प्रकृति की बनायी रचना में सभी जीवों को जीने का पर्याप्त और समुचित अधिकार है जहाँ सामाजिक व्यवस्था में सहजीवन भी अपने आप में एक अनुकूल प्राकृतिक व्यवस्था है. पिछले कुछ दशकों में सड़कों, बाग़-बगीचों, खेत-खलिहानों, गाँव-खेड़ों, शहरों में आवारा कुत्तों का प्रादुर्भाव न केवल में बढ़ा है बल्कि घातक स्तर तक पहुँचा है. जटिल... Continue Reading →
Who is Good, Sharp & Cunning!
यूँ ही पैदल चलते अंतर्मन से वार्तालाप करते, प्रकृति के आगोश में प्राकृतिक रंगों का नैनों से रसास्वादन का लाभ लेते प्रातः क़ालीन पैदल नागरिकों को पार करते अंतर मन से यह प्रश्न उत्पन्न हुआ कि यह सामने से आता यह पुरुष कैसा है ?प्रत्युत्तर भी तुरंत आया - अच्छा है !बेचैन अंतर्मन का प्रतिप्रश्न... Continue Reading →
Immoral Money
धन क्या ख़तरनाक जीव है ? या मात्र एक कमोडिटी ! धन कमाने की लालसा अवश्य ख़तरनाक मानस है जिसके चलते खाँसी की दवाई में सम्मिलित किए जाने वाले तत्वों की मात्रा का ध्यान नहीं रखा जा सका और किडनी फेलियर होने से 16 बच्चों की असामयिक मृत्यु हो गई ! कहना आसान है कि... Continue Reading →
Hampi
पुरातन कथन है कि आनंद में हो तो यात्रा कीजिये, अवसाद में हो तो यात्रा कीजिये, उदासीन हो तो यात्रा कीजिए. देशाटन से ज्ञान बढ़ता है …. का पुराना कथन आज भी प्रासंगिक है और कलयुग के इस दौर में ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा आपको न केवल सोचने के लिए मजबूर कर देती है बल्कि... Continue Reading →
Badami Caves
बादाम नामक सूखे मेवे के रंग की किसी रंग श्रेणी में व्याख्या करना जटिल ही है क्योंकि बादाम के छिलकों का रंग ना तो प्राथमिक रंगों की श्रेणी में है ना ही द्वितीयक.बादाम के छिलके का रंग ना लाल की श्रेणी में है ना गुलाबी न भूरे. एक अलग ही रंग की श्रेणी बादाम प्रस्तुत... Continue Reading →
Dashehera
आज दशहरा है, मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ने दशानन रावण पर श्रीलंका में आज के ही दिन लगभग सात हज़ार वर्ष पूर्व विजय पायी थी. आज अश्विन हिंदू माह (क्वाँर का महीना) के शुक्ल पक्ष का दसवाँ दिन है जिसे विजयदशमी के रूप में मनाया जाता है.शुभ हो, जय हो, विजय हो.
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sutracreative.com पर हम क्या करने की कोशिश कर रहे हैं, इसके बारे में थोड़ा सा। जैसा कि आप किसी भी सोशल मीडिया साइट पर देख सकते हैं, वहाँकाफ़ी शोर-शराबा,अजीबोगरीब सामग्री,बहुत सारी फ़र्ज़ी ख़बरें,फ़र्ज़ी सामग्री वगैरह होती हैंताकि सम्भावित ग्राहक का ध्यान खींचा जा सके और बिक्री बढ़े. यहाँ sutracreative.com की भूमिका आती है, जहाँ हम... Continue Reading →
Movie review: Everest
साहसिक रोमांच, प्रतिबद्धता, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियाँ, लक्ष्य आधारित दृष्टिकोण, अदम्य उत्साह और धैर्य, मदद का हाथ और त्याग के लिए तत्परता…. ये विशेषताएँ मानव की सबसे विशिष्ट पहचान हैं. यह फिल्म नेपाल में हिमालय पर्वतमाला में एवरेस्ट की सबसे ऊँची चोटी पर चढ़ने की तैयारी और विजय के दौरान उपरोक्त सभी मानवीय तत्वों को दर्शाती है.... Continue Reading →
Interval Walking.
विज्ञान कहता है, बुढ़ापा पैरों से घर करता हैतो बुढ़ापे के लिए नई तकनीक है जैपनीज़ इंटरवल वॉकिंग या इंटरवल वाक ट्रेनिंग. 3 मिनिट आलस्य से भरपूर पैदल चलना मरे- मरे से … फिर तेज़ी से चलना जैसे पीछे मगरमच्छ पड़ा हो 3 मिनट्स तक. जारी रखो 30-45 मिनट्स तक. अभ्यास हो जाये तो समय... Continue Reading →
Asking Apologies!
मम उवाच - अद्भुत है यह क्षमा याचना पर्व का आव्हान जिसे जैन समाज मिक्षामि दुक़्दम नाम से मनाता है कुछ इस मंगल कार्य सेज़िंदगी को संवार लिया,कुछ से क्षमा माँग लीकुछ को क्षमा कर दिया. जो क्षमावान होते हैं वे पूर्व से ही कृत्य पालन का होश रखते हैं कि दुष्कृत्य ना होने पाए.जो... Continue Reading →
Joy
हर ख़ुशी की उम्र जुदा जुदाहर उम्र की ख़ुशी जुदा जुदा
Wound
पुराने घाव यूँ लौट लौट कर आते हैं,और वे कहते हैं, तुम अच्छा लिखते हो
Helmet : Why don’t we wear!
शासन ने तो अपने कर्तव्य निभा दिया और अब 1 अगस्त से दो पहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहने बिना पेट्रोल नहीं मिलेगा. आखिर इस प्रकार के उपायों से हम आम नागरिक प्रेरित क्यों नहीं हो पाते हैं. क्या हम तंत्र के विरुद्ध एक अघोषित युद्ध छेड़े हुए हैं कि किसी भी कानून के चलते... Continue Reading →
Movie Review: ARGO
अपने देश के नागरिकों की विदेश में विपरीत परिस्थितियों में रक्षा करने का नैतिक दायित्व सरकारों का होता है और पिछले कुछ वर्षों में भारत की सरकार ने यूक्रेन रूस इजराइल जैसे संकटग्रस्त देशों से अपने नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला भी है. ऐसा ही एक चलचित्र हॉलीवुड से 2012 में प्रस्तुत हुआ जब जिमी... Continue Reading →
Movie Review: AAP JAISA KOI
Movie review आप जैसा कोई फ़िल्मों का संसार समाज का दर्पण होता है और जब वो ही कथानक नए स्वरूप में उपस्थित हो जाए जो समाज के परिवर्तित होते परिदृश्य को प्रस्तुत करता हो तो चलचित्र दर्शन में व्यय किया गया समय एक निवेश की तरह प्रतीत होता है. नया कथानक, मंजे हुए कलाकार और... Continue Reading →
Defence for all
महिला उम्र 28 बरस,बारहवीं पासतीन बच्चे दो लड़कियाँ एक छोटा सा बेटामहिला टीबी रोग से पीड़ितमहिला का उपचार जारीऔरकमज़ोरी रहने की हमेशा की शिकायत. क्षय रोग चिकित्सालय में मरीज़ों में से एक परिदृश्य- पति की शिकायत कि घर का आधा काम मुझे करना पड़ता हैऔरबीमारी के कारण ये मेरी पत्नी हमेशा बिस्तर पर ही पड़ी... Continue Reading →
Swayamsiddh
सरकारी नौकरी अपने आप में एक अभिनव अनुभव और प्रयोग है जिसमें सीमित संसाधनों में न केवल कार्य की अपेक्षा होती है बल्कि भ्रष्टाचार और दुर्व्यवहार के दोषारोपण आपकी इस नौकरी के वेतन के साथ मिलने वाले कदाचित ऐसे उपहार है जिन्हें आपको लेना ही होता है भले उनकी आपको आवश्यकता हो ना हो आप... Continue Reading →