No Spoiler!
“दो दीवाने सहर में” नामक 2026 में प्रसारित चलचित्र के देखने का अवसर हुआ. यह बात स्वीकार योग्य है कि मानव जीवन को कमियों के साथ जीवन जीना पड़ता है और जीवन का रस आदर्श स्थिति पैदा करने में नहीं हैं बल्कि कमियों के साथ जीवन को सुंदर बनाने में है.
आज के दौर में है प्रेम कथाओं पर आधारित चलचित्रों का बनना लगभग कम हो चुका है परंतु यह चलचित्र एक ठंडी बयार की तरह हल्के फुल्के मनोरंजन के साथ हास्य और विनोद का संपुट प्रस्तुत करता है जहाँ आप आनंदित हुए बिना नहीं रह पाते है. इसमें कोई 2 मत नहीं कि विवाह का अद्भुत सनातनी संस्कार दो व्यक्तियों का नहीं बल्कि परिवारों का समायोजन है जहाँ स्त्री एवं पुरुष एक दूसरे के साथ समझौते के साथ एक साथ जीवन बिताने को तैयार करती है.
जहाँ विवाह के प्रस्ताव में एक पक्ष को भोजन बनाना नहीं आता है तो दूसरा मल्टी क्विज़ीन भोजन बनाने की विशेषताओं से सज्जित है. जहाँ एक पक्ष के आत्मविश्वास में अतिशय कमी है वहीं दूसरा पक्ष आत्मविश्वास से लबरेज़ है और इसी तरह अपने अंदर की कमी को भांप कर अपने होने वाले पार्टनर में वह खूबी देख संबंध स्थापित करने का जो सौन्दर्य चलचित्र में प्रस्तुत किया गया है वह रोचक बन पड़ा है.
सिद्धांत चतुर्वेदी का अभिनेता के रूप में और मनाली ठाकुर का अभिनेत्री के रूप में अभिनय संतोषजनक है तथा निर्देशन अच्छा होने से कतिपय ने सर्किट चित्र बड़ा ही सुंदर बन पड़े हैं. हिमालय की पहाड़ की चोटियों के सुंदर दिग्दर्शन कुमाऊँ जिले के मनमोहन चित्रों से सज्ज यह मूवी नेटफ़्लिक्स पर उपलब्ध है .
यह चलचित्र देखने योग्य है और एक हल्के फुल्के हास्य से भरपूर चलचित्र प्रदर्शन से यदि जीवन जीने का कोई नैतिक संदेश मिले चलचित्र ज़रूर देखना चाहिए

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