पुण्य प्रश्न, पाप प्रश्न पवित्र माह के आते ही एकाधिक सुधिजन अति कर्मकांडी होते जाते हैं. ईश्वर को मोहित करने को ये मलिन मन, अंतर्मन की यात्रा का बहिर्गमन करते हुए प्रकृति के शुभ आशीर्वाद रूपी फूल पत्ती पौधे पर कुछ यूं झूम जाते हैं जैसे पुष्प समर्पण से ही साकार या निराकार ईश्वर के... Continue Reading →
Where? There or in here!
Beauty is in there, in the eyes of the beholder
Let’s Do, Daily!
प्रतिदिन एक बार😍 मानव शरीर विविधताओं से न केवल भरपूर है बल्कि हर व्यक्ति के स्वास्थ्य प्रतिमानों के प्रति मापदंड भी भिन्न भिन्न है और इसी कारण से स्त्री पुरुष बच्चों वृद्ध युवा अधेड़ सदैव स्वस्थ रहने के एक ऐसे मंत्र को प्राप्त करने के लिए प्रयासरत रहते हैं जिससे शरीर न केवल स्वस्थ रहे... Continue Reading →
Choice Mania
मानव का चटोरा मन और स्वाद की जिव्हा चटकार उसे अद्भुत जीव बनाती है… मन का नियंत्रण और निर्णय लेने की क्षमता पर विचार करें तो जीवन में उत्पन्न स्थितियों का प्रसंग कुछ इस प्रकार बताया जा सकता है - टाईम पास मूंगफली के सबसे पहले खाने के लिए सुडोल सुदृढ़ और सुंदर मूंगफली के... Continue Reading →
Moments Unique!
A moment is the most little particulate of time, where from even the first step of a light year duration begins…. One can ask, who am I?And answer, I am the moment. One can ask even further, where am I?May get an answer at the moment. What are you up to?Up to the moment .... Continue Reading →
Me Alone…
हिंदी/ English- 2 friends in conversation-Q.Why do you remain solitary, isolated and just all alone while you go for morning walk?A.That’s very simple. I want to remain with me and enjoy my own company.Q.Does that make any difference?A.Yes, all through the day, we keep coming across with varieties of people, events, and situations, and we... Continue Reading →
Poison, Inevitable!
विषमना विष की कुछ मात्रा हर जीव का अनिवार्यघटक है . अमृत की पूजा आराधना और साधना का प्रचलन है परंतु विष भी कैसे अमृत बनाया जाये यह सुधिगण के लिए श्रमसाध्य प्रसंग हो सकता है. सनातन परंपरा में जीवंत उदाहरण महाप्रभु शिवशंकर का है जिन्होंने कार्तिक माह की अमावस्या को सागर मंथन से उपजे... Continue Reading →
Energy is God.
नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः ।न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः ॥अध्याय २ श्लोक २३ श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं: इस आत्मा को शस्त्र काट नहीं सकते हैं और अग्नि इसे जला नहीं सकती है | जल इसे गीला नहीं कर सकता है और वायु इसे सुखा नहीं सकती है ।।... Continue Reading →
Win Health.
स्वस्थ्य मेव जयते यह ऐसा घोर कलयुग है जिसमें अब हम स्वास्थ्य के पीछे भागते हैं. कारण जो भी हो, जोड़ जोड़ कर धन और नाम, हम अपने शरीर के जोड़ों से जोड़ और तोड़ का गणित बिठा लेते हैं और गणित भी ऐसा कि मानव शरीर में उपस्थित 600 अरब कोशिकाएं, 640 मांसपेशियां, 206... Continue Reading →
Lanka : Navneet
भारतीय विद्या भवन द्वारा प्रकाशित 'भवन्स नवनीत' हिंदी पत्रिका जो समय, साहित्य, संस्कृति की धरोहर है और 1952 से प्रकाशित है. नवम्बर अंक में मेरा एक यात्रा वृतांत प्रकाशित हुआ है जो श्रीलंका यात्रा से संबंधित है. नवनीत पत्रिका हमारे बचपन से सांस्कृतिक पत्रकारिता की स्वर्ण पताका रही है…
Just Enrrgy
Just Energy
Search, C&P, Forward Legacy….
In today’s scenario, the SEARCH Bar is one of the most hit press button on the screen to find a thing, information or meaning or even treatment of a disease which has literally replaced physical copies of Dictionary, Thesauruses, encyclopaedia, manuals or journals. Another feature to appreciate his COPY & PASTE, which has enabled every... Continue Reading →
Aged 60
साठ का पाठ अब आज साठ के हैंतो आकांक्षा शेष नहींतत्व एकत्र करते हैंतो अभिलाषा शेष नहीं अब आज क्रशकाय हैंतो भागम-भाग शेष नहींसमेटा करने की सोचोतो शक्ति प्रबल शेष नहीं अब आज अस्थि भंगुर हैऔर मोहब्बत शेष नहींयादें कुरेदते रहो यूंकि उर्जा समर्थ शेष नहीं अब आज ऐसे अकेले हैंजहां जीवंत रिश्ते शेष नहींअफसोस,क्षमा,दोष... Continue Reading →
Poetry: Silence
मौन की धुन… मौन को रमता हूँ, राम को भजता हूँ. धुन बिना आवाज, शांत मन तकता हूँ. सन्नाटा हिमालय जैसा, उतर आये ऐसा प्रयास अविकल, सब मेरा जपता हूँ. सूने में समाधी को , या शोर में समाधी. यात्रा अंतर्मन की, साहसी होने को तडपता हूँ . सन्नाटे की धुन मधुर, सुनने लगो तो... Continue Reading →
What’s Diwali…
आखिर क्या है दीवाली का संदेश ?? जीवमात्र की यात्रा में मृत्यु लोक का भ्रमण प्रभु श्रीराम के लंका भ्रमण की भांति है जहां आपको अपने सामर्थ्य, बुद्धि, विद्वता से समर लड़ना होता है और जीतो हारो किसी भी स्थिति में श्रीलंका नामक मृत्युलोक को त्याग कर घर वापसी भी अनिवार्य रूप से करना होती... Continue Reading →
OA
OSTEO-ARTHRITIS Osteo stands for bone while Arthron pertains to body joints. All inflammatory conditions have been suffixed with word, -itis. Therefore Osteo arthritis is a painful clinical state in and around the joint or joints. It is a degenerative joint disease presenting with Pain, limitation of movement, stiffness, limited flexibility and joint crepitus. In elderly... Continue Reading →
Sincere, Who? Me!
एक विवाह समारोह में जूने पुराने मित्र मिल गए औपचारिक वार्ता के बाद पूछ बैठे डॉक्टर साहब कहां पोस्टिंग है आपकी? बता दिया मैंने यही पास में 40 किलोमीटर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वहां पदस्थ हूं… तो अनायास उनके प्रश्नों से चौक गया मैं जब उन्होंने पूछा….. रोज जाना पड़ता है क्या ? मैं अवाक... Continue Reading →
Bird’s Parliament
चिड़िया की संसद✔️कुछ छोटी चिड़ियों का एक झुंड शाम 7:00 बजे मेरे मोहल्ले के ऊपर, आसमान की ऊंचाई में एकत्र हो जाता है …उड़ता जाता है ….घूम घूम कर, चहचहाता जाता है और निरंतर जगह बदलता जाता है. सोच नहीं पाया कि, क्या यह संसद की कोई सनद बैठक चल रही है या चिड़ियों का... Continue Reading →
Wild Flower
कहने को तो जंगल का फूल हूं,उन्मुक्त यथा धरती की धूल हूं..मानो तुम भी यह जंगल मेरा घर,और जड़ों से जुड़ा मैं निर्मूल हूं.. मुझ फूल का घर, जंगल तुम्हारा,जीवन एक सा मुझ में तुझ में…उर्जा की बहती धारा मेरे घर,ये जंगल या मेरा घर तुझ में …
What’s forever
बुजुर्ग बड़े, कह गए अनादि काल सेबोझा कम रखो बने रहो हल्के सदा,तनाव हो या तन का भार इच्छा सेजो अल्पांक हो तो यात्रा सुगम सदा… माया की कमल पत्तियां जल पर बिखरीदल दल नीचे है माया सबको लुभाए सदा,जो दौड़ पड़े हम सब इस मचान से उस कोभार अधिक हो तो व्यर्थ डूबना तय... Continue Reading →