Step Forward(360)

…..बढ़ा देना !
आरम्भ जो करो तो, घड़ी न देखना कभी,
शुभ घड़ी ये जान, आगे कदम बढ़ा देना.


आधे रास्ते पहुंचो तो, घड़ी न देखना कभी,
अभी मैं पहुंचा नहीं, अपनी मेहनत बढ़ा देना.


जो थक जाओ तो, घड़ी न देखना कभी,
परीक्षा की घड़ी जान, उपाय बढ़ा लेना.


मंजिल जो पा जाओ, घड़ी न देखना कभी,
उत्सव की घड़ी जान, मित्रों को बुला लेना.

जो मन हो दुखी, गम खा जाना, निराश न होना कभी,

धीर धरना, और लम्बी सांस ले हिम्मत बढ़ा देना

ऊँची होती डगर जीवन की, तो नीची कभी,

समय एक सा रहता नहीं, यूं मन समझा लेना

सेवा का निर्मल भाव रखना, क्रोध न करना कभी,

इश्वर संग है तेरे आसपास, उसे कभी भुला न देना

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