वैश्विक रूप से प्रसिद्ध लोगों के अंदरूनी जीवन में झांकने की आम लोगों की सदैव इच्छा रखती है और जब बात पॉप संगीत के निर्विवाद विश्व विजेता माइकल जैक्सन जैसे किसी गुप्त, रहस्यपूर्ण और रहस्यमयी व्यक्तित्व की हो तो प्रचलित अफवाहों का एक ऐसो बवंडर उठ खड़ा होता है कि सच्चाई का पता ही नहीं चलता है. जब व्यक्ति चला जाता है इस पृथ्वी को छोड़कर तब ऑटोबायोग्राफी या बायोग्राफी के प्रकाशन से कुछ हद तक सच्चाई का पता होता है.
माइकल जैक्सन जैसे मूर्धन्य संगीतकार, गीतकार गायक और शोमैन के ऊपर बनी इस चलचित्र के दर्शन से उनके जीवन संबंधी सच्चाई से साक्षात्कार हो ही जाता है जो रोमांचक है, सराहनीय है और जीवन में सफलता के कठिन मार्ग की शिक्षा भी देता है. माइकल की संवेंदनशीलता, सहनशीलता, धैर्यशीलता और दूरदर्शिता के साथ साथ परिवार के प्रति समर्पण का प्रदर्शन सराहनीय है.
80-90 के दशक के दौर में जब जैक्सन के पॉप गीतों का जादू शुरू हुआ तो लोग न केवल उनके पॉप गाने के दीवाने थे बल्कि उनसे संबंधित रहस्यमयी कहानीयों का बाज़ार भी साल भर गर्म बना रहता था.
उनकी बीमारियाँ, उनके इलाज, उनके घर का क्षेत्रफल, उनका चिड़ियाघर, उनकी तुनकमिजाजी, उनकी संपदा के अंक संबंधी सैकड़ों अफ़वाहें सुनने को मिलती थीं. अख़बारों, फ़िल्म पत्रिकाओं के माध्यम से ही ख़बरें साझा हुआ करती थी.
इस फ़िल्म की विशेषता इसी बात की है कि माइकल जैसे दिखने वाले उनके भाई के पुत्र यानी भतीजे जाफ़र जैक्सन द्वारा इस रोल को अभिनीत किया गया है जिन्होंने माइकल के प्रतिरूप को हुबहू प्रस्तुत किया है. अभिनय से भी माइकल को पुनर्जीवित कर दिया है. इस फ़िल्म के मध्यम से जैक्सन के संबंध में जितना भी भ्रांतियां और अफ़वाहें फैली हैं उनको निश्चित रूप से विराम मिला है. फिल्मांकन सुंदर है और कलाकारों का अभिनय बहुत अच्छा है. संगीत सुनने का आनंद अद्भुत मस्तिष्क दशा को प्राप्त होता है यदि आप हेडफ़ोन लगा लें और कर्णप्रिय बिली-जीन और आई एम बैड के गीतों का अद्भुत अनुभव ले सकते हैं.
यह चित्र ने निःसंदेह देखने योग्य है जो लोग थिएटर में देखने से वंचित रह गए उनके लिए जियो सिनेमा पर यह मौक़ा उपलब्ध है. यह प्रथम कड़ी है.

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