The Great Indian Family

द ग्रेट इंडियन फैमिली-
चलचित्र समीक्षा

जब बुरा वक्त आये तो साया भी साथ छोड़ जाता है तो परिवार क्या है !
और जब परिवार साथ देने को आए तो पूरी तरह से हाथ में हाथ मिलाकर खड़ा हो, यही कहानी है द ग्रेट इंडियन फैमिली नामक चलचित्र कि जिसके उतार-चढ़ाव भरे कथानक ने दर्शक को बांधे रखने के साथ एक अभिनव संदेश देने का प्रयास भी किया है. हिंदू – मुस्लिम के मध्य सभ्यता और संस्कृति का जो भारतीय मेल मिलाप है वह इस चलचित्र में भली भांति प्रदर्शित हुआ है. जीवन के नैतिक सिद्धांतों से समझौता न करते हुए त्रिपाठी परिवार ने अपने उत्तरदायित्व का जिस प्रकार निर्वहन किया है, वह न केवल अद्भुत है बल्कि प्रेरणादायी भी है जो मानव जीवन के ब्राह्मण तत्व को नये स्वरूप में परिभाषित भी करता है कि किस प्रकार विधर्मी अनाथ बालक को बिना हिचक अपनाने से लेकर असत्य कार्यवाही में हिचक देखने योग्य है. यह मानव मूल्यों का अतिरिक्त सम्मान प्रदर्शन है. हालांकि मित्रता में धोखा, व्यवसायिक प्रतियोगिता जैसी स्थिति भी है परंतु ये भी जीवन के रंग हैं जिनसे बचा नहीं जा सकता है.

मध्य प्रदेश के पास महेश्वर में नर्मदा नदी के किनारे, ओंकारेश्वर, मांडव और इंदौर में अभिनीत यह चलचित्र अपने कलाकारों तथा चमकीले-भड़कीले परंतु मनमोहक भजन के कार्यक्रमों के प्रदर्शन से भी आकर्षित करने में सफल होता है. भजन कुमार के रूप में विकी कौशल पर्याप्त रूप से जमे हैं और अन्य किरदारों का कलाकारों का अभिनय रोचक बन पड़ा है.

भारत एक परिवार

टीका – नया अनुभव, देखने योग्य

Leave a comment

Blog at WordPress.com.

Up ↑