Sun Almighty

आदित्य – आख्यान


आदित्य अवलोकनीय,
अनिवार्य अर्वाचीन.


आसन्न आसंदी पर,
अनिल से अवधूत.


अरुण से आविर्भाव,
अभय अलौकिक.


अक्षय आप अविकारी,
आभा से आलोकित.


आकांक्षा अमृत की,
अर्जुन के ओंकार.


आलस्य से अछूते
अनथक रहे अपार.


आसमान के अखरोट,
आलेख अनंता.


अधार्मिक और अलंकृत
आमरे के आनन्दा.


अलख के अद्वैतवादी,
अष्टावक्र के अभंग.


आत्मा के अनुरागी,
आवक्र तुम अरंग


अग्नि आसीन,
आभा अंतरिक्ष.


आसक्ति ही आकर्षण,
और आवृत्ति अनंतिम.


अचरज का आलोक,
अहिंसा के अभिमानी.


अस्तेय और अपरिग्रह
आधुनिक अधिकारी


अद्भुत आदित्य,
अंतहीन अद्रश्य न होते.


असीम उर्जा के
आहार के अविष्कारी.


आयुषी अनंत से,
अभिवीर के अनुषंगी.

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