पुण्य प्रश्न, पाप प्रश्न पवित्र माह के आते ही एकाधिक सुधिजन अति कर्मकांडी होते जाते हैं. ईश्वर को मोहित करने को ये मलिन मन, अंतर्मन की यात्रा का बहिर्गमन करते हुए प्रकृति के शुभ आशीर्वाद रूपी फूल पत्ती पौधे पर कुछ यूं झूम जाते हैं जैसे पुष्प समर्पण से ही साकार या निराकार ईश्वर के... Continue Reading →