नव्या दंपति
मधु-मास याने हनीमून का समय
सदैव प्यार में निमग्न,
रोमांटिक मौसम हो तो सोना और सुहाग संग संग.
न दिन दिन रहे न रात रात रहे और दिन में भी रहे तो अति प्यार में
आख़िर अखंड दुबे पति ने कह दिया वरना विवाहिता से एक दिन तुम्हें नहीं लगता अपना सात जन्मों से लगातार साथ चल रहा है प्रेम बढ़ रहा है
पत्नी ने हुंकार भरी और कहा – इसे ऐसे कहो कि यह मिलन का पहला जन्म है किंतु साथ अपना आगे आने वाले सात जन्मों का है.
पति भी निरंतर हो सहमत हो गए प्यार की पींग बढ़ती रही और शाखाएं फूटती रही. नौकरी,बच्चे, प्रमोशन, मकान, शिक्षा, ट्रेनिंग, यात्रा, रिश्तेदारी, विवाद, संतोष – असंतोष सब एक साथ एक छत के नीचे चलते रहे 25 बरस बीत गए.
एक दिन फिर पति ने पत्नी से प्यार के मूड में पूछ लिया, हमारे साथ जन्मों का साथ का पहला जन्म कितना सुंदर है ना !
नहीं अपने साथ जन्मों का साथ का यह अंतिम जन्म है अगले जन्म में तो तुम और मैं अलग अलग
पति अवाक
पत्नी भी अवाक कि क्या बोल गई मैं
तभी दोनों पति-पत्नी खिलखिला कर हंस पड़े.
क्या यह कल्पना है रोमांस की जो हार्मोन से नियंत्रित है कल किसी ने देखा नहीं और जन्मों का साथ !!!
आत्मा से जटिल और क्षणों का संयोग

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