पड़ोसी धर्म और विवाद का विज्ञान – बुद्ध भी न समझ पाए ! दो पड़ोसियों के मध्य होता संवाद या यूँ कहें कि विवाद- क्या मैं आपका अच्छा पड़ोसी हूँ ? नहीं! तो क्या आप मुझे आपका अच्छा पड़ोसी बनने में सहायता करेंगे? वो कैसे! जैसे आप आपने घर का पानी या कचरा मेरी घर की... Continue Reading →
Laapata Ladies : Movie Review
चलचित्र समीक्षा -— लापता लेडीज — ग्रामीण परिवेश के दृश्यों के साथ समाज का चित्रण और उस पर समस्या और समस्या से निदान की नितांत ज़मीनी उपायों की चलचित्र व्याख्या है लापता लेडीज़…. हालाँकि इस चलचित्र का विषय हास्य तत्व है परंतु इस चलचित्र के छायांकन और कथानक में कई उजले पक्ष प्रस्तुत होते हैं... Continue Reading →
Wonder Number
“मुखर अंकों में जीवन का जादू और हम साधक” अंको का हमारे जीवन में बड़ा ही विशिष्ट स्थान है जो दिन के आरंभ से ही एक विशिष्ट स्थान पाते हैं और अंकों के बिना जीवन लगभग असंभव ही है. कुछ विशेष अंक हमारे जीवन में कुछ इस प्रकार समाविष्ट हैं जो हमारे बोलचाल के सामाजिक... Continue Reading →
Be Humane
बूझो कैसे बने, आदमी… आदमी को आदमी समझे आदमी तो आदमी बन जाए आदमी,पराए को पराया न समझे तो अपना बन जाये आदमी. धर्म को सहायता धर्म समझे तो धर्म समझ जाएं आदमी,मर्म कर्म का समझे तो धर्म समझ जाएं आदमी. सत्य को धर्म का आधार माने तो आदमी बने आदमी,पंचतत्व का अनमोल रत्न, उसमें... Continue Reading →
Easy is Difficult
There is an old saying by Buddha stated around 2000 years ago goes like - It is EASY to be difficult but difficult to be EASY. Word EASY may mean Easy but deeds attached to this EASY word are difficult as being Easy with a task or job or affair is a very difficult to... Continue Reading →
Stop!
रोको रोको…(२ सुधिजनों का संवाद ) रोको ! रोको ! जनसँख्या वृद्धि रोको! कौन रोकेगा. ये असंभव है! १४० करोड़ को न समझा पाओगे. कानून न लाद पाओगे. तो रोको, भ्रूण परिक्षण रोको. अरे! उसमें तो डॉक्टर को पकड़ो, वही बताता है, लड़का है कि लड़की है. हाँ , उसको रोको. लेकिन समाज, डॉक्टर को... Continue Reading →
Just Me
बुजुर्ग बड़े, कह गए अनादि काल सेबोझा कम रखो बने रहो हल्के सदा,तनाव हो या तन का भार इच्छा सेजो अल्पांक हो तो यात्रा सुगम सदा… माया की कमल पत्तियां जल पर बिखरीदल दल नीचे है माया सबको लुभाए सदा,जो दौड़ पड़े हम सब इस मचान से उस कोभार अधिक हो तो व्यर्थ डूबना तय... Continue Reading →
Eternal Ram
आश्चर्य हो कदाचित् सनातनी को कि श्रीराम का जीवनकाल दुर्घटनाओं से भरा पड़ा है, फिर भी हर भारतीय के मुख से सुबह सुबह जय श्री राम का अभिवादन उच्चारित हो ही जाता है. कितने ख़ास हैं श्रीराम. इस बार की दीवाली अद्भुत है क्योंकि प्रभु श्रीराम पाँच सौ बरस के वनवास के बाद एक नये... Continue Reading →
Catch Me If You Can!
Movie Review Catch me if you can…. is the title which looks grumpy and susceptible.Every society have conman and these con men with their skills produce such forging spectacle that anyone is easily deceived. One man was there on whom a book was written in the very name. Catch me if you can and ace... Continue Reading →
Rider’s Must!
मान न मान ✔️————— मान न मान, थोड़ा रुक जा दौड़ सरल है, थोड़ा थम जापथ अबाध, गति हौले हौले मुकाबले से बच, आहिस्ता से जाभागमभाग को थाम, थोड़ा ठिठक निश्छल कर्म कर, फल को भूल जा.अनुशासन से चल, नियम से मान जीवन भी बचेगा, राज तू ये जानजवानी का जोश, गाड़ी का पहिया जो... Continue Reading →
Panchendriya
आज कवि मन जाग्रत हुआ तो कुछ इस प्रकार से पंचेन्द्रिय के रूप में…. पंच इंद्रिय के सुख… सुख भांति भांति के,कर्म से उकेरे जाएं,सुख की राह ऐसी,सब सरपट दौड़ें जाए. जीभ पर गुड़ रखो,मन गुड़ गुड़ हो जाए.जीभ को मीठा लगे,रस, हृदय को भाये. शब्द जीभ पर आसीन,बोल तो मीठे बोल.कड़वे जो वचन कहे,तो... Continue Reading →
Heads & Different Gray Matters
वायुपुराण में लिखा है- मुंडे मुंडे मतिर्भिन्ना कुंडे कुंडे नवं पय:,जातौ जातौ नवाचारा: नवा वाणी मुखे मुखे. जितने मनुष्य हैं उतने विचार हैं, एक ही स्थान के अलग अलग कुंओं के पानी का स्वाद अलग अलग होता है. एक ही संस्कार के लिए अलग अलग जातियों में अलग अलग रिवाज होता है तथा एक ही... Continue Reading →
Movie Review: CNKB
चलचित्र की समीक्षा भावनाएं, मानव मस्तिष्क की संवेदना को अजीब प्रकार से छूने वाली स्थितियां होती हैं जो आपको ना चाहा हुआ भी करने को मजबूर कर देती हैं. ऐसा ही कुछ अनुभव नेटफ्लिक्स पर एक चलचित्र चोर निकल के भागा को देखने का अवसर प्राप्त हुआ जहां एक स्त्री की भावनाओं से जबरदस्त खिलवाड़... Continue Reading →
Movie Review: Najar-Andaaj
चलचित्र समीक्षा - कहानियों का संसार अद्भुत है और नयेपन की कहानी आपको चमत्कृत भी कर देती है. ऐसी ही एक कहानी का चलचित्र नेटफ्लिक्स पर कल देखने में आया जिसमें एक दिव्यांग दुनिया को सदा अच्छा समझने की कोशिश में बिगड़े हुए को भी सुधार लेता है और एक महत्वपूर्ण उत्तरदायित्व का वहन हेतु... Continue Reading →
President’s Museum
🌍🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳 राष्ट्रपति भवन, नई दिल्लीभारत के प्रथम नागरिक और संविधान के प्रमुख का रहवास स्थान है और जब इसके संग्रहालय का संदर्भ आता है तो यह विचार उत्पन्न होता है कि इस सम्पदा की यात्रा अनावश्यक और थकावट वाली उबाऊ होगी.. परंतु ऐसा नहीं है ! 25 एकड़ में फैले घने वृक्षों के मध्य स्थित... Continue Reading →
Oscar in India
Oscar comes to India again through an elephant: It’s a documentary and it’s about a Orphan Baby Elephant.Raghu is being reared by a Mahout cum Priest who is in his middle age. This documentary was shot in the jungles of Tamil Nadu, India and did showcase beautiful and picturesque background with mountains, scintillating River and... Continue Reading →
Discipline On Road
दैनिक हिन्दी समाचारपत्र नई दुनिया के अधबीच कॉलम में एक सामयिक आलेख अनुशासन का चुटकी भर सिंदूर और सड़क पर मिसाइलमैन जैसा दुःसाहस - सड़क पर द्रुत गति का लहरिया प्रदर्शन करते ये दो पहिया वाहन चालक और ये कार चालक एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल की भांति अपनी उपस्थिति को दर्ज कराते हुए कुछ इस... Continue Reading →