Krishi Mela

दिन भर चना चबेना, आलू छोले, रोटी छाछ और द्रवों की विस्तृत श्रृंखला का सेवन पेयन करते विचार बमुश्किल आता है कि कैसे किसान ने खेत में बीज बोया, पानी दिया , रखवाली की, चिरैया उड़ाई तब जाकर कड़ी धूप में प्रकृति ने इस अधम मानव जाति के लिए अन्न उपजाया.

और किसान का श्रम, उत्पाद और मार्केटिंग का प्रदर्शन देखने का सौभाग्य हुआ आज जब इंदौर के कृषि महाविद्यालय परिसर में आयोजित एक किसान प्रदर्शनी में जाना हुआ. ट्रेक्टर, हार्वेस्टर, मैकेनिकल हल और किसानी के खेत खलिहान में काम आने वाले औजार, मशीन, चल यंत्र आदि का दर्शन कर मैं तो अचंभित ही रह गया!

छह एकड़ क्षेत्र में आयोजित यह प्रदर्शनी मुझ जैसे चिकित्सक के लिए एक आई ओपनर थी जहां किसानी के वृहत्तर, मध्यम और छोटे उपकरणों की विस्तृत प्रदर्शनी लगाई गई है जिसमें किसानों के लिए कई प्रकार के उत्पाद उपलब्ध कराए गए हैं जो भारतीय वाहन निर्माता कंपनियों के माध्यम से किसानों को प्रस्तुत किए गए हैं.

किसानों के साथ साथ आम नागरिक के लिए भी इस प्रदर्शनी में कृषि उत्पादों की बड़ी शृंखला उपलब्ध है जहाँ आर्गेनिक अर्थात जैविक उत्पादों के साथ साथ सामान्य और कृषि उत्पाद उपलब्ध कराए गए हैं. मोटे अनाज या श्री अन्न और चटपटा चटखारेदार नमकीन, सूखे मेवे, डिहाइड्रेटेड इमली आम सहजन के पाउडर के किसानी उत्पाद तो उपलब्ध हैं ही लेकिन गटागट जैसे उत्पादों की दुकानें भी सजी है.

महिलाओं के लिए विशेष रूप से किचन में काम आने वाले और सब्ज़ी काटने में प्रयुक्त होने वाले आसान मैकेनिकल मशीनें उपकरणों की भी उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई है जिसके क्रय करने के लोभ से संवरण मैं भी नहीं कर पाया.

किचन साम्राज्ञी की सुरक्षा के लिए अग्निशामक यंत्र की उत्पाद श्रृंखला भी प्रदर्शनी में लगायी गई है जिसमें 1 किलो से लेकर नौ किलो के पाउडर आधारित अग्निशमन यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं जो बाज़ार में 2 हज़ार रुपया की दर पर उपलब्ध है लेकिन इस प्रदर्शनी में मात्र साढ़ेबारह सौ रुपये में एक लीटर तक अग्निशमन यंत्र प्राप्त किये जा सकता है. मैंने भी एक अग्निशमन यंत्र क्रय अपनी अर्धांगिनी की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया है.

इंदौरीपन किसी भी प्रदर्शनी में अछूता है यदि नमकीन के कुछ विशेष उत्पाद वहाँ प्रस्तुत किए गए हों. श्री अन्न याने मोटे अनाज के माध्यम से बनाए गए नमकीन की दुकान संचालिका द्वारा उनके घरेलू कुटीर उद्योग के माध्यम से इन नमकीन का स्वाद चखाया गया जो अद्भुत था. इस नमकीन की गुणवत्ता उच्चतर स्तर की प्रतीत हुई.

सिवनी से आए हॉर्टिकल्चर के एमएससी के छात्र ने बटन तथा पॉर्ल श्रेणी के मशरुम के काउंटर पर अपने वाचाल प्रतिभा का प्रदर्शन किया और हमें लगभग मशरुम के पैकेट को ख़रीदने पर मजबूर ही कर दिया

2 thoughts on “Krishi Mela

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  1. आपने मेले को व्यापार व्यवसाय से हटकर देखा l अन्न दाता के जीवन की दुर्गमता से अन्नपूर्णा के जीवन की सुगमाता और सुरक्षा तक आलेख ने कई पडाव पार कीए l वाह क्या बात है l आप को साधुवाद l

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