Be life

जीने को सज्ज हूं….

ध्यान रखना तू सदैव,
सच बोला तो घृणा पायेगा,
झूठ की फसल यहाँ लहराती,
मौन रहना सुख दिलाएगा..


कर्म का पाठ कृष्ण ने दिया है,
फल को भुलाना होगा.
सफल होने को तभी,
तू कमर कस पायेगा.


सत्ता सम्पदा साख के त्रिगुन,
माया के अभिन्न अंग.
बुद्धि से संभल ले इनको जो तू
जीवन में तू भर लेगा रंग.


जादू बिखरा पड़ा है तू सज्ज रह,
जगा ले कुछ जादू अपने भीतर में,
शिकायती बनेगा तो पीड़ित रहना होगा,
बदल ले या स्वीकार कर अंतर्मन में.

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