
चोरी भी एक कला है जिसके बारे में कहना कठिन है कि वह स्वाभाविक नैसर्गिक गुण है या अस्वाभाविक है. प्राकृतिक गुण है या मानसिक बीमारी है. आदत है या लोभ जनित है. जो भी हो पर जब ऐसे हॉलीवुड के ऐसे चलचित्र का अवलोकन देखने का अवसर प्राप्त हो जो इतनी बड़ी राशि भी हो जिसे रुपयों में इस समीक्षा पेज पर लिखा जा सकना लगभग असंभव होगा तो नक़बजनी, डकैती या सुपर डकैती जैसे शब्द बचकाने लगता है. वैसे भी क्रिप्टोकरेंसी के इस आधुनिक अपितु आभासी दौर में बिटकॉइन का भाव आसमान छूता है और जब 72 मिलियन यूएस डॉलर (2016)के बिटकॉइन की चोरी 1 लड़के और 1 लड़की द्वारा क्रिप्टो एक्सचेंज के कंप्यूटर सिस्टम में सेंध (Hack) कर ली जाए और एक्सचेंज की तिजोरी से खरबों डॉलर के बिटकॉइन चुराकर अपने खाते में डाल दिए जाएँ तो आश्चर्य ही होता है. यह राशि इतनी बड़ी है कि प्रतिदिन एक लाख डॉलर याने नब्बे लाख रुपए खर्च किए जायें तो पूरी राशि खर्च करने में 101 बरस लग जाएँगे.
इस घटनाक्रम से विस्मित हुए बिना रहा नहीं जाता है कि क्या अद्भुत प्रकृति है या लीला है कि इतनी बुद्धि दी है इन बच्चों को जो असंभव ऐसा कार्य कर गुज़रते हैं.
नेटफ़्लिक्स पर उपलब्ध यह चर्चित यह डाक्यूमेंट्री बिगेस्ट हेस्ट एवर एक रोचक कथानक है जिसमें इंटरनेट के माध्यम से एक ज़बरदस्त बड़ी चोरी को दिखाने और उसके पकड़े जाने का प्रयास प्रदर्शित किया गया है. यह भी बताया गया है कि आभासी तिजोरी में रखे गए इन क्रिप्टो-कॉइन्स का पासवर्ड यदि कंप्यूटर के माध्यम से डिकोड किया जाए तो उसमें लगभग 1 खरब वर्ष का समय लगता.
परंतु मानना पड़ेगा अमेरिका के खुफिया एजेंसियों को जिन्होंने छह महीने में ही उसे प्राप्त कर लिया और 5 साल तक इस बिटकॉइन की बड़ी राशि को उपभोग करने के बाद ये दोनों पति पत्नी पकड़े गए परंतु साहस, दूरदृष्टि, बुद्धि कौशल और निडरता की दाद ज़रूर देना चाहिए जिसके चलते बिना जेल की सलाखों के पीछे जाने के डर से भी यह दम्पति अपना कमाल दिखा गए.
ऐसे सैकड़ो उदाहरण प्राप्त होते हैं जहाँ विवेक को परे रख चोरी के आसान मार्ग से प्राप्त कर लिया जाता है और चोर मानस वे भूल जाता है कि सफलता की सुनहरी सड़क पर चोरी के मानस का घोड़ा दौड़ता है तो वह भूल जाता है कि इस घोड़े की दौड़ जेल की सलाखों के पीछे समाप्त होती है.
Mindful review.
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