Jhukna Padta hai

राखी पर भाई का फोन न आये
तो बहन को झुकना पड़ता है.

जब भाई के काम भाई न आये
तो सबके सामने झुकना पड़ता है.

मुसीबत में दोस्त मदद को न आए
तो समझौते को झुकना पड़ता है.

जिद्दी अपना बेटा ही जब न माने
तो क्षमा कर खुद झुकना पड़ता है.

खराब रिश्ते, पानी पीने को मांगे
कायम रखने को झुकता पड़ता है.

प्रतिभा से ऊपर चढ़ने को राजी,
सिखाडी चेले को झुकना पड़ता है.

जो न मिले आरक्षण तो क्या हो,
खड़े खड़े ही यात्रा करना पड़ता है.

जो न सीखे दंबगई से बात रखना,
तो गाली खाने को रुकना पड़ता है.

सिद्धांत की बात करो पुरजोर
अन्यथा बिना बात बिकना पड़ता है…

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