चाय के कप में ज़िन्दगी… चाय की ज़िन्दगी या ज़िन्दगी की चाय,रंग रस रास राग से दोनों पहचाने जाय. सुबह से ही नयी तलब जगाती है ज़िन्दगी,अपने होने के अहसास से जगाती है ज़िन्दगी. सुबह से ही चाय की गरमा प्याली जगाती है,नैनो से निहार कर भीतर तक उतर जाती है. पहले घूंट से जीभ... Continue Reading →