Time Eternal

समय का देवांश…. दिन भर साथ चलूंगासंग रहूंगा सुख दुख मेंपुतला बने या तू मूर्तिसंग तेरी राह बनूँगा हर पल में सांस बनूँगाधमनी में बहता रहूंगारहनुमा बने या तू दोस्तसंग तेरे राह बनूँगा समय का देवांश हूँक्षण क्षण धार धरुंगातू माने या ना मानेंतेरे मन कर्म को तीक्ष्ण करूँगा तुझे विवेक का संग मिलेइतनी बुद्धि... Continue Reading →

Awarded

2 असमान स्तर के मित्रों का अद्भूत संवाद- मित्र- मुझे पुरस्कार चाहिए सुधि मित्र - कई संस्थाएं बांट रही है नहीं नही, वैसा नहीं ! याने ? याने पैसे देकर मिलने वाला पुरस्कार नहीं चाहिए! तो कौन सा चाहिए ! मेहनत वाला ? हां वह हो जाए तो वाह! तो मेहनत करो मिट्टी में !... Continue Reading →

Hospital Nuisance

अस्पताल का दृश्य : आपके इस सरकारी अस्पताल में डॉक्टर साहब सुविधा नाम की चीज नहीं है, स्टाफ आपका बदतमीज है, दवाइयां आपके यहां है नहीं…इसको ताला क्यों नहीं लगा देते हैं ! ( एक असंतुष्ट का उच्च स्वर में प्रलाप) सही कहा आपने, हम बहुत कम संसाधनों में काम कर रहे हैं हमारे पास... Continue Reading →

Threat Unlimited

प्रभुत्व का प्रभाव: पत्रकार:मैं एक राष्ट्रीय अखबार का संवाददाता हूं और आपके सरकारी दफ्तर में यह काम करना चाहता हूं !अधिकारी:डीटेल्स दे दीजिएपत्रकार:यह डिटेल्स है मैं अखबार में हूं .अधिकारी:वह बताने की जरूरत नहीं है अगर आपकी पात्रता है तो यह कार्य बिना अखबार में आपकी पोज़ीशन के विज्ञापन ही हो जाएगा आप बैठिए .... Continue Reading →

Government Experience

सरकारी नौकरी और प्रोफेशनल दृष्टिकोण: मेरी बंदूक का लाइसेंस रिन्यूअल में देरी क्यों हो रही है? आपकी लाइसेंस की जांच चल रही है. पुलिस वेरिफिकेशन के बाद ही लाइसेंस का नवीनीकरण किया जाएगा. आप मुझे परेशान कर रहे हैं! नहीं, कार्य की प्रक्रिया है जिसे अभी लागू किया गया है इसमें 10 से 15 दिन... Continue Reading →

Christmas As Usual

Christmas As Usual: Movie Review( क्रिसमस एज यूजुअल ) ये है हॉलीवुड के उस चलचित्र का नाम जिसमें भारतीय संस्कृति का छौंक दिखाई पड़ता है. नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध हॉलीवुड का यह चलचित्र देखने का संयोग हुआ जिसमें जश्न जोशी (करण गिल) एक भारतीय के रूप में नॉर्वे की एक सुंदर नैनों की धनी यूरोपियन कन्या... Continue Reading →

Value Less

मोल-अनमोल(पति-पत्नी संवाद) पत्नी- अरे यह तो मैं हूं जो निभा रही हूं कोई और होती तो छोड़ जाती !पति- तो छोड़ ही दो तुम भी मुक्त!पत्नी-अरे ऐसे कैसे छोड़ दें ब्याह में ही ₹300000 खर्च किए थे वसूली तो हो जाए .पति -किस तरह करोगी वसूली?…और यहां तुम्हारा बस चले तो तुम तो मुझे कबाड़ी... Continue Reading →

Wanna be a River.

नदी होना चाहता हूं गोमुख से छोटा उदगमपवित्र और पावनजीवन नद का निर्मलनदी का उत्तम उदभव कुछ इठलाती नटखटसमेटे सबको जातीबाहों को फैला लेतीसब को नहला जाती है दान पुण्य की हामीप्यासे की अनुपम दासीप्यासे का रंग ना देखतीसदियों से सेवा को प्यासी. समभाव से बहतीनिर्मल यह कामिनीप्राणों की रक्षा मेंप्रेम की यह दामिनी जीव... Continue Reading →

Ain’t you an Evil!

तो कौरव हो तुम… यदि श्रीकृष्ण तुम्हारे पक्ष में नहीं,तो कौरव हो तुम।अपने में संतोषी और भावुक नहीं,तो कौरव हो तुम।करुणा को भूले तुम और दया नहीं,तो कौरव हो तुम।इच्छा मृत्यु के वरदानी पर अन्यायी,तो कौरव हो तुम।खेल के छल में निपुण और पक्षपातीतो कौरव हो तुम।धक्का दे आगे बढ़ने को हर कीमत आतुर,तो कौरव... Continue Reading →

Greed Unlimited

पत्थर से भी मांगते…. भटकते हम,सदा कुछ पाने को.भूखे प्यासे,सदा कुछ भूलने को.कभी ये तो,कुछ वो बहुत, कोमिल जाये,तो भी नहीं रुकने को.संतोष नहीं,ये लालसा अविनाशी है.लगता कभी,क्या हम सब भुतिया हैं.?क्या होना,इसकी अंतहीन दौड़,सोचते सदा,क्या हम डरपोंक भी हैं.?डरते सदा,पत्थर से भी मांगते.पूछा सही,क्या हम वाकई धार्मिक हैं?.किसी भी कीमत,चाहूँ सफलता का हारमन विचारे,क्या... Continue Reading →

Be, in Nothing

रहो, नहीं में रहो… बारिश में रहोभिगो नहींतपन में रहोजलो नहींअकेले भले रहोतन्हा नहींमस्ती में रहोसहो नहींदौड़ते रहोथको नहींयात्रा में रहोपहुंचो नहींआकाश रहोभले उड़ो नहींजमीन रहोजुड़ो नहींभक्त रहोपूजो नहींउम्मीद रखोथामो नहींपढ़ो लिखो बढ़ोरुको नहींप्रयास में रहोआलस में नहींप्यार में रहोडूबो नहींडूबो भलेउलझो नहींतैरते रहोललचाओ नहींचैतन्य रहोमगन नहींलीन रहोनशें में नहींशून्य रहोगिनती में नहींशून्यता भली,गिनती सेबारिश... Continue Reading →

Moment Minima

क्षण प्रतिक्षण है क्षीण क्षण… आखिर कौन हूँ मैं,क्या मात्र यही एक क्षण.आखिर कहाँ ठहरा हूँ मैं,क्या यहीं इसी क्षण में. आखिर मैं काहे को हूँ यहाँ,इसी क्षण को जीने को.तो क्या है ये क्षण,क्षणिक है या अति है ये क्षण. आखिर क्या है जो बीत गया,बस यही इक क्षण.जो समझेगा, इस क्षण कोतो आगे... Continue Reading →

Remedy for Govt Hospitals

सरकारी अस्पतालों को समाज से उम्मीद भारतीय समाज की अर्वाचीन परंपरा रही है सहयोग करने की, फिर भले ही वह शारीरिक हो या आर्थिक ही क्यों ना रहा हो. प्राचीन काल में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर ओ.पी.डी. स्तर पर ही उपलब्ध रहता था तथा उस काल में युवावस्था में मौतों का प्रतिशत भी अत्यधिक रहा... Continue Reading →

Advertising in Health Sector : Unhealthy Trend.

विज्ञापन आधारित औषधि और स्वयंभू उपचार – खतरनाक हो सकता है.   व्यवसाय शास्त्र के चलन में कहा जाता है कि यदि आपका व्यवसाय नहीं चल रहा है तो विज्ञापन कीजिए और यदि आपका व्यवसाय अच्छा चल रहा है तो विज्ञापन कीजिए यानी कमोबेश हर स्थिति में प्रिंट मीडिया ओर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के  माध्यम से,... Continue Reading →

Cyber Crime: Beware

साइबर क्राइम के इस दौर में जब प्रत्येक हाथ में एक स्मार्टफोन है, लचीला और सस्ता इंटरनेट का कनेक्शन है तब धोखाधड़ी करने वाले आपराधिक शार्क और मगरमच्छों के बीच आपकी - हमारी स्थिति 32 दांतो के बीच में जीभ जैसी हो जाती है … कि रहना भी साथ साथ है और बचने की कला... Continue Reading →

Movie Review

शिवा शास्त्री बलबोआ-मूवी समीक्षा भारत की कालजई कथानक शोले फिल्म जैसी हॉलीवुड की रॉकी फिल्म है जो सिल्वेस्टर स्तलियोन द्वारा अभिनीत है तथा 6 संस्करण में प्रकाशित हैइस रॉकी बॉक्सर की शिक्षा से अभिप्रेरित कर देने वाली कहानी से पंडित शिव शास्त्री नामक चलचित्र 2022 में प्रदर्शित है शिव शास्त्री, अनुपम खेर हैं जो रॉकी... Continue Reading →

Family Physician : Have we Lost them?

Family Physicians : Have we lost them? Dr Anil Bhadoria President, IMA, Indore              Once Upon a time, society was known to have a good number of family physicians who were part and parcel of the healthcare system of family structure in Indian society. A Family Physician is an aptly trained & skilled clinician who... Continue Reading →

Early Cancer Detection by you Only!

Let’s Examine Our Own Body खुद पहचाने कैंसर को इस आधुनिक काल में समाज में और मानव की जीवन शैली में परिवर्तन होने के चलते जीवनशैली से प्रभावित होने वाले रोगों की संख्या में वृद्धि हुई है विज्ञान की तरक्की से बीमारियों को पहचान ले समय पर पकड़ने और औषधीय शल्य चिकित्सा उपागम से बड़ी... Continue Reading →

Blessings

वरदान - मांगो वरदान, प्रकट हो भगवान बोल बैठे एक नास्तिक से. आश्चर्य में डूबे नास्तिक के नैन, हृदय, मस्तिष्क सब चुंधिया गए, विचार शून्य हो जैसे अंधकार में अंधे हो गए हो. ज्योतिपुंज से आलोकित निराकार ऊर्जा रूप में भगवान, नास्तिक की भाषा में फिर बोले… मांगो वरदान, अभक्त तो जैसे बस किंकर्तव्यविमूढ़ हो... Continue Reading →

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