दोंची बचाई के…. इटावा, बुंदेलखंड और ब्रज खण्ड का जोड़ क्षेत्र है जहां बृज और बुंदेली बोली का प्रभाव देखा जाता है. बोली को परिभाषित करें तो भाषा विशेष की शुद्धता के पांडित्य से विचलन है जो आमजन के संवाद की बोलचाल की भाषा बन जाता है. भाषा का वह स्वरूप जो एक छोटे क्षेत्र... Continue Reading →