“मुखर अंकों में जीवन का जादू और हम साधक”
अंको का हमारे जीवन में बड़ा ही विशिष्ट स्थान है जो दिन के आरंभ से ही एक विशिष्ट स्थान पाते हैं और अंकों के बिना जीवन लगभग असंभव ही है. कुछ विशेष अंक हमारे जीवन में कुछ इस प्रकार समाविष्ट हैं जो हमारे बोलचाल के सामाजिक ताने-बाने में रोचक अंक बन पड़े हैं.
ऐसा ही एक रोमांचक अंकों का संयोजन है 19-20-21. आम बोलचाल की भाषा में यह कहा जाता है कि वह व्यक्ति शरीर सौष्ठव में, रूप सौंदर्य में या बुद्धि कौशल में अमुक से इक्कीसा है या उन्नीसा है तो सूक्ष्म अंतर को प्रदर्शित करने के लिए 19 न्यूनतम अंक माना जाता है और 21 एक श्रेष्ठ गुणी स्तर को अंकित किया जाता है.
लोग अपने से 19 में रहना पसंद करते हैं जिसका तात्पर्य है कि वह अपने से कमतर के साथ रहना अच्छा महसूस करते हैं वही समाज के सुधिगण अपने से 21 में रहना पसंद करते हैं ताकि उनका निरंतर विकास हो सके. बीसा का अंक बराबरी का प्रतीक है जो आम बोलचाल की भाषा में प्रयुक्त होता है कि वह उन्नीसा पड़ेगा या बीसा? सवाये या ढ्योढ़े का भी यही गणित है जो किसी वस्तु या व्यक्ति के साथ तुलना का मानक है कि अमुक व्यक्ति अमुक से सवाया याने १.२५ गुना या ड्योढ़ा याने १.५ गुना है.
इस प्रकार 19-20-21 के अंक में भारतीय मानस में एक विशेष स्थान पाया हुआ है
इसी प्रकार सनातन परंपरा में 1, 11, 21, 51 पवित्र अंक माने जाते हैं. भारतीय संस्कारों की पूर्ति में राशि समर्पण में अंकों को विशेष स्थान प्रदान करते हैं. वैवाहिक समारोह में भी यह राशि उचित सम्मान पाती है भले ही वह 111, 251, 1001, 2021 आदि हो.
अंको से संबंधित आजकल बड़ा प्रचलन में है जिसे नियम 20-20-20 का नियम कहते हैं. आधुनिक काल में कंप्यूटर और मोबाइल की स्क्रीन पर निरंतर काम कर नेत्रों को तनाव देने की स्थिति उत्पन्न होती है और चिकित्सा नेत्र विज्ञान के अनुसंधान से नियम 20 का प्रतिपादन हुआ है जिसके अनुसार 20 मिनट तक स्क्रीन पर कार्य करने के बाद 20 सेकंड के लिए 20 फुट की दूरी पर कहीं और देखने से मांसपेशियों नेत्रों की मांसपेशियों को आराम होता है और इस 20 के नियम के पालन से आप नेत्र ज्योति को लंबे समय तक बिना किसी सहारे के कायम रख सकते हैं.
मुहावरों की दुनिया में 3 में न 13 में, नौ दो ग्यारह हो जाना, दो और दो चार होना या नैना चार होना जैसे शब्दों के निहित अर्थ भी बड़े अदभुत हैं जहां नौ दो ग्यारह हो जाने का तात्पर्य भाग जाने से है वहीं 3 महीना 13 में मृदंग बजायें डेरा में जैसी कहावत का तात्पर्य है कि किसी लेने देने में नहीं है ना माया में है ना मोक्ष में है
वहीं 36 का आँकड़ा वैमनस्यता का प्रतीक अंक है तो 99 का मोहक अंक वित्त से संबंधित होकर 100 होने को आतुर है.
वैसे 99 का अंक एक प्रेरक अंक है जो व्यक्ति को मेहनत, उज्ज्वल दृष्टिकोण और सफल होने की अनथक चाह के लिए उत्तेजित तो करता ही है. 99 के फ़ेर में फँसे साधक रुपये में तीन अठन्नी बनाने को सदा प्रयासरत रहते जो उन्हें चैन से न बैठने देता है न सोने देता है. वहीं 72 का नियम पैसा द्विगुणित करने का फार्मूला है.
आमज़न अपनी जन्मतिथि से भी अपने जन्मने के द्वारा अपने व्यवसाय, भविष्य को साधने का प्रयास करते हैं. जैसे 1 का जन्म अंक जातक के दृढ़ निश्चयी होने का प्रतीक है तो 2 का मूलांक सुंदर रूप के धनी होने का द्योतक है. 7 का अंक भाग्यशाली और 9 का अंक धनवान होने के पर्याप्त अवसर प्रदान करने में सहायक होता है. महेंद्र सिंह धौनी 7 तो अक्षय कुमार 9 तो अमिताभ बच्चन 2 के मूलांक वाले हैं.
मानव शरीर में भी अंकों का घालमेल है जहां 206 हड्डियाँ हैं 640 मांसपेशियाँ हैं 350 जोड़ हैं वहीं 80 का नियम स्वस्थ शरीर की निशानी है
80 का जादुई अंक-
80 मिनट का पैदल चलने का व्यायाम
80 कदम प्रति मिनट की चाल
अस्सी सेंटीमीटर का स्त्री और पुरुष की कमर का घेरा
अस्सी का फास्टिंग शुगर स्तर
अस्सी का अंक हो नीचे का रक्तचाप
अस्सी का लो डेंसिटी लिपॉप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल
80 एमएल से ज्यादा का केलोरी ड्रिंक/सॉफ़्ट- ड्रिंक/हार्ड-ड्रिंक पीना निषिद्ध
80 से कम हो ध्वनि प्रदूषण का स्तर
80 से कम हो पीएम 2.5 का एयर क्वालिटी इंडेक्स
साल में 80 दिन धूप में 20 मिनट बैठकर विटामिन डी की प्राप्ति
80 से कम हो आराम के समय की प्रति मिनट नब्ज
तो आप आसानी से पा जायेंगे 80 बरस की आयु
तो है ना अंकों का जादू हमारे जीवन में जो कमोबेश हमारी बोलचाल की भाषा के अलंकार बन पड़े हैं

अदभुत अंक ज्ञान
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