Raichand, Gyanchand, Karmchand & So On.

वर्ण व्यवस्था की कितनी भी आलोचना की जाए, यह तो तय ही है कि प्रत्येक व्यक्ति में परिवार-समाज की सुरक्षा का क्षत्रीयत्व भाव की उपस्थिति अनिवार्य है. उसके साथ ज्ञान के अर्जन व व्यावहारिकता में ब्राह्मणत्व भाव की विभिन्न मात्रा में उपस्थिति न केवल दृष्टिगोचर होती है बल्कि आवश्यक भी है. इसी प्रकार मानव, व्यावसायिक... Continue Reading →

Columbus USA

City Profile & Review Blog 402 COB, Cummins Home A small town with global headquarter positioning of a multi billion company. Guess the company. Cummins Inc! This big company is situated in Midwest of USA in city of Columbus, after Spanish seller, Christopher Columbus, who was on way to India reached North America in 17th... Continue Reading →

As is the King, So are the People.

यथा राजा तथा प्रजा Blog 401 यथा राजा तथा प्रजा की कौटिल्य जनित उक्ति के संदर्भ में भारतीय परिवेश, मानस और परिदृश्य तीनों का आज के संदर्भ में दृष्टि दृश्य और दृष्टा की प्रस्तुति भिन्न प्रतीत होती है. कहने को यह व्यक्तिविशेष के महिमा मंडन का प्रयास प्रदर्शन हो सकता है परंतु यथा राजा तथा... Continue Reading →

Revenge!

Blog No. 400 बदलानैतिक कहानी स्वास्ति, विदेशी प्रतिनिधिमंडल से जॉइंट वेंचर की बैठक है, तुमको ही लीड करना है और डील क्लोज कराना है. स्वास्ति, स्टाफ को दिवाली गिफ्ट देने का निर्णय तुमको लेना है कितना बजट चाहिए बता देना स्वास्ति, पदोन्नतिके अभ्यर्थियों के वेतन पात्रता का आंकलन कर के मेल कर देना स्वास्ति, टर्न... Continue Reading →

Be Merry, Get Married.

Blog 398 मुझे विवाह नहीं करना, पिता को संतान ने सूचना दी.नहीं करना अथवा अभी नहीं करना… पिता ने प्रश्न किया.जो चाहे आप समझे पापा. संतान ने रुख अस्पष्ट बने रहने दिया.दोनों अलग अलग परिस्थितियां है, पिता का स्वर सामाजिक रचना से गुथा हुआ था. सन्नाटा. पिता ने गहरी सांस ली और कहना आरंभ किया.... Continue Reading →

Sick or Health: Simple Measures

Blog 397 क्यों बीमार होने लगे हैं, हम अब हर आयु में … डॉ अनिल भदौरिया आज के आधुनिक दौर में जब विज्ञान के अतिशय विकास से संचार यातायात और विज्ञान के आयाम, “ना भूतो न भविष्यति” के स्तर पर दिखाई पड़ते हैं तो मानव शरीर में आए परिवर्तनों के माध्यम से जीवनशैली रोगों का... Continue Reading →

Car Saga

CAR SAGA- पिछले 100 वर्षों से कार के प्रति प्रेम स्नेह लोभ मोह ने एक अभिनव यात्रा तय की है जिसे शब्दों में गढ़ पाना कठिन है. चार पहियों पर कार का विज्ञान धन तंत्र और मंत्र तंत्र दोनों पर घात प्रति का सुंदर परिचायक है. यूँ तो लो-फ्लोर, एसयूवी, सिडान, हैचबैक जैसी विभिन्न उत्पाद... Continue Reading →

Grand Canyon USA, A Legacy

ग्रैंड कैनियन – अमेरिका में लाखों वर्ष पुराना घाटी सौंदर्य सजीव का सौंदर्य नित्यप्रति परिवर्तन शील है और विभिन्न रंगों से आलोकित भी. परन्तु पत्थरों का सौंदर्य वनस्पति जगत के पुष्पों और पर्णों की तुलना में निर्जीव होने के बाद भी हजारों बर्षो से सजीव प्रतीत होता है. रात्रि काल के स्याह समर में पत्थरों... Continue Reading →

Stooping Low is the Guarantee, to good heights!

पैर छूने की कला, करे सब का भला सम्मान देने और आदर भाव प्रकट करने की भारत की पुरातन परंपराओं में से एक, पूज्य के चरण छूने की है. यह सत्कार का आरंभिक रिवाज कई बार, ग्रामीण क्षेत्र में पांय-लागी कहने मात्र से अथवा वाक़ई में झुककर पाँव छूने की परंपरा से प्रदर्शित होती है... Continue Reading →

Get Rid Of Corruption!

मेरा जारी रहे बाकी देश से समाप्त हो भ्रष्टाचार – हो गई है पीर पर्वत-सी, पिघलनी चाहिए,अब देश से रिश्वत की अर्थी निकलनी चाहिए. दक्षिण पूर्वी महाद्वीप के भारतीय मूल के नागरिक जुगाड़ प्रिय होने के साथ-साथ अपनी सुविधा के प्रति बड़े सम्वेदनशील होते हैं और जब मुद्रा-राक्षस संबंधी विषय प्रस्तुत हो तो स्वाभाविक रूप... Continue Reading →

Just a bit of Discipline: Civic Sense

चुटकी भर अनुशासन – नागरिक संहिता उम्र में बड़ा या छोटा, स्त्री या पुरुष, नया या पुराना वाहन-चालक सबसे पहला अपराध सड़क पर वाहन चलाते समय करता है चाहे वह छोटा अपराध ज़ेबरा क्रासिंग पार करने का हो या रुकने का संकेत करने वाली लाल बत्ती हो या चंद क्षण बचाने का गलत दिशा में... Continue Reading →

Lie Rules, Truth lasts!

Blog No 390 असत्य का बोलबाला, सच्चे का ……, समझ तो गए होंगे. असत्य की दुकान इतना चलती है कि सत्य बेचारा होकर रह जाता है. अभी फ़िलहाल में संपन्न देश के आम चुनाव में राजनेता तो छोड़िए एग्जिट पोल में आम मतदाता ने भी झूठ का बड़ा दामन थामा और अपने मताधिकार का किसके... Continue Reading →

Bougainvillea

क्या गचगचा के फूलेये कागज के फूलचेतना से ऐसे भूलेहर्षित भी हुए शूल क्या लहरा के फूलेये रंग बिरंगे आकृतिहमको भी साथ ले लेयाद रखें या विस्मृति

Hamare Raam

लगभग 7000 वर्ष पूर्व अयोध्या नगरी में रघुवंश परिवार में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जन्म हुआ और उनके जीवन चक्र का घटनाक्रम कुछ इतना रोचक हुआ कि आज इतनी शताब्दियों के बाद भी श्रीराम की कहानी की जीवंत प्रस्तुति न केवल आकर्षित करती है बल्कि जीवन जीने का एक अनमोल संदेश भी देती है. इस... Continue Reading →

Amazing Ayodhya

अलौकिक अयोध्या- अनादिकाल से अयोध्या एक ऐसे अलौकिक प्रतीक के रूप में स्थापित रहा है जो राज-सत्ता और आध्यात्म के साथ साथ सामाजिक व्यवस्था को स्थापित करने का हेतु कार्यशील है. अयोध्या का शाब्दिक अर्थ भले “जहां युद्ध न होता हो” परंतु प्रकृति की लीला का प्रभाव से अयोध्या कभी अछूती नहीं रह पाई है.... Continue Reading →

Lottery in a long haul flight (382)

(A Travelogue in both English & हिंदी) Can a long-haul flight, be a Beautiful Surprise. Or a treat while cruising at 970km per hour on an altitude of 20000 feet. And you look out through the window and an unexpected lottery is awarded. Most of the times all long flights beyond 10 hrs are just... Continue Reading →

Green Book : Movie Review (381)

GREEN-BOOK: MOVIE REVIEW ग्रीन-बुक: मूवी रिव्यू✔️ पिछले 100 सालों में समाज का अवलोकन करते समय, स्वयं-सर्वोच्चता की भावना सबसे अधिक भेदभावपूर्ण रही है। नस्ल, जाति, पंथ, आकार, फिटनेस और विशेषताएं सभी में अतिशयोक्तिपूर्ण दृष्टिकोण होते हैं। इस अनावश्यक ड्राइव से उत्पन्न परिणामों ने न केवल मानव जीवन को बल्कि सामाजिक विभाजन को भी नुकसान पहुंचाया... Continue Reading →

Tadka: Movie Review(380)

तड़का-चलचित्र समीक्षा देखने योग्य है- अति उत्तम रॉम-कॉम श्रेणी के चलचित्रों का प्रचलन बढ़ चला है जहाँ रोमांस और कॉमेडी की खिचड़ी मिलाकर प्रस्तुत की जाती है. आम तौर पर धरातल की सच्चाई से परे रॉम-कॉम चलचित्र अतिशय आधुनिकता, कृत्रिमता, धूमधाम, अशुद्ध भाषा से परिपूर्ण होने से वास्तविक परिदृश्य प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं जो... Continue Reading →

Blog at WordPress.com.

Up ↑