मूवी रिव्यूDHH इस नाम DHH (ढ़) से यदि एक राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त गुजराती चलचित्र के देखने का संयोग हो जाए तो यह जानकर आश्चर्य होगा कि DHH… का तात्पर्य है डीफ एंड हार्ड टू हियरिंग. और तीन बच्चों के इस कथानक में मनोरंजन, रोमांस, सस्पेंस के साथ-साथ एक अनमोल शिक्षा का समावेश कुछ इस प्रकार... Continue Reading →
Ranthambore Fort
यूं तो रणथंभौर के विश्वप्रसिद्ध किले का राजा जयंत के द्वारा पांचवी सदी में निर्माण करना आरंभ किया गया था परंतु लगभग साढे चार सौ वर्ष तक निर्माण होते-होते वर्ष 944 में राजा हमीर देव सिंह चौहान के पूर्वजों द्वारा इस महल का निर्माण पूर्ण हुआ. राजा हमीर देव सिंह के पूर्व उनके पिता भी... Continue Reading →
Jovial Jungle
रणथम्भौर का जंगल- जंगल अपने आप में एक पूर्ण इकाई होकर न केवल पृथ्वी की अनमोल संपदा है बल्कि मानव जाति और समाज के लिए भी अमूल्य धरोहर है. जंगल से वनों उपज के साथ-साथ प्राणवायु भी 12 महीने प्राप्त होती हैं और यदि अवकाश काल में जंगल की यात्रा हो और जंगल की अनुपम... Continue Reading →
Divine D
द्रष्टा देवांश…. द्रश्य है देवज्ञ, पदार्थदिशा दश ओर.देशांतर में भी दिव्य दिखेद्रश्य सदा दर्शनीय.द्रष्टि, दीप्ति दर्श को,दिगपाल दैदीप्यदीपक द्रष्टि दोष नहीं,द्रष्टि देवता तुल्य.द्रष्टा देवांश है,देखने को दहके.दिशाहीन हो द्रश्य प्रपंच,द्रष्टा दीपो भवः.देवांश के दिग्दर्शन,दुर्धुशु ददाति दर्शनं.दधीची दीन्हे तन,तो दैदीप्य हुए दिव्यं.द्रष्टि दोष का दर्प,दरख़्त सा देहाभिमान.दुनिया दुखियारी देखि,दान भी दंडाभिमान.दुःख दया द्वैत,दंडकारण्य में दर्शन.दण्ड- दान... Continue Reading →
Useless
क्या तुम बेमानी हो …क्या तुम बेमानी हो,मृत्युलोक में पुनः चले आये.लोभ में चंद सिक्कों के,बिकने फिर चले आये. क्या तुम निरर्थक हो,जो मानव फिर बन आये.वासना के वशीभूत,परमतत्व को छोड़ आये. क्या तुम अभिमानी हो,जो मानमर्दन को आये.पद सत्ता के लोलुप,माया पाने को हर्षाये. क्या तुम लोभी हो,जो माया माया करते.जो है परन्तु नहीं... Continue Reading →
Little Steps
पग धरे गंभीर छोटा बच्चा चले डगर डगरहाथ फैले संतुलन इधर-उधरधीरे-धीरे पग धरे गंभीरछोटे-छोटे दृढ़ जमे धीर मन भी बच्चा है,रखे पग पग हौले होलेडरे संभले फिर भीआगे को बढ़ ले कुछ सोचे मलिनऔर कुछ सोचे पावनविवेक को जो धरेपवित्र जैसे सावन कभी गिरे बच्चाडगमगा करफिर खड़ा होहिम्मत फिर जुटाकर मन भी गिरेमाया को ललचाएएक... Continue Reading →
On the Banks…
किनारा क्यों घूम घूम कर आ जाता हूँ,कुछ यूं ही सोचता जाता हूँ.गुम हो जाता हूं कहीं इस तरह,दूर अपने से, जहां किनारा नहीं… बहती धारा में यूं चला जाता हूं ,न जाने कैसे किनारा पकड़ जाता हूं .यह किनारे होते बड़े अजीब हैं,बेबस, मैं किनारा कर जाता हूं… जब किनारे पर खड़ा होता हूं,न... Continue Reading →
Medical Education
MEDICAL EDUCATION – NOT IN PINK STATE OF HEALTH Dr Anil Bhadoria, President, IMA Indore The science of healing has been considered a noble profession of service. Since ancient times, civilizations had the first and foremost aim to practice this Science under the oath to serve and to charity. Around 300 years ago, the then... Continue Reading →
Ancient Friend
जूना मित्र कह दिया धडाक से, मेरी सीमाएं हैंज्वार फटा, दिखी तल्ख भावनाएं हैं जैसे मैं मित्र नहीं दशानन हूंसब कुछ, से हुआ, कुछ नहीं मैं वर्षों का याराना दरका पल भर मेंआंसू ह्रदय से बरसा यूं प्रति क्षण में जैसे रिश्ते में श्राप लग गयाजान ना पाए यूं कांच लग गया. मन को समझाया,... Continue Reading →
Fully Empty
पूर्णतया रिक्त या रिक्तता की पूर्णता- रिक्तता, शून्यता या निर्वात या खालीपन, एक अजब स्थित है जो मानव के शरीर, मन, भाव को प्रभावित कर देती है. नकारात्मक या सकारात्मक ? खालीपन का भाव, समय की जल जैसी धार के विरुद्ध द्रष्टा का विचार जैसा हो सकता है जो मात्र समय को बहते हुए या... Continue Reading →
Defensive Medicine
DEFENSIVE MEDICINE: SPECIALITY OR A STATE OF MIND.. DR ANIL BHADORIA, Indian Medical Association Indore MP Everything can be purchased and so also health and health services. But, Time changed from an old era when health services were scarce and available medical facilities were thin. Scene has changed now and also the Mindset. It is... Continue Reading →
Continue to querrel
पति पत्नी का संवाद आज से मैं आपसे नहीं लडूंगी!क्यों??क्युंकि आज आपका 60वां जन्मदिन जो है!अरे नहीं करो, ऐसा तुमसे ना हो पायेगा?प्रॉमिस, आज से नहीं लडूंगी!मुझसे नही लड़ेगी तो किससे लड़ेगी? सन्नाटा मैं बताता हूं. फिर तू घर में रिश्ते नाते में लड़ेगी जो मुझसे न लड़ी तो. क्युंकि लड़ने का जो सोफ्टवेयर है... Continue Reading →
Awarded
2 असमान स्तर के मित्रों का अद्भूत संवाद- मित्र- मुझे पुरस्कार चाहिए सुधि मित्र - कई संस्थाएं बांट रही है नहीं नही, वैसा नहीं ! याने ? याने पैसे देकर मिलने वाला पुरस्कार नहीं चाहिए! तो कौन सा चाहिए ! मेहनत वाला ? हां वह हो जाए तो वाह! तो मेहनत करो मिट्टी में !... Continue Reading →
Doctor-Patient Relationship @ All-Time Low !
Why And What's the Remedy The state of being connected in harmony is a Relationship. Great relationships are because of caring enough by either participant. A relationship is a Bilaterally Symmetrical vogue where give and take is an eternal part of the deal. This Give-and-take proposition between Doctor and Patient is mostly in cash or... Continue Reading →
Stocks : Volatile Yet Worthy
Commentary on stock market आग का दरिया है और डूब के जाना है Stocks have two different domain to work in. One is for investors, another is for traders. As is known investor have a time horizon of midterm, Long-term moral, ultra long-term duration for appreciation. On the other hand traders actually are moneymaker out... Continue Reading →
Begging, An Art Science & Psychology
भीख माँगना कला भी विज्ञान भी मनोविज्ञान भी व्यक्ति के स्तर से लेकर देश के स्तर तक भीख मांगने का उद्योग अनादि काल से प्रचलन में है जो बिना आरक्षण हर वर्ण, जाति, रंग के नागरिकों द्वारा देश की सीमा से परे हर मानस का एक अनमोल हिस्सा है जो यदा कदा एन केन प्रकारेण... Continue Reading →
Diabetic Foot
मधुमेह के रोगी – कैसे करें पैरों की देखभालडा अनिल कुमार भदोरिया फिजिशियनपूर्व अध्यक्ष, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (2023), इंदौर मधुमेह का जड़ से निर्मूल करने योग्य उपचार संभव नहीं है ओर यह रोग अपनी लम्बी रोग अवस्था में सभी अंगों पर विपरीत प्रभाव प्रस्तुत करता है. मधुमेह की विभिन्न अवस्थाओं में पैर के पंजों की... Continue Reading →
Sun Almighty
आदित्य - आख्यान आदित्य अवलोकनीय,अनिवार्य अर्वाचीन. आसन्न आसंदी पर,अनिल से अवधूत. अरुण से आविर्भाव,अभय अलौकिक. अक्षय आप अविकारी,आभा से आलोकित. आकांक्षा अमृत की,अर्जुन के ओंकार. आलस्य से अछूतेअनथक रहे अपार. आसमान के अखरोट,आलेख अनंता. अधार्मिक और अलंकृतआमरे के आनन्दा. अलख के अद्वैतवादी,अष्टावक्र के अभंग. आत्मा के अनुरागी,आवक्र तुम अरंग अग्नि आसीन,आभा अंतरिक्ष. आसक्ति ही आकर्षण,और... Continue Reading →
Doctors Ain’t God.
Doctors Ain’t God! Think of them as Just Human! Dr Anil Kumar Bhadoria IMA Indore In two hundred years of Allopathy, i.e. modern pattern of healing has created wonder drugs, injections, vaccines, and state of art surgical skills to save millions of lives and give quality life all across humanity. Therefore, since last century, doctors... Continue Reading →
BookStone
They are stones,Foundation stone.For one and all,Yet May keep alone. They are full,Just to empty.What all they’veTo offer plenty. Books ain’t just,They’re genius.Letting you learnSo they are pious. Thru the pages, it tests mettle. How you learn, Remain the battle. As you read on Once or another You get meaning One way or other.
4 November 1997
My first of Healthy articles