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संस्कारित सौंदर्य समागम

यदि आप आश्चर्यचकित होना चाहते हैं और बिना अहंकार, सौंदर्य के संस्कारित और पावन दर्शन भी करना चाहते हो तो इंदौर की व्यवसायिक स्त्रियों के द्वारा आयोजित कार्यक्रम राजघराना मिस एंड मिसेज गृह लक्ष्मी इंदौर प्लस साइज स्पेशल नामक सौंदर्य प्रतियोगिता के वार्षिक आयोजन का हिस्सा बनने का प्रयास करना चाहिए.

शक्ति की धात्री एक नारी शक्ति समूह द्वारा इंदौर में आयोजित गृह लक्ष्मी सौंदर्य एवं व्यावसायिक प्रतियोगिता के द्वितीय संस्करण में बतौर जज सम्मिलित होने का अवसर हुआ और या मेरे लिए प्रथम अवसर था जहाँ स्टेज पर सुसज्जित पदचाप करती विभिन्न श्रेणियों में विभाजित महिलाओं के सौन्दर्य, आत्मविश्वास, मुस्कान, चाल और प्रश्नों के उत्तर के माध्यम से मेधावी होने की गहराई का समग्र आकलन करने के लिए मुझे सौन्दर्य के समग्र निर्णायक (जज) के रूप में नियुक्त किया गया.

शक्ति स्वयं अपने आप में जीवन की वह धरोहर है जिसके चारों ओर न केवल मानव जीवन की धुरी घूमती है बल्कि जीवन के रस, रंग और ढंग स्थापित होते हैं. इस आयोजन में सम्मिलित होकर सौ -सज्जित महिलाओं के रैंप वॉक शो से मैं न केवल अचंभित हुआ बल्कि प्रतिभागी महिलाओं के अनुशासन, आत्मविश्वास, भाव-भंगिमा, मुस्कान, सौंदर्य और जीतने की चेतना के दर्शनीय प्रदर्शन प्रेरणा का स्रोत भी थी. रैम्प वॉक का साड़ी जैसे उत्तम परिधान में गहने, ज़ेवर, हीरे-जवाहरात, कमर-धनी, बाजूबंद, गले के नौलखा हार और कलाई के जड़ाऊ कंगनों से सौंदर्य को द्विगुणित नहीं बल्कि सौ -गुणित बढ़त हो गई थी. इस परिभाषा को भी बल मिला कि स्त्री का सौंदर्य चेहरे मात्र से सीमित होने से अधिक है जिसमें न केवल पर्याप्त शिक्षा से लबालब यह नारीशक्ति अपने व्यवसाय के साथ समाज में अपनी साख और पह्चान स्थापित कर रही है साथ ही सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP की बढ़ोत्तरी में भी सक्रिय सकारात्मक और संस्कार के साथ सहयोग भी दे रही है. सौंदर्य मात्र चेहरे में नहीं होता, सौंदर्य मात्र साड़ी में नहीं होता, सौंदर्य मात्र जवाहरातों में नहीं होता परंतु जब भी स्त्री स्वतंत्र मानस से संस्कारित हो साड़ी जैसा परिधान को धारण कर पर्याप्त श्रृंगार कर उपस्थित होती है तो वह बड़ी बहन लगती है, छोटी बहन का सम्मान पाती है, माँ स्वरूप दिखती है.

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