
छोटू सा गुलदस्ता है जो मनमोहक है और मौन में रमता है
ईश्वर का परम भक्त!
कैसे?
अपने कर्तव्य का पालन पुर्ण सत्य और निष्ठा से बिना किसी उम्मीद के
निश्छल
निर्भय
निर्विकार
निर्विघ्न
निर्विकल्प

छोटू सा गुलदस्ता है जो मनमोहक है और मौन में रमता है
ईश्वर का परम भक्त!
कैसे?
अपने कर्तव्य का पालन पुर्ण सत्य और निष्ठा से बिना किसी उम्मीद के
निश्छल
निर्भय
निर्विकार
निर्विघ्न
निर्विकल्प
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