सही होना तेरा, तय है(548)

जो आप रीढ़ की सीधी हड्डी लिए हैं
तो आप पर आरोप लगना तय है

जो आप सज्जन और सत्यवादी हैं
तो आपका सजा भुगतना तय है.

जो घर में या परदेश में ख़ुश हैं
तो आपका साधु सम भाव तय है

जो अकेले के संगति में तुष्ट हैं
तो आध्यात्मिक होना तय है

जो मांगते वक़्त लजा जाते हों
तो भगवान से समीप होना तय है

जो देने की बारी में आगे हो
तो मोक्ष की यात्रा होना तय है

जो दान करते सिक्के ढूंढ़ते हो
तो पुनर्जन्म होना भी तय है

जो सोचा कि मैं हो सकूं ग़लत
तो ही सही होना तेरा तय है

Leave a Reply

Blog at WordPress.com.

Up ↑