Time & Fate (Blog : 369)

तीन दोस्त साथ मिल बैठे हैं गपियाने को एक दूसरे को गरियाने और गलियाने को परंतु दुखियाने को भी….

एक का दर्द उबरा कि-

अगर मैं PMT* पास न हुआ होता तो आज IAS बन कलेक्टर होता अब मैं डॉक्टर बन कर सरकारी नौकरी के साथ मन मार कर काम करता हूँ. अभावों में उपचार करते मन रोता है

दूसरे का दर्द छलका कि

अगर मैं PMT पास हो गया होता तो आज दिनभर बैग उठाकर डॉक्टरों को विजिट ना कर रहा होता और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव न होता

तीसरा पीछे क्यों रहता, धड़क उठा-

अरे मैं तो PMT पास न हुआ तो अच्छा हुआ, पुलिस में दारोगा की कुर्सी न मिली तो अच्छा ही हुआ, क्लर्क भी न हुआ पाया तो राजनीति में आ गया. पाँच साल नगरीय निकाय में निर्दलीय पार्षद बना फिर जुगाड़ कर विधायक बन गया… अब सब ठीक है.

ज़ोर से ठहाका लगाकर तीनों मित्रों के हाथ और जाम टकराएँ

पी एम टी को दोष देते, भाग्य को कोसते ये मित्र सालभर में एक बार ज़रूर मिलते हैं

कहते,
ग़म ग़लत हो या सही, मित्रता सर्वोपरि

जीवन का इतना अच्छा है ख़ुशी हो या दुखी यह गुज़र जाता है … समय शाश्वत है स्थाई गई से सदैव चला चलता है
जीवन के किसी हिस्से में समय स्थिर है कभी कभी आपकी चाल से क़दमताल है तो कभी आपकी गति से कम है या ज़्यादा है.

समय का बहना जल या वायु के बहने का प्रवाह जैसा है और कोई भी अछूता नहीं रह सकता है चाहे महामना कृष्ण हों या परम पिता.

समय हर कार्य में लगता है और समय को भोगना ही पड़ता है. समय ऐसी दुधारी तलवार है.

नोट-
*Pre Medical Test जो आजकल नीट यू जी के नाम से जानी जाती है

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