इस गर्मियाँ आरंभ हो रही हैं और पतझड़ का मौसम प्रभावी है. पेड़ों से उनके आभूषण रूपी पत्तों के साथ साथ उनके बीज भी अपनी पौध रूपी संतति को आगे बढ़ाने के लिए यात्रा तत्व सर्वथा बिखरे पड़े दिखाई देते हैं जो 1 नई परिकल्पना को जन्म देते हैं
एक बीज विशेष गुणसूत्रों से निर्मित हो कैसा जटिल संवाहक हैं जो उचित वातावरण और नमी के प्रस्तुत होने पर अपना वृद्धि जाल जिस तरह से प्रस्तुत करता है कि ये छोटा बीज अपने अंतर्मन में वृक्ष लिए लंबी दूरी की यात्रा को अग्रसर होता है

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