Remedy for Govt Hospitals

सरकारी अस्पतालों को समाज से उम्मीद भारतीय समाज की अर्वाचीन परंपरा रही है सहयोग करने की, फिर भले ही वह शारीरिक हो या आर्थिक ही क्यों ना रहा हो. प्राचीन काल में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर ओ.पी.डी. स्तर पर ही उपलब्ध रहता था तथा उस काल में युवावस्था में मौतों का प्रतिशत भी अत्यधिक रहा... Continue Reading →

Pippa : Movie Review

पिप्पा : मूवी रिव्यू वैसे तो नाम अजीब प्रतीत होता है परंतु यह उस टैंक की कहानी पर आधारित है जो एंफीबियन है याने जमीन के साथ-साथ पानी में भी तैर सकता है या कहें कि चल सकता है जिसका उपयोग 1971 के इंडो पाक वार युद्ध में किया गया था. ब्रिगेडियर बलराम मेहता की... Continue Reading →

Advertising in Health Sector : Unhealthy Trend.

विज्ञापन आधारित औषधि और स्वयंभू उपचार – खतरनाक हो सकता है.   व्यवसाय शास्त्र के चलन में कहा जाता है कि यदि आपका व्यवसाय नहीं चल रहा है तो विज्ञापन कीजिए और यदि आपका व्यवसाय अच्छा चल रहा है तो विज्ञापन कीजिए यानी कमोबेश हर स्थिति में प्रिंट मीडिया ओर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के  माध्यम से,... Continue Reading →

Cyber Crime: Beware

साइबर क्राइम के इस दौर में जब प्रत्येक हाथ में एक स्मार्टफोन है, लचीला और सस्ता इंटरनेट का कनेक्शन है तब धोखाधड़ी करने वाले आपराधिक शार्क और मगरमच्छों के बीच आपकी - हमारी स्थिति 32 दांतो के बीच में जीभ जैसी हो जाती है … कि रहना भी साथ साथ है और बचने की कला... Continue Reading →

Gentleman: Who, Why, Where!

जेंटलमैन -जा के फटे ना पैर बिवाई- (यदि आप सज्जन है या नहीं है या होना चाहते हैं या सज्जन को जानना चाहते हैं तो यह आलेख आपके लिए है)सद + जन यानी सच से परिपूर्ण व्यक्ति ही जेंटलमैन या सज्जन के रूप में परिभाषित होता है. कदाचित कलयुग की अंधी दौड़ में जेंटलमैन दुर्लभ... Continue Reading →

Miracle Happen!

किसी भी खेल प्रेमी के लिए इससे बड़ी कोई 56 भोग दावत नहीं हो सकती जिसमें आठवें और नवे नंबर के बल्लेबाज 202 रन की भागीदारी निभाकर एक कठिन फंसे हुए मैच को जीता कर ले जाएं, वैसे ही जैसे भेड़िए के झुंड से शेर अपना शिकार निकाल कर ले जाए. आज आस्ट्रेलिया तथा अफगानिस्तान... Continue Reading →

Poem: MeghMalhar

मेघ मल्हारआज रात कितनाजल तुम घर लाएऔर तर करनेतुम सारा जग आयेधीर गंभीर तुमधीरे से आ मुस्काएपौध पेड़ सींचसबको तुम हरसायमेघ तुम देवप्रकृति के पोषक सदासावन भादों भरेकृतज्ञ मुझे होना सदाटप टप बूंदेंगहरे जाती पैठबरस भर काबैकुंठ यही जाता बैठधन्य प्रभु तुमगान मल्हार सदा यूं करतेकोई माने या ना मानेमेघ सदा अपना कर्म करते

Jhukna Padta hai

राखी पर भाई का फोन न आयेतो बहन को झुकना पड़ता है. जब भाई के काम भाई न आयेतो सबके सामने झुकना पड़ता है. मुसीबत में दोस्त मदद को न आएतो समझौते को झुकना पड़ता है. जिद्दी अपना बेटा ही जब न मानेतो क्षमा कर खुद झुकना पड़ता है. खराब रिश्ते, पानी पीने को मांगेकायम... Continue Reading →

Minerals You Need.

प्रमुख खनिज तत्व जो हमारे शरीर की गतिविधियों के लिए आवश्यक होते हैं वह 6 हैं कैल्शियम, क्लोरीन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम तथा सोडियम. दूसरी ओर जिन खनिज तत्वों की अल्प याने लेश- मात्रा में आवश्यकता होती है वह 7 है क्रोमियम, कॉपर, क्लोरीन, आयोडीन, आयरन, सेलेनियम तथा जिंक. यह सभी प्रमुख तथा लेश मात्र खनिज... Continue Reading →

Shanichara Temple

शनिचरा, सिद्ध मन्दिर भारत वस्तुतः गांव में बसता है और गांव से ही देश समृद्ध है और गांव के चारों ओर फैले खेत किसान खलिहान से ही अनाज फल सब्जी दूध खोआ घी के साथ साथ गोबर के कंडे इत्यादि की भी पूर्ति निश्चित होती है. इन्हीं गांव में….संस्कृति पनपती है, पलती है पल्लवित होती... Continue Reading →

Kyaripura: Rural Life

अनादि काल से नदियों के समीप सभ्यताएं विकसित और पल्लवित होती रही और नष्ट भी होती रही है. नदियों के किनारे पनपी सभ्यताएं अपनी बोली और भाषा के माध्यम से रस बहाती रही हैं… कहने को तो चंबल नदी, महू इंदौर के पास जानापाव की पहाड़ियों से 7 नदियों के साथ उद्गम होती हैं परंतु... Continue Reading →

Family Physician : Have we Lost them?

Family Physicians : Have we lost them? Dr Anil Bhadoria President, IMA, Indore              Once Upon a time, society was known to have a good number of family physicians who were part and parcel of the healthcare system of family structure in Indian society. A Family Physician is an aptly trained & skilled clinician who... Continue Reading →

Rat Again

पुनः मूषक भव…. ….आज बड़ा पर्व है ऑफिस में बड़े बाबू याने कार्यालय के अधीक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं. इसलिए 15 वर्षों से इस महत्वपूर्ण महकमे के पुरोधा बड़े बाबू धुरी की भांति पूरे विभाग के समस्त कर्मचारी अधिकारी और डील्स को निपटाने के सिद्धहस्त माने जाते थे आज षष्टिपूर्ति के दिन ही विदाई थी।... Continue Reading →

Lakhpati

कोई जमाना था जब भरत के मध्यम वर्ग में पैसे की इतनी नदियां नहीं बहा करती थी और लखपति व्यक्ति होना नितांत दिवा- स्वपन जैसा समझा जाता था कि जैसे तैसे दो कमरे का मकान बन जाए तो लखपति हो जाएं समय बदला, बच्चों ने और परिवार ने मेहनत की. खेत खलियान हरियाये, प्रतिभा सम्पन्न... Continue Reading →

Real One

अनुभव मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल के सामने से एप्रन पहने 3 लड़कियां दौड़ पड़ी सड़क किनारे। सुबह के 9 बजने में कुछ ही मिनट बचे है और मेडिकल कॉलेज की क्लास में पहुँचने में 10 मिनिट से कम नहीं लगेंगे। दौड़ पड़ी नवयौवना शिक्षार्थी क्योंकि आगे बैठने की जगह अब मिलेगी नहीं और सीढ़ीनुमा... Continue Reading →

Just a shadow!

akbhadoria.com मानव की समस्या है कि उसे सदैव प्रतीत होता है कि उसके पास पर्याप्त बुद्धि है और उसकी ये पर्याप्त बुद्धि की मात्रा बाक़ी अन्य से अधिक है धन्य प्रभु. विचार कीजिएगा All Virtual ie Mayavi.

Rule of 10 for being Happy

कहा जाता है कि उदास मन से दुनिया की दौलत और प्रकृति का अद्भुत सौंदर्य भी उदास लगता है. सत्य तो यही है कि दौलत हो, ना हो, प्रकृति का मां जैसा रूप, सदा से उल्लास और जन्म मृत्यु का प्रतीक है. उदास मन हो तो चेहरे की 62 मांसपेशियां तनाव की स्थिति में रहकर... Continue Reading →

Alaav

अलाव भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए गांव में रहना और सर्दियों के दिनों में एक घेरा बनाकर एक-एक कर कई ईंट की बैठक पर पुठ्ठे टिकाकर, गाँव वासियों का लकड़ी का अलाव जलाकर सर्दी को भगाने का बड़ा आम प्रचलन है इसमें बच्चे बड़े बूढ़े सब एक साथ सम्मिलित होते थे और उस... Continue Reading →

Columbus, Indiana

Columbus Indiana: City of Contented Joy A small town with global headquarter positioning of Cummins Inc is situated in Midwest of USA named as Columbus, after Spanish seller, Christopher Columbus, who was on way to India reached North America in 17th century. Columbus is situated in mid west of USA which is around four hours... Continue Reading →

Blessings

वरदान - मांगो वरदान, प्रकट हो भगवान बोल बैठे एक नास्तिक से. आश्चर्य में डूबे नास्तिक के नैन, हृदय, मस्तिष्क सब चुंधिया गए, विचार शून्य हो जैसे अंधकार में अंधे हो गए हो. ज्योतिपुंज से आलोकित निराकार ऊर्जा रूप में भगवान, नास्तिक की भाषा में फिर बोले… मांगो वरदान, अभक्त तो जैसे बस किंकर्तव्यविमूढ़ हो... Continue Reading →

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