Watching Movies May be a pastime yet every celluloid depicts a message be it right or wrong. Life is so interwoven in relationships nobody knows when and how a relation tanks deep down. A family saga is presented in this 2018 movie LikeFather where in a sour relationship between daughter and father is presented in... Continue Reading →
Bougainvillea
क्या गचगचा के फूलेये कागज के फूलचेतना से ऐसे भूलेहर्षित भी हुए शूल क्या लहरा के फूलेये रंग बिरंगे आकृतिहमको भी साथ ले लेयाद रखें या विस्मृति
Hamare Raam
लगभग 7000 वर्ष पूर्व अयोध्या नगरी में रघुवंश परिवार में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जन्म हुआ और उनके जीवन चक्र का घटनाक्रम कुछ इतना रोचक हुआ कि आज इतनी शताब्दियों के बाद भी श्रीराम की कहानी की जीवंत प्रस्तुति न केवल आकर्षित करती है बल्कि जीवन जीने का एक अनमोल संदेश भी देती है. इस... Continue Reading →
Amazing Ayodhya
अलौकिक अयोध्या- अनादिकाल से अयोध्या एक ऐसे अलौकिक प्रतीक के रूप में स्थापित रहा है जो राज-सत्ता और आध्यात्म के साथ साथ सामाजिक व्यवस्था को स्थापित करने का हेतु कार्यशील है. अयोध्या का शाब्दिक अर्थ भले “जहां युद्ध न होता हो” परंतु प्रकृति की लीला का प्रभाव से अयोध्या कभी अछूती नहीं रह पाई है.... Continue Reading →
Outlook Hindi
Travelogue on Kashi published in Outlook Hindi, February 03, 2025 issue
Kashi
Travelogue (Blog : 383) आउटलुक हिंदी पाक्षिक के फ़रवरी ०३, २०२५ को प्रकाशित अनादिकाल से काशी, मन के आग्रह और पूजन का स्थल रहा है. विसर्जन की इस धरा का महात्म्य इस की मिट्टी के कण कण में प्रतीत होता है रहा है यहाँ तक कि शिवा पार्वती के भी यहाँ आकर रमण और विहार... Continue Reading →
Lottery in a long haul flight (382)
(A Travelogue in both English & हिंदी) Can a long-haul flight, be a Beautiful Surprise. Or a treat while cruising at 970km per hour on an altitude of 20000 feet. And you look out through the window and an unexpected lottery is awarded. Most of the times all long flights beyond 10 hrs are just... Continue Reading →
Green Book : Movie Review (381)
GREEN-BOOK: MOVIE REVIEW ग्रीन-बुक: मूवी रिव्यू✔️ पिछले 100 सालों में समाज का अवलोकन करते समय, स्वयं-सर्वोच्चता की भावना सबसे अधिक भेदभावपूर्ण रही है। नस्ल, जाति, पंथ, आकार, फिटनेस और विशेषताएं सभी में अतिशयोक्तिपूर्ण दृष्टिकोण होते हैं। इस अनावश्यक ड्राइव से उत्पन्न परिणामों ने न केवल मानव जीवन को बल्कि सामाजिक विभाजन को भी नुकसान पहुंचाया... Continue Reading →
Tadka: Movie Review(380)
तड़का-चलचित्र समीक्षा देखने योग्य है- अति उत्तम रॉम-कॉम श्रेणी के चलचित्रों का प्रचलन बढ़ चला है जहाँ रोमांस और कॉमेडी की खिचड़ी मिलाकर प्रस्तुत की जाती है. आम तौर पर धरातल की सच्चाई से परे रॉम-कॉम चलचित्र अतिशय आधुनिकता, कृत्रिमता, धूमधाम, अशुद्ध भाषा से परिपूर्ण होने से वास्तविक परिदृश्य प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं जो... Continue Reading →
The Terminal(379)
Movie ReviewCatheters Zodi jonesTom Hanks The Terminal - Movie Review Uncertainty and probability are part and parcel of anybody's life and both of these factors go hand in hand. This movie by Steven Spielberg showcases an altogether different storyline where a passenger from Bulgaria is stuck at an airport and the situation is so perturbed... Continue Reading →
Jerry & Marge, Go Large.(378)
चलचित्र समीक्षा - देखने योग्य है - उत्तमम हिंदी और अंग्रेजी में People are mindful and remain restricted up to a phase of life. Then a day comes when all restrictions break loose and mindset is changed. So is the storyline of this Hollywood life saga Jerry and Marge - Go Large. This story is... Continue Reading →
The Motorcycle Diaries
Movie Review (377) द मोटर साइकिल डायरीज़ – चलचित्र समीक्षा उद्देश्य के मानस से जीवन-वृतांत पर आधारित चलचित्र का दर्शन एक साक्षात्कार से कम नहीं होता है जहाँ जीवन के समक्ष, साहसी तथा आत्मा-अनुरागी कुछ इस प्रकार से प्रस्तुत होते हैं कि आप न केवल दांतों तले ऊँगली दबा लेते हैं यथा आप इन अनुभवों... Continue Reading →
Colour Supremacy. (376)
मैं श्रेष्ठ हूँऊर्जा से पूर्ण नीला रंग बोला मैं श्रेष्ठ हूँ नहीं मैं ही सर्वश्रेष्ठ हूँ.वार्तालाप में नीले रंग से हरे रंग ने अपनी धौंस जमाई. बाक़ी सात रंग, सानंद अपने रंग में शांत भाव से मिल बैठे दो रंगीले-रतन की नोंक-झोंक का मजा ले रहे थे. नीले रंग ने कहा मेरे रंग से आसमान... Continue Reading →
React or Respond!(375)
असत्या- कैसे मुस्कुरा लेते है आप विपरीत परिस्थिति में भी? सत्या- आसान है. असत्या- कैसे? सत्या- कई बरसों से अभ्यास किया है. असत्या- अरे? सत्या- हाँ. असत्या- बताओ तो? सत्या- जब भी नकारात्मक विचार आए मुस्कुराइए! असत्या- वो कैसे संभव है? सत्या- यही परीक्षा है. जब भी बुरा सोचें मुस्कुराइए! असत्या- क्यों? सत्या- क्यूंकि आप... Continue Reading →
Self Check Up (Blog-370)
स्वस्थ लोगों को डॉक्टरों से दूर रहने की कामना रहती है. एक डॉक्टर के तौर पर मैं यह कहता हूँ कि कोई कैसे जान सकता है कि वह स्वस्थ है?? हर माह अपने शरीर का स्वयं परीक्षण जो हमें किसी कैंसर जैसी बीमारी के पनपने की पहचान करवा सकता है - मासिक जाँच- पुरुष- अपने... Continue Reading →
Time & Fate (Blog : 369)
तीन दोस्त साथ मिल बैठे हैं गपियाने को एक दूसरे को गरियाने और गलियाने को परंतु दुखियाने को भी…. एक का दर्द उबरा कि- अगर मैं PMT* पास न हुआ होता तो आज IAS बन कलेक्टर होता अब मैं डॉक्टर बन कर सरकारी नौकरी के साथ मन मार कर काम करता हूँ. अभावों में उपचार... Continue Reading →
Free Giving brings Animosity(Blog 368)
प्रथम बार जब आप किसी को कुछ निःशुल्क देते हैं तो वह हैप्रशंसा(एप्रिसिएशन) दूसरी बार जब आप किसी को कुछ निःशुल्क देते हैं तो आपने पैदा किया है -प्रत्याशा या पुर्वानुमान(एंटीसिपेशन) तीसरी बार जब आप किसी को कुछ निःशुल्क देते हैं तो अब जातक को पैदा हो जाएगी -आशा और उम्मीद(एक्सपेक्टेशन) चौथी बार जब आप... Continue Reading →