Toolsidas Jr

Movie Review:Toolsidas Jr जीवन के संघर्षों पर आधारित कोई घटनाक्रम एक चलचित्र के माध्यम से देखने का संयोग हो जाए तो यह बड़ा सुखद अनुभव होता है उस पर खेल से संबंधित एक छोटे बच्चे के त्याग की भावना के साथ अपने पिता की साख को पुनः स्थापित करने का परिश्रम यदि सेल्लुलोईड पर उतार... Continue Reading →

Jovial Jungle

रणथम्भौर का जंगल- जंगल अपने आप में एक पूर्ण इकाई होकर न केवल पृथ्वी की अनमोल संपदा है बल्कि मानव जाति और समाज के लिए भी अमूल्य धरोहर है. जंगल से वनों उपज के साथ-साथ प्राणवायु भी 12 महीने प्राप्त होती हैं और यदि अवकाश काल में जंगल की यात्रा हो और जंगल की अनुपम... Continue Reading →

Divine D

द्रष्टा देवांश…. द्रश्य है देवज्ञ, पदार्थदिशा दश ओर.देशांतर में भी दिव्य दिखेद्रश्य सदा दर्शनीय.द्रष्टि, दीप्ति दर्श को,दिगपाल दैदीप्यदीपक द्रष्टि दोष नहीं,द्रष्टि देवता तुल्य.द्रष्टा देवांश है,देखने को दहके.दिशाहीन हो द्रश्य प्रपंच,द्रष्टा दीपो भवः.देवांश के दिग्दर्शन,दुर्धुशु ददाति दर्शनं.दधीची दीन्हे तन,तो दैदीप्य हुए दिव्यं.द्रष्टि दोष का दर्प,दरख़्त सा देहाभिमान.दुनिया दुखियारी देखि,दान भी दंडाभिमान.दुःख दया द्वैत,दंडकारण्य में दर्शन.दण्ड- दान... Continue Reading →

Useless

क्या तुम बेमानी हो …क्या तुम बेमानी हो,मृत्युलोक में पुनः चले आये.लोभ में चंद सिक्कों के,बिकने फिर चले आये. क्या तुम निरर्थक हो,जो मानव फिर बन आये.वासना के वशीभूत,परमतत्व को छोड़ आये. क्या तुम अभिमानी हो,जो मानमर्दन को आये.पद सत्ता के लोलुप,माया पाने को हर्षाये. क्या तुम लोभी हो,जो माया माया करते.जो है परन्तु नहीं... Continue Reading →

Little Steps

पग धरे गंभीर छोटा बच्चा चले डगर डगरहाथ फैले संतुलन इधर-उधरधीरे-धीरे पग धरे गंभीरछोटे-छोटे दृढ़ जमे धीर मन भी बच्चा है,रखे पग पग हौले होलेडरे संभले फिर भीआगे को बढ़ ले कुछ सोचे मलिनऔर कुछ सोचे पावनविवेक को जो धरेपवित्र जैसे सावन कभी गिरे बच्चाडगमगा करफिर खड़ा होहिम्मत फिर जुटाकर मन भी गिरेमाया को ललचाएएक... Continue Reading →

On the Banks…

किनारा क्यों घूम घूम कर आ जाता हूँ,कुछ यूं ही सोचता जाता हूँ.गुम हो जाता हूं कहीं इस तरह,दूर अपने से, जहां किनारा नहीं… बहती धारा में यूं चला जाता हूं ,न जाने कैसे किनारा पकड़ जाता हूं .यह किनारे होते बड़े अजीब हैं,बेबस, मैं किनारा कर जाता हूं… जब किनारे पर खड़ा होता हूं,न... Continue Reading →

Medical Education

MEDICAL EDUCATION – NOT IN PINK STATE OF HEALTH Dr Anil Bhadoria, President, IMA Indore The science of healing has been considered a noble profession of service. Since ancient times, civilizations had the first and foremost aim to practice this Science under the oath to serve and to charity. Around 300 years ago, the then... Continue Reading →

Ancient Friend

जूना मित्र कह दिया धडाक से, मेरी सीमाएं हैंज्वार फटा, दिखी तल्ख भावनाएं हैं जैसे मैं मित्र नहीं दशानन हूंसब कुछ, से हुआ, कुछ नहीं मैं वर्षों का याराना दरका पल भर मेंआंसू ह्रदय से बरसा यूं प्रति क्षण में जैसे रिश्ते में श्राप लग गयाजान ना पाए यूं कांच लग गया. मन को समझाया,... Continue Reading →

Fully Empty

पूर्णतया रिक्त या रिक्तता की पूर्णता- रिक्तता, शून्यता या निर्वात या खालीपन, एक अजब स्थित है जो मानव के शरीर, मन, भाव को प्रभावित कर देती है. नकारात्मक या सकारात्मक ? खालीपन का भाव, समय की जल जैसी धार के विरुद्ध द्रष्टा का विचार जैसा हो सकता है जो मात्र समय को बहते हुए या... Continue Reading →

Defensive Medicine

DEFENSIVE MEDICINE: SPECIALITY OR A STATE OF MIND.. DR ANIL BHADORIA, Indian Medical Association Indore MP Everything can be purchased and so also health and health services. But, Time changed from an old era when health services were scarce and available medical facilities were thin. Scene has changed now and also the Mindset. It is... Continue Reading →

Begging, An Art Science & Psychology

भीख माँगना कला भी विज्ञान भी मनोविज्ञान भी व्यक्ति के स्तर से लेकर देश के स्तर तक भीख मांगने का उद्योग अनादि काल से प्रचलन में है जो बिना आरक्षण हर वर्ण, जाति, रंग के नागरिकों द्वारा देश की सीमा से परे हर मानस का एक अनमोल हिस्सा है जो यदा कदा एन केन प्रकारेण... Continue Reading →

Doctors Ain’t God.

Doctors Ain’t God! Think of them as Just Human! Dr Anil Kumar Bhadoria IMA Indore In two hundred years of Allopathy, i.e. modern pattern of healing has created wonder drugs, injections, vaccines, and state of art surgical skills to save millions of lives and give quality life all across humanity. Therefore, since last century, doctors... Continue Reading →

Waiting Nandi

प्रतीक्षा: प्रतीक्षा एक स्थिति है जो प्रति क्षण के आने की और घटित होने की संभावना को आतुर है.प्रतीक्षा का प्रयोजन, प्रेयसी के प्रति हो या भगवान राम के प्रति वनवास से लौटने की उनके भाई भरत की हो अथवा अनादिकाल से नंदी की प्रतीक्षा अपने आराध्य शिव के प्रति हो, अनमोल ही है. आर्यावर्त... Continue Reading →

Story Of A Leaf

पेड़ से गिरी पत्तियों मेंजीवन बिखरा पड़ा हैतने से जुड़ा था कभीआज भू पर छितरा पड़ा है था यूं ऊर्जा से भरपूरआज धरती चूमने कोलीला का अंत करउसके आग़ोश में पड़ा है कहने को मित्र थातने ओ शाखा काग़लबहियाँ के मौसम मेंप्रेम में डूबा पड़ा है सबको अपने सेबड़ा समझता हूँछोटे बना रहने मेंआनंदित हुआ... Continue Reading →

Song of Stone

पत्थरकौड़िया बिखरी पड़ी है, नीले नभ के नीचेसमंदर बीत रहा है, हम रहे सदा नेत्र मींचे. कहने को पत्थर अनमोल, रितु स्नान को आतुरमंदिर रहें तो पूजे जाएं, नहीं तो बने रहे निष्ठुर राह पड़े तो रोड़ा कहलाए, इंसान भी ठुकराए, एक स्थान को टिक जाएं, तो पाषाण भी पूजा जाए शिला धरा की धाती... Continue Reading →

Bird, Little Angel

चिड़ा चिड़ी सोचा कभी , गाँव की गौरेया, शहर आके धरोहर हो गयी….सोचा क्यों नहीं, गाँव की बहुलता, शहर में नगण्य हो गयी…सोचा मैंने, गाँव गाँव में पलने फलने वाली घरेलु चिरेया….देखते देखते विकास की अद्भुत, सप्रेम शहीदी भेंट हो गयी….कभी थी ये, सर्दी गर्मी में घर दालान की रोचक रौनक…..नैनसुख की हामी, उर्जा पुंज,... Continue Reading →

Little Bit

थोड़ा थोड़ा…. जोड़ा बहुत कुछ,कुछ जोड़ा थोड़ा.जो दिल तोडा तो,बहुत धन जोड़ा. चलना जो सीखा तो,मन लगा के भी दौड़ा.साकार को समझा तो,निराकार भी थोड़ा. पितृ भाव पाला तो,बचपन भी यादों में रखा.प्रेम का धन सहेजा तो,विष भी रखा थोड़ा. गद्य को पढ़ा-लिखा तो,पद्य भी किंचित उकेरा.विज्ञान को साधा तो,गूढ़ वित्त भी समझा थोड़ा. अचरज... Continue Reading →

Be Tree

निरे वृक्ष तुम….. कहने को तो कुछ नहीं,निरे वृक्ष तुम.गतिहीन और निश्चल,और क्रोधहीन. पानी – मिटटी से जुड़े,छल पाप से परे.लेने का सुभाव कम,देना ही तुम पढ़े. जीते जी प्राणवायु देते,मरते ही लकड़ी.हरियाते जीवन भर,हो अनमोल दमड़ी. गरलमना, वायु सोखते,भले हो दूषित.वृक्ष तुम, ठंडी रखते धरा,और जल से पूरित. फुल फल से आलोकित,पत्ती तना है... Continue Reading →

Blog at WordPress.com.

Up ↑