Gandhisagar Dam

1980 में पूज्य पिताजी पूरे परिवार को उदयपुर घुमाने ले जाते समय दो घंटे के लिए गांधी-सागर डैम (बांध) की शैक्षणिक यात्रा पर भी ले गए और इस यात्रा में बिजली का उत्पादन किस प्रकार हो रहा है पानी से यह समझने का मौक़ा मिला था. आठवीं में पढ़ते थे तब कुछ समझ आया…कुछ नहीं आया.

अभी एक दिन बैठे-बैठे सोचा कि कहीं घूमने चलते है जो दो – ढाई सौ किलोमीटर की दूरी पर हो, याद आया गांधी सागर डैम जा सकते हैं और मेरे बाल-सखा ने बताया कि वहाँ पर अब रहने के लिए उचित रिसॉर्ट भी बन गए हैं तो गाड़ी उठायी और वीक डे पर गांधी सागर डैम के लिए निकल गए.

इंदौर से गांधी सागर डैम का रास्ता उज्जैन होते हुए एक्सप्रेस हाईवे से गरोठ तक 120 किलोमीटर का सिक्स लेन है जिस पर वाहन -सुख, यात्रा – सुख, सड़क – सुख के साथ साथ राष्ट्र की होती उन्नति का सुख भी ज़बरदस्त रूप अद्भुत अनुभूति देता है. उज्जैन से दिल्ली तक का यह मार्ग बहुत सुंदर है और सुखकारी है. गरोठ से गांधीसागर डैम का पचास किलोमीटर का रास्ता डबल रोड, सिंगल रोड, निर्माणाधीन रोड, डायवर्जन रोड की अनमोल खिचड़ी के माध्यम से उछलते, कूदते, दमकते सिसकते आप गांधी सागर नंबर तीन के चौराहे पर पहुँच जाते हैं जहाँ चंबल देवी की चौराहे पर खड़ी मूर्ति आपका स्वागत करती है और आपके रिसॉर्ट तक पहुँचते पहुँचते हैं आपका मन होता है कि बस 1 बढ़िया कप चाय मिल जाए तो मज़ा आ जाये.

और ऐसा ही कुछ फारेस्ट रिट्रीट रिसॉर्ट में पहुँचने पर हुआ जो मध्य प्रदेश टूरिज्म की संपत्ति है और अब तो लीज पर एक निजी संस्था द्वारा चलाया जा रहा है. बिलकुल डैम के बैकवाटर पर बने इस टेंट प्रॉपर्टी के कक्ष में करते ही सामने बालकनी पर पड़ी कुर्सियां पर बैठकर पहाड़, आसमान, फैली हुई जल राशि के अभिनव दर्शन करते हुए जब गर्म चाय का प्याला हाथ में हो जाएं धीमी धीमी चुस्कियों के साथ तो ऐसा लगता है कि यहाँ आना सफल हुआ हुआ…

वेकेशन (Vacation) के साथ आज कल रात एक नयी शब्दावली प्रचलित है स्टेकेशन (Staycation) अर्थात जिस जगह जाओ वहीं रुक कर रहे जाओ. दिमाग़ी और शारीरिक आलस से भरपूर, सोचना कुछ नहीं करना कुछ नहीं और सोने पे सुहागा जैसे कमरे में टीवी नहीं तो मोबाइल में नेटवर्क नहीं. बस दिन में तीन टाइम खाना खाना, बिस्तर पर सोना, बालकनी में बैठ शांत नीरव माहौल में पसंद का द्रव पान, और क्या! सुबह को धूप में बैठना , शाम को अलाव के साथ में बैठना, बिना धुन गुनगुनाना या साज के संग गुनगुनाना. ये 1 प्रकार से शरीर के साथ साथ मन को रेचन करने की प्रक्रिया है, विषमुक्त करने की प्रक्रिया है जो 1 दिन से 5 दिन तक हो सकती है और गांधी सागर डैम एक उचित स्टेकेशन का स्थान है जहाँ कमरे के सामने अथाह जल राशि उसमें यदा-कदा मछलियों के उपस्थिती के दृश्य, आसमान पर माइग्रेटरी पक्षियों का सुबह और शाम के समय आवागमन एक अतिरिक्त रुचि योग्य लाभ दर्शन हो सकता है.

डैम के लगभग ढाई सौ किलोमीटर लंबे चौड़े कैच-मेंट एरिया में उपस्थित जल राशि से बिजली बनाने के कारख़ाने का दर्शन भी एक अलग अनुभव है. समुचित शासकीय अनुमति से विद्युत उत्पादन इकाई में खड़े होकर जल के प्रवाह से टरबाइन के मैग्नेटिक फील्ड में विद्युत उत्पादन देखना अपने आप में आश्चर्यचकित करने से कम नहीं है. बांध की रचना और बांध के एक ओर संग्रहीत जल राशि तो दूसरी ओर निष्कासित जल राशि के दृश्य मनमोहक, सुखकारी और सार्थक यात्रा-योग्य प्रतीत होते हैं.

निकट ही बोट क्लब भी स्थापित है जहाँ बनाना – राइड, जेट – स्कीइंग, स्पीड बोट-राइड के साथ क्रूज़ का बाँध की अपार जल राशि के विहंगम दृश्यों पर नौकायन करते हुए परिवार सहित अनुपम आनंद भी लिया जा सकता है.

छोटी-छोटी यात्राएँ ना केवल आपको भिन्न प्रदर्शन से साक्षात्कार कराते हैं बल्कि यात्रा के विभिन्न आयामों से परिचय भी कराती है जैसे उज्जैन से गरोठ तक के मार्ग में ये दोनों और सरसों की खेती लहलहा रही थी और सरसों की फसल के पौधे पीले फूलों से खेत अटे पड़े थे और वो दृश्य इतने सुंदर थे कि जिन्हें मानवीय नेत्रों के माध्यम से ही सारगर्भित रूप से देखकर आनंदित हुआ जा सकता है. किसी कैमरे के माध्यम से वह सौंदर्य की गहराई को रिकॉर्ड नहीं किया जा सकता है.

एक आश्चर्य यह भी देखने को मिला कि एक्सप्रेस हाईवे पर महिलाओं एवं पुरुषों के लिए पक्के शौचालय बनाए गए हैं जो लगभग हर 40 किलोमीटर पर मिल जाते हैं. मुझे प्रतीत हुआ कि मेरा देश वस्तुस्थिति में उन्नति पर है विकासरत और विकसित देशों के संग चलने को तैयार है बशर्ते देश के सभी नागरिक अनुशासन का भी थोड़ा पालन करते चले सारी संपत्ति हमारे उपयोग हेतु है और उसे सहेज कर रखना भी हमारी नैतिक दायित्व है ज़िम्मेदारी है और दायित्व भी.

शुभ लघु यात्रा

One thought on “Gandhisagar Dam

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  1. किसी स्थान को समझने के भ्रमण

    से श्रेष्ठ विकल्प नहीं l मनोरम दृश्यावली के साथ ही क्षेत्र के भौगोलिक, सामाजिक, भौतिक विवरण व सुविधाओं तथा प्रकृति एवं जीवन शैली से संबंधित सूचनाए प्रस्तुती को सार्थकता प्रदान करती हैं l सरस व सहज 👌

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