रक्त में समर होता है

हर बच्चे में एक
बड़ा व्यक्ति होता है
बड़े व्यक्ति में भी एक भी
छुपा बच्चा होता है

जो बहती नदी में
झांको तो जीवन है
डूबने को तालाब में भी
छुपा समंदर होता है

देखो तो चाँद भी है
प्रेम के आग़ोश में
सूर्य तो प्रथम ऊर्जा भी
हवन में छुपा सूरज होता है

प्रकृति ही जीवन दाता है
अहंकार भले कर लो
जल जैसा उतार चढ़ाव
रक्त में भी समर होता है

अग्नि भी सृजन का
अनुपम प्रतीक है
भले करे राख शरीर को
छुपा उसमें जन्म होता है

Leave a Reply

Blog at WordPress.com.

Up ↑