शून्यता भली, गिनती से

बारिश में रहोभीगो नहींतपन में रहोजलों नहीं तनहा भले रहोलड़ो नहींमस्ती में रहोसहो नहीं दौड़ते रहोथको नहींयात्रा में रहोपहुंचो नहीं आकाश रहोउड़ो नहींजमीन रहोजुड़ो नहीं भक्त रहोचाहो नहींउम्मीद रखोटूटो नहीं पढ़ो और बढ़ोरुको नहींप्रयास में रहोसमेटो नहीं प्यार में रहोडूबो नहींप्यासे रहोतड़पो नही डूबो भलेउलझो नहींतैरते रहोललचाओ नहीं चैतन्य रहोमगन नहींलीन रहोनशेंमन नहीं यात्री रहो,ठहरो... Continue Reading →

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