Be, in Nothing

रहो, नहीं में रहो… बारिश में रहोभिगो नहींतपन में रहोजलो नहींअकेले भले रहोतन्हा नहींमस्ती में रहोसहो नहींदौड़ते रहोथको नहींयात्रा में रहोपहुंचो नहींआकाश रहोभले उड़ो नहींजमीन रहोजुड़ो नहींभक्त रहोपूजो नहींउम्मीद रखोथामो नहींपढ़ो लिखो बढ़ोरुको नहींप्रयास में रहोआलस में नहींप्यार में रहोडूबो नहींडूबो भलेउलझो नहींतैरते रहोललचाओ नहींचैतन्य रहोमगन नहींलीन रहोनशें में नहींशून्य रहोगिनती में नहींशून्यता भली,गिनती सेबारिश... Continue Reading →

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