Christmas As Usual: Movie Review
( क्रिसमस एज यूजुअल )
ये है हॉलीवुड के उस चलचित्र का नाम जिसमें भारतीय संस्कृति का छौंक दिखाई पड़ता है. नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध हॉलीवुड का यह चलचित्र देखने का संयोग हुआ जिसमें जश्न जोशी (करण गिल) एक भारतीय के रूप में नॉर्वे की एक सुंदर नैनों की धनी यूरोपियन कन्या को सम्मोहित करने में सफल होते हैं और इस हाइब्रिड चलचित्र की प्रस्तुति में एक नया रंग भर देते हैं.
आमतौर पर नॉर्वे का नाम दुनिया के सुंदर देश में सम्मिलित है जहां नॉर्दर्न लाइट्स (Aurora Borealis) का प्रमुख आकर्षण है हालांकि इस चलचित्र में नॉर्दर्न लाइट्स तो नहीं दिखाए गए हैं परंतु भारतीय संस्कृति के साथ नॉर्वे के नागरिकों द्वारा क्रिसमस सेलिब्रेशन में भारतीय तड़का भली भांति न केवल प्रदर्शित हुआ है बल्कि आकर्षित भी करता है. संस्कृतियों में भिन्नता स्वाभाविक है और इसके चलते विभिन्न संस्कृतियों का मेल – मिलाप न केवल कठिन होता है बल्कि इसमें समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं. और इस चलचित्र में इन्हीं समस्याओं को प्रदर्शित भी किया गया है पर हद तो तब होती है जब नॉर्वे की कन्या के पुराने लड़का-मित्र यानी बॉयफ्रेंड की प्रविष्टि होती है. और भारतीय कुमार इस सांता क्लास बने इस लड़का- मित्र को एन क्रिसमस के दिन धुनक देता है
भरपूर विवादों के मध्य सगाई होने के हो चुकने के बावजूद संबंध विच्छेद की अवस्था उत्पन्न हो जाती है और सुखद अंत भी चलचित्र में प्राप्त होता है
सबसे बड़ी बात तो यह दिखाई पड़ती है कि साल भर बाद होने वाले अगले क्रिसमस में नॉर्वे के परिवार के समस्त लोग भारतीय परिवेश में रंगे दिखाई पड़ते हैं. कैमरा का संयोजन और चित्रांकन सुंदर है और बर्फ से ढँके लैंडस्केप से एक नये माहौल का साक्षात्कार भी होता है. भावनाओं के ज्वार भाटा में डूबती उतराती ये कहानी संदेश भी देती है कि क्रिसमस पर शराब नहीं पीना चाहिए
एक अद्भुत अनुभव है
देखने योग्य

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