प्रयास अविकल, सब मेरा जपता हूँ. सूने में समाधी को , या शोर में समाधी. यात्रा अंतर्मन की, साहसी होने को तडपता हूँ . सन्नाटे की धुन मधुर, सुनने लगो तो... Continue Reading →

72 & it’s Metaphysical Magic

72 & its metaphysical magic मानव की धुरी और जीवात्मा का सार, एकमात्र ह्रदय ही है और वह अपनी 72 बीट प्रति मिनट की दर से इस रोचक अंक को स्थापित करता है.यह 72 का अंक कई क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति से चकित करता है. 72-72 के हृदय स्पंदन की संख्या एक व्यक्ति सामान्य व्यक्ति... Continue Reading →

Expiry Date

दवाई की एक्सपायरी डेट का भय सरकारी अस्पताल में, मैं व्यवस्था का राउंड ले रहा था कि एक जवान सज्जन मेरे सामने उपस्थित हो गए, ....क्या डॉक्टर साहब आपकी ओपीडी में कंडोम तक नहीं है !! लॉकडाउन के बाद की स्थिति के कारण हमारे कंडोम सप्लाई में बाधा आई है इसलिए कंडोम नहीं है, ऐसा... Continue Reading →

Little Bird

चिरैया…. भोर काले चहकती चिरैया,कानों में निर्मल रस घोलती. अपने गान से सोये को जगाती,झील से तिनके को भी निकल लाती. रोज सबेरे, आंगन में फुदकती आती,जैसे हो कोई बात मुझसे बतानी . कभी इस डाली, कभी उस मुंडेर पर,पानी के मटके पर तो कभी दाने पर. रंगों से सराबोर, उर्जा की प्रदर्शनी,कितनी मनमोहक ये... Continue Reading →

DM vs MD

कलेक्टर विरुद्ध डॉक्टर - तंत्र बीमार भरी सभा में अपने साथी डॉक्टर को डांट देना भी एक पीड़ित कला है जहां पक्ष और विपक्ष दोनों पीड़ित हो जाते हैं. अभी हाल ही में कोरोना महामारी के संबंध में आयोजित एक महती और बड़ी बैठक में भरे कॉन्फ्रेंस हॉल में जिला कलेक्टर आंध्र प्रदेश ने भरी... Continue Reading →

Let’s find sugar in sweet milk

उर्जा का ये जन्मजीवन क्षणभंगुरमरना नहीं चाहतापरंतु मरना तो है लीला बिखरी पड़ीमाया मोह चन्हूओरचाहता नहींपरंतु प्यार तो है मद क्रोध शाश्वतछूटते नहीं कभीशत्रु से प्रेम नहींपरंतु तकरार तो है लोभ से धनभृष्ट्ता यूं उपजेधन बुराई भलेपरंतु कमाना तो है त्याग तुम करोभोगने दो मुझेअहंकार त्याज्य हैपर माया पाना तो है साधुता को आकर्षितभिक्षाम देही... Continue Reading →

Seed, The Computer

सबसे छोटा कंप्यूटर,तुम जानते हो, ना होपास तुम्हारे अनगिनत,भूमि में अकिंचन पड़े हो यह बीज है जीव भी,यहां तहां बिखरे होज्यों ही मिले पानी मृदा,संपर्क में जीवन्त हो. न जाने कैसी रचना,बीज अद्भुत नग्नचोला ओढ़े सगुण भरे, प्रयास में रचाए लगन. थोड़ा जल थोड़ी मृदाऔर अंतस ऊर्जा,पौध बनने को हामीआतुर जैसे घन गर्जा. कहने को... Continue Reading →

Value Less

मोल-अनमोल(पति-पत्नी संवाद) पत्नी- अरे यह तो मैं हूं जो निभा रही हूं कोई और होती तो छोड़ जाती !पति- तो छोड़ ही दो तुम भी मुक्त!पत्नी-अरे ऐसे कैसे छोड़ दें ब्याह में ही ₹300000 खर्च किए थे वसूली तो हो जाए .पति -किस तरह करोगी वसूली?…और यहां तुम्हारा बस चले तो तुम तो मुझे कबाड़ी... Continue Reading →

Himalaya in Heart

मन में हिमालय… चहकता है मन,माया मोह में.ये पा लूँ और,क्या खो दूँ. संगत चरस जैसी,नशा मन का.भोजन एक पल का,तृष्णा सदा का. पिए प्याला अनंत,तृप्ति आये ना.भोर होते ही,प्यास का आशना. जिए भरपूर,मरने को नहीं राजी.रस – रास को,सदा रहे अभिलाषी. मन सदा गर्दभ,मौका मयूर. पल में तोला,अगले में चूर. तू सुधर जा का... Continue Reading →

Fast Food: Dangerous Affair

फास्ट फूड का स्वादिष्ठ जन्जाल- फास्ट फूड या त्वरित अल्पाहार वह है जो शीघ्र बन जाये या दुकान पर मिल जाए और जो स्वादिष्ट होंगे तो भूख मिटा दे.इस आधुनिक युग में नाना प्रकार के फास्ट फूड उपलब्ध हैं जिन में भारतीय, चाइनीस, ओरिएंटल, कॉन्टिनेंटल, थाई, तिबेतन, इटालियन फास्ट फूड की एक बड़ी भोज्य श्रंखला... Continue Reading →

Experience Prevails.

डॉक्टर – चाचा और गाँव की धरोहर क्यों, बड़ा शहर छोड़ कर अब इस बुढ़ापे में गांव आ रहे हैं चाचा?न जाने क्यों, बोले अब गांव के घर में ही रहूंगा और बाग बगीचा खेत खलिहान देखूंगा…. पिता-पुत्र का यह संवाद बम के गोले की भांति ठाकुर परिवार पर गिरा, जिनके डॉक्टर-चाचा अब शहर से... Continue Reading →

Journey unlimited

अ-समान उड़ान, आसमान की… यात्रा में जो आनंद है,मंजिल में नहीं भाई.मंजिल रहे दूर-पास,रास्ता कठिन है भाई. शरीर थके तो भी ,मन कट्ठा रखना भाई.ज्योति जला रखना,चलते रहना भाई. पक्षी करते कलरव यहाँ,मोर यहाँ-यहाँ चिल्लाते.हम अपनी धुन में भूले,सन्नाटा भी न सुन पाते. बगिया महकती फूलों की,मुस्काते फूल बनना तुम.यात्रा जो जारी बाहर,भीतर भी करना... Continue Reading →

Heritage of Earth

धरा के धरोहर सूर्य में अहं नहीं,अनंत और सनातन.प्रकृति का कर्म करते,पुराने नहीं महापुरातन. सूर्य में ताप नहीं,क्रोध में नहीं तपते.संत भाव से सदा,प्रेम का जाप करते. सूर्य में तमस नहीं,ज्योति के पुंज.धरा के धरोहर,निर्मल निकुंज. सूर्य में प्यास नहीं,न जल के अभिलाषी.जो न हों प्रकट,तो जीव हो उदासी. सूर्य में घराना नहीं,लगते नहीं मानव.तुच्छता... Continue Reading →

CPU: Mantra to Purchase

संस्कार ऐसी सिद्धि है जो बचपन से बच्चों को पढ़ाई सिखाई जाती है और स्वयं के स्तर पर भी लगातार सीखी और समझी जाती है चोरी ना करना,झूठ ना बोलना,गलत कार्य न करना प्राकृतिक नियमों या न्याय को सदैव सम्मुख रखकर कार्य करनानिर्बल का सहायक होना …. जैसी शिक्षा बचपन से बच्चों को पढ़ाई और... Continue Reading →

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